Thursday, July 18, 2024
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कांग्रेस की फिर खुल गयी पोल इनकम टैक्स छापे पर,राहुल, खड़गे,माकन और सभी नेताओं की बोलती बंद

कांग्रेस आजकल रोज कुछ ऐसी बात प्रचारित करती है जिससे यह संदेश जाये कि लोकतंत्र खतरे में है और विपक्ष के साथ अन्याय हो रहा है। इसके लिए कांग्रेस की ओर से सुबह-सुबह ऐसा शोर मचा दिया जाता है जिससे सभी लोगों का ध्यान उधर ही खिंचा चला जाता है लेकिन जब सच सामने आता है तो पता चलता है कि मामला तो कुछ और है। ऐसा ही कुछ आज भी हुआ। सुबह-सुबह कांग्रेस ने जो दावा किया उसकी पोल थोड़ी देर में ही खुल गयी जिससे कांग्रेस बगलें झांकती दिखी। हम आपको बता दें कि कांग्रेस ने दावा किया कि आयकर विभाग ने उसके प्रमुख बैंक खाते फ्रीज कर दिए जिससे पार्टी के लिए अपना काम चलाना मुश्किल हो गया। कांग्रेस के इस आरोप के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गये। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने दावा किया था कि लोकसभा चुनाव की घोषणा से कुछ दिनों पहले वर्ष 2018-19 के आयकर रिटर्न को आधार बनाकर पार्टी के कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया तथा उससे 210 करोड़ रुपये की रिकवरी की मांग की गई है। माकन ने यह भी कहा था कि पार्टी की युवा इकाई भारतीय युवा कांग्रेस के खातों पर भी रोक लगाई गई है। कांग्रेस ने कहा कि कुल नौ खाते फ्रीज किए गए।माकन ने शुक्रवार सुबह संवाददाताओं से कहा, “यह जानकर आप लोगों को आश्चर्य और दुख होगा कि भारत में लोकतंत्र पर पूरी तरह से तालाबंदी कर दी गई है। हम लोगों को परसों (14 फरवरी को) यह जानकारी मिली कि हम जो चेक जारी कर रहे हैं, बैंक उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे हैं। जब हम लोगों ने आगे छानबीन की तब पता चला कि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।” उन्होंने दावा किया कि यह कांग्रेस पार्टी के खाते फ्रीज नहीं हुए हैं, बल्कि देश का लोकतंत्र फ्रीज हो गया है। माकन ने सवाल किया, “लोकसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने में जब सिर्फ दो हफ्ते रह गए हैं तो ऐसे समय में कांग्रेस के खाते फ्रीज करके सरकार क्या दिखाना चाहती है?’’ उन्होंने कहा कि कल शाम भारतीय युवा कांग्रेस के खाते भी फ्रीज कर दिए गए। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष ने कहा कि 2018-19 के आयकर रिटर्न के आधार पर 210 करोड़ रुपये की रिकवरी मांगी गई है। उन्होंने दावा किया कि अगर किसी के खाते सील होने चाहिए तो भारतीय जनता पार्टी के होने चाहिए क्योंकि उन्होंने ‘असंवैधानिक’ चुनावी बॉन्ड के जरिए कॉर्पोरेट जगत से पैसे लिए हैं।इसे भी पढ़ें: ‘राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में सभी अमीर लोग थे, गरीब या किसान नहीं दिखाई दिया’, राहुल का मोदी पर सीधा वारउधर, बैंक खातों के फ्रीज किए जाने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए। खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘सत्ता के नशे में चूर, मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के खाते फ्रीज कर दिए हैं। यह लोकतंत्र पर गहरा आघात है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा ने जो असंवैधानिक धन इकट्ठा किया है, उसका इस्तेमाल वे चुनाव में करेंगे, लेकिन हमने क्राउडफंडिंग के जरिए जो पैसा इकट्ठा किया है, उसे सील कर दिया जाएगा। इसीलिए हमने कहा है कि भविष्य में कोई चुनाव नहीं होंगे !’’ खरगे ने कहा, ‘‘हम न्यायपालिका से अपील करते हैं कि इस देश में बहुदलीय व्यवस्था को बचाएं और भारत के लोकतंत्र को सुरक्षित करें। हम सडकों पर उतरेंगे और इस अन्याय व तानाशाही के ख़िलाफ़ पुरज़ोर तरीके से लड़ेंगे।’’वहीं राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘डरो मत मोदी जी, कांग्रेस धन की ताकत का नहीं, जन की ताकत का नाम है। हम तानाशाही के सामने न कभी झुके हैं, न झुकेंगे। भारत के लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर कांग्रेस कार्यकर्ता जी जान से लड़ेगा।’’ दूसरी ओर, आयकर अपीलीय अधिकरण ने अगले सप्ताह सुनवाई होने तक कांग्रेस के खातों पर से रोक हटा दी है। आयकर विभाग के आदेश के खिलाफ अधिकरण के समक्ष उपस्थित हुए पार्टी नेता एवं अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा कि पार्टी को अब अपने बैंक खाते संचालित करने की अनुमति दे दी गई है। अंतिम निर्णय लेने से पहले अधिकरण अगले बुधवार को मामले की सुनवाई करेगा। तन्खा ने कहा कि उन्होंने अधिकरण को बताया कि यदि पार्टी के खाते फ्रीज रहेंगे तो कांग्रेस ‘‘चुनाव के उत्सव’’ में भाग नहीं ले सकेगी। उधर, बाद में अजय माकन ने कहा कि हमारी याचिका पर आयकर विभाग और आयकर अपीलीय अधिकरण ने कहा है कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि 115 करोड़ रुपये बैंक खातों में रखे जाएं… हम उससे ऊपर की राशि भी खर्च कर सकते हैं। इसका मतलब है कि 115 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं। यह 115 करोड़ रुपये की राशि हमारे चालू खाते से कहीं अधिक है।’’हम आपको बता दें कि इस मुद्दे को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन भी किया। युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. की अध्यक्षता में संगठन के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। श्रीनिवास ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय द्वारा चुनावी बॉन्ड को निरस्त किए जाने के बाद केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री गुस्से में हैं। इसी वजह से मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और युवा कांग्रेस के बैंक खातों को चुनाव से ठीक पहले सील कर दिया गया।’’ उन्होंने दावा किया कि आयकर विभाग को भाजपा के खाते सील करने चाहिए क्योंकि उसे ‘असंवैधानिक’ चुनावी बॉन्ड के जरिये हजारों करोड़ रुपये मिले हैं।कांग्रेस के दावों का सच क्या है?आपने कांग्रेस नेताओं के दावे वगैरह सुन लिये अब जानिये सच्चाई क्या है।

