Monday, June 29, 2026
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उसने कहा मैं मुसलमान हूँ पहले,देश ,नागरिक सब बाद में,बस मिल गया समाजवादी पार्टी का टिकट

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जिन उम्मीदवारों के हत्थे टिकट थमाया है, उसे लेकर शुरू से ही सियासी गलियारों में विवाद रहा। पहले तो उन्होंने चुनावी जीतने की खातिर अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के हाथ में टिकट थमाने से गुरेज नहीं किया, लेकिन जब उनका इससे भी जी न भरा तो उन्होंने अब कट्टरपंथियों को चुनावी मैदान में उतारने का मन बना लिया है। वहीं, सपा प्रमुख के इन फैसलों का बीजेपी समेत अन्य सियासी दलों द्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है, लेकिन अखिलेश यादव का हठ देखिए कि इन विरोधों का उन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। अभी ताजा मामला देवबंद का है, जहां सपा प्रमुख ने माविया अली को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है। विरोध इस बात को लेकर नहीं है कि उन्होंने आखिर माविया अली को क्यों टिकट दिया है। बतौर रहनुमा चुनाव जीतने की खातिर वे जिन्हें चाहे उन्हें टिकट दे सकते हैं।

akhilesh yadav

माविया अली का विवादित बयान 

इससे किसी को कोई एतराज नहीं है और होना भी नहीं चाहिए, लेकिन जब किसी ऐसे व्यक्ति को सपा प्रमुख द्वारा टिकट दिया जाए, जिसने कभी यह कहने से गुरेज नहीं किया था कि पहले वे मुस्लिम हैं, इसके बाद भारतीय हैं, तो फिर आप ही बताइए कि सपा प्रमुख के इस फैसले पर सवाल पूछा जाना चाहिए कि नहीं। जी हां.. देवबंद से सपा प्रत्याशी माविया अली  ही वे शख्स हैं, जिन्होंने पहले कभी ये कहने से गुरेज नहीं किया था कि मैं पहले मुसलमान हूं फिर बाद मैं भारतीय हूं और अब माविया अली को अखिलेश ने चुनाव में जीत दर्ज करने की खातिर टिकट थमाया है। बहरहाल, उनके इस बयान के बाद खूब विवाद देखने को मिला था। कई लोगों ने उनके इस वीडियो को लेकर अपना रोष जाहिर किया था। उनके इस बयान को कट्टरवादी विचार का प्रणेता माना गया था, लेकिन चुनाव जीतने के लिए सपा प्रमुख की हठ देखिए कि उन्होंने ऐसे शख्स को भी चुनाव में टिकट देने से कोई गुरेज नहीं किया।

Akhilesh yadav

माविया अली के समर्थकों में खुशी की लहर

वहीं, सपा प्रमुख द्वारा माविया अली को टिकट दिए जाने से उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। माविया के समर्थकों ने टिकट मिलने की खुशी में जहां एक- दूसरे को मिठाइयां बांटी, तो वहीं कोरोना दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए अपनी खुशी का इजहार भी किया। जिस पर सख्ती बरतते हुए यूपी पुलिस की तरफ से कोरोना  दिशानिर्देशों के उल्लंघन के आरोप में माविया के समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज किया। बहरहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि जिस मकसद के साथ सपा ने देवबंद से माविया अली को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है, उसका उन्हें कितना फायदा मिल पाता है।

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