Tuesday, February 24, 2026
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अमेरिका ने भारत के ब्राह्मणों के खिलाफ उगला जहर,हिंदुओं को बांटने की टूल किट की पोल खुली,कांग्रेस राजद समाजवादी सबकी भाषा एक सी,ब्राह्मण निशाने पर

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो उन्हें भारत के खिलाफ भड़काने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं. व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर नवारो रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगातार ही निशाना साध रहे हैं. अब उन्होंने आरोप लगाया है कि भारत में कुछ वर्ग इस रूसी तेल से मुनाफाखोरी कर रहे हैं, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है.

‘कुछ ब्राह्मण…’ ट्रंप के खास नवारो ने फिर उगला भारत के खिलाफ जहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार पीटर ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर एक बार फिर निशाना साधा है.
फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में नवारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस और चीन के साथ बढ़ती नज़दीकियों पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मोदी एक महान नेता हैं, लेकिन मैं समझ नहीं पा रहा कि वह पुतिन और शी जिनपिंग के साथ क्यों खड़े हैं, जबकि वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता हैं. मैं भारत के लोगों से कहना चाहता हूं कि समझिए यहां क्या हो रहा है. कुछ ब्राह्मण अपने फायदे के लिए आम लोगों का नुकसान कर रहे हैं, और इसे बंद होना चाहिए.’

नवारो ने दावा किया कि फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले भारत की रूस से तेल खरीद बहुत ही कम थी, लेकिन इसके बाद भारत ने आयात कई गुना बढ़ा दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूसी कच्चे तेल को खरीदकर रिफाइन करता है और फिर उसे अफ्रीका, यूरोप और एशिया के देशों को ऊंचे दाम पर बेचता है, जिससे सीधे तौर पर ‘रूस की युद्ध मशीन’ को ताकत मिल रही है.

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उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है, जबकि चीन पर भी इतना ही शुल्क लगाया गया है. उन्होंने कहा, ‘अब सवाल यह है कि इसे और कितना ऊपर ले जाना है. लेकिन भारत की बात करें तो हमें केवल यह याद रखना होगा कि फरवरी 2022 से पहले भारत बहुत ही कम मात्रा में रूसी तेल खरीदता था.’

नवारो ने भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ करार दिया और कहा कि भारत की व्यापार नीतियां और सस्ते रूसी तेल की खरीद वैश्विक स्तर पर मास्को की युद्ध वित्तीय व्यवस्था को रोकने की चुनौती बन गई हैं.

‘कुछ ब्राह्मण…’ ट्रंप के खास नवारो ने फिर उगला भारत के खिलाफ जहर

 

 

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार पीटर ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर एक बार फिर निशाना साधा है.
फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में नवारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस और चीन के साथ बढ़ती नज़दीकियों पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मोदी एक महान नेता हैं, लेकिन मैं समझ नहीं पा रहा कि वह पुतिन और शी जिनपिंग के साथ क्यों खड़े हैं, जबकि वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता हैं. मैं भारत के लोगों से कहना चाहता हूं कि समझिए यहां क्या हो रहा है. कुछ ब्राह्मण अपने फायदे के लिए आम लोगों का नुकसान कर रहे हैं, और इसे बंद होना चाहिए.’

नवारो ने दावा किया कि फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले भारत की रूस से तेल खरीद बहुत ही कम थी, लेकिन इसके बाद भारत ने आयात कई गुना बढ़ा दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूसी कच्चे तेल को खरीदकर रिफाइन करता है और फिर उसे अफ्रीका, यूरोप और एशिया के देशों को ऊंचे दाम पर बेचता है, जिससे सीधे तौर पर ‘रूस की युद्ध मशीन’ को ताकत मिल रही है.

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उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है, जबकि चीन पर भी इतना ही शुल्क लगाया गया है. उन्होंने कहा, ‘अब सवाल यह है कि इसे और कितना ऊपर ले जाना है. लेकिन भारत की बात करें तो हमें केवल यह याद रखना होगा कि फरवरी 2022 से पहले भारत बहुत ही कम मात्रा में रूसी तेल खरीदता था.’

नवारो ने भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ करार दिया और कहा कि भारत की व्यापार नीतियां और सस्ते रूसी तेल की खरीद वैश्विक स्तर पर मास्को की युद्ध वित्तीय व्यवस्था को रोकने की चुनौती बन गई हैं.

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