छिंदवाड़ा में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भड़के विवाद ने मंगलवार देरशाम को शहर का माहौल गरमा दिया। 22 वर्षीय युवती को इंस्टाग्राम कॉल पर युवकों ने खुद को पठान बताते हुए कहा था कि ‘तेरे समाज की चार लड़कियों को चलाता हूं। वो मेरे लिए जहर खाने को तैयार हैं। तुम कहते हो हम रेप करते हैं, तो सुन हां, सही में रेप करता हूं।’ इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हिंदू संगठनों ने प्रस्तावित आंदोलन वापस ले लिया।
कोतवाली थाना निरीक्षक आशीष कुमार के मुताबिक धमकी देने के आरोप में बिलाल, दिलावर और सलमान को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि 16 फरवरी को टी राजा सिंह शहर में आयोजित हिंदू गर्जना रैली में शामिल हुए थे। रैली के दौरान दिए गए उनके बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया। इसके विरोध में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने 23 फरवरी को रैली निकालकर कार्रवाई की मांग की थी।
इसी बीच हिंदूवादी संगठन और श्री रामलीला मंडल के अध्यक्ष अरविंद राजपूत के बयान को एक युवती ने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर साझा किया। आरोप है कि स्टेटस पोस्ट करने के कुछ घंटों बाद युवती को इंस्टाग्राम के जरिए कॉल कर अभद्र भाषा में धमकाया गया। कॉल रिकॉर्डिंग के वायरल होते ही शहर में आक्रोश फैल गया।
मामले को लेकर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोतवाली थाना पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने थाना परिसर स्थित हनुमान मंदिर में बैठकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रशासन को रात 11 बजे तक का अल्टीमेटम भी दिया गया था।
अरविंद राजपूत ने कहा कि छिंदवाड़ा शांति का प्रतीक है, लेकिन बेटियों को धमकाने और शहर का माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके साथ ही संगठनों ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा कर दी। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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