झारखंड के साहिबगंज जिले में पत्नी की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार (17 दिसंबर) को दिलदार अंसारी नाम के शख्स को गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता की पहचान रुबिका पहाड़ी नाम की 22 वर्षीय आदिवासी महिला के रूप में हुई है। मामला तब सामने आया जब साहिबगंज के बोरियो संथाली इलाके में आंगनबाड़ी केंद्र के पीछे पीड़िता के शरीर के 12 टुकड़े मिले। शनिवार शाम इस घटना की भनक तब लगी जब किसी शख्स ने आंगनबाड़ी केंद्र के पीछे एक महिला के पैर और सीने के कटे टुकड़े को कुत्ते को नोच-नोचकर खाते देखा। पुलिस ने आरोपी पति दिलदार अंसारी (Dildar Ansari) को गिरफ्तार कर लिया है। अब इस वारदात के सामने आने के बाद पुलिस का बयान भी सामने आया है। पुलिस ने बताया कि आखिर दिलदार ने इस घटना को क्यो ये दिया?
मृतिका का कटा हुआ सिर और शरीर के कुछ अन्य हिस्से अभी तक पुलिस को नहीं मिल पाए हैं। पुलिस दिलदार को गिरफ्तार कर के पूछताछ कर रही है। गाँव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
दिलदार अंसारी की रेबिका पहाड़िन (22) के साथ शादी करना उसके परिवारवालों को नागवार गुजरा. इस कारण परिवार के सभी सदस्यों व रिश्तेदारों ने मिलकर शुक्रवार की देर रात धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी. साक्ष्य छुपाने के लिए शव को 25 से अधिक टुकड़ों में काटकर बोरे में बंद किया और एक बंद पड़े घर में फेंक दिया. अब तक शरीर के 18 टुