Tuesday, April 16, 2024
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कमलनाथ और 12 कांग्रेस विधायक, नवजोत सिंह सिद्धू और 3 विधायक,उत्तर प्रदेश में 13 विधायक….., टा टा बाय बाय

नई दिल्ली:
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका मिला है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. कमलनाथ ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दिया है.  पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने बेटे नकुलनाथ के साथ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. इतना ही नहीं, इनके साथ कांग्रेस के करीब एक दर्जन विधायक और पूर्व विधायक भी बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं. कमलनाथ अपने बेटे नकुलनाथ के साथ दिल्ली पहुंचे और उन्होंने कांग्रेस आलाकमान को अपना इस्तीफा सौंप दिया. बताया जा रहा है कि कमलनाथ पार्टी आलाकमान से नाराज चल रहे थे.
मध्य प्रदेश संगठन में फेरबदल और प्रदेश अध्यक्ष पद से कमलनाथ को हटाए जाने के बाद से कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व सीएम कमलनाथ नाराज चल  रहे थे. संभावना जताई जा रही है कि दिल्ली में चल रही भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद भाजपा कई बड़े राजनीतिक धमाके कर सकती है और कई कांग्रेस नेताओं को भाजपा में शामिल कराएगी. हालांकि, भाजपा में शामिल होने को लेकर कमलनाथ ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

अभी-अभी सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर सामने आई है कि पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू 3 विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों से ये भी पता चला है कि कांग्रेस को छोड़ कर सिद्धू 22 फरवरी के बाद भाजपा में शामिल होंगे। सोशल मीडिया पर भी ये खबर वायरल रही है कि सिद्धू भाजपा में 3 विधायकों के साथ शामिल होंगे। फिलहाल ये खबर सूत्रों के हवाले से पता चली है, MNS NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता।
बता दें कि क्रिकेटर से नेता बने सिद्धू  2017 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए थे। उस समय उन्होंने कहा था कि जन्म से ही कांग्रेसी थे, जो अपनी जड़ों में वापस आ गए। आपको ये भी बता दें कुछ समय सें नवजोत सिद्धू अपनी पार्टी के नेताओं से अलग होकर रैलिया निकाल रहे हैं, जिस कारण मौजूदा पंजाब प्रधान राजा वड़िंग सहित कई नेता उन पर भड़के हुए हैं और चेतावनी भी दे चुके हैं।
वहीं नवजोत सिद्धू भी सोशल मीडिया बिना नाम लिए अपना जवाब दे चुके हैं। उन्होंने एक ट्वीट शेयर कर लिखा था कि ‘ना मैं गिरा ना मेरी उम्मीदों का कोई मीनार गिरा… लेकिन मुझे गिराने की कोशिश करके हर शख्स बार-बार गिरा।”  दूसरी बार फिर नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर शायराना अंदाज विरोधियों पर हमला करते हुए लिखा कि, ”अपने खिलाफ बातें मैं अक्सर खामोशी से सुनता हूं. . .जवाब देने का हक, मैंने वक्त को दे रखा है. . .।”

 

समाजवादी पार्टी के भीतर एक महत्वपूर्ण दरार की आशंका है, जिसके उल्लेखनीय संख्या में विधायक दलबदल पर विचार कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव की पार्टी के दस विधायक बीजेपी में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं, जबकि तीन विधायक कांग्रेस में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं. इस संभावित विभाजन को अखिलेश यादव के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, खासकर राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान की गतिशीलता के संबंध में।

बताया जा रहा है कि इंद्रजीत सरोज समेत सपा के आधे से ज्यादा मौजूदा विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं. राज्यसभा चुनाव के दौरान जरूरत पड़ने पर ये विधायक संभावित रूप से एसपी के खिलाफ क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। इसके अलावा, सूत्र बताते हैं कि अमिताभ वाजपेई समेत तीन विधायक कांग्रेस के साथ जाने पर विचार कर रहे हैं। चूंकि ये विधायक आगामी लोकसभा चुनावों में भाग लेने पर नजर गड़ाए हुए हैं, इसलिए वे वर्तमान में अन्य दलों के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
हाल ही में अखिलेश यादव के कई करीबी नेताओं ने पार्टी को चौंकाने वाले झटके दिए हैं. सपा विधायक और अपना दल कमेरावादी नेता पल्लवी पटेल पहले ही पार्टी की रणनीति पर चिंता का हवाला देते हुए राज्यसभा चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन करने से इनकार कर चुकी हैं। राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामांकन के बाद सपा रैंकों के भीतर इस विद्रोह ने गति पकड़ ली। विशेष रूप से, सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने नामांकन विकल्पों के विरोध में पार्टी महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में 10 सीटों पर मुकाबला होगा, जिसमें भाजपा ने आठ उम्मीदवार उतारे हैं और सपा ने तीन उम्मीदवारों को नामांकित किया है, जिनमें जया बच्चन, आलोक रंजन और रामजी सुमन शामिल हैं।

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