सच्चाई यह है कि कांग्रेस भ्रम फैलाने में मास्टर है। दरअसल पूरा मामला यह है कि कांग्रेस पार्टी पर वर्ष 2018-19 के लिए आयकर की बकाया राशि 135 करोड़ रुपए है। इस 132 करोड़ रुपए में 103 करोड़ रुपए आयकर की मूल राशि है और 32 करोड़ रुपए के लगभग ब्याज राशि शामिल है। कांग्रेस पर यह भी आरोप है कि उसने आयकर रिटर्न देरी से फाइल किया था। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर ITAT के समक्ष अपीलें दायर कीं जोकि कानून का अनुपालन करते हुए खारिज होती रहीं। कांग्रेस अब जो आरोप लगा रही है कि उसके खाते फ्रीज कर दिये गये हैं उसका असली सच यह है कि आयकर विभाग ने कांग्रेस के खातों से 115 करोड़ रुपए निकाल कर अपने पैसे की वसूली कर ली है।16/02/2024 को ITAT के समक्ष कार्यवाही के दौरान आयकर विभाग द्वारा यह सूचित किया गया था कि खातों से पैसे निकालकर वसूली करना एक नियमित उपाय है। इसलिए कांग्रेस की ओर से यह कहना कि उसके खातों का संचालन रोक दिया गया है या उसे प्रतिबंधित कर दिया गया है यह पूरी तरह गलत है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी के पास अपनी गतिविधियों के लिए कई और खाते हैं। इस तथ्य पर ITAT का ध्यान आकर्षित किया गया है और इस मामले की सुनवाई 21 फरवरी 2024 को तय की गई है।

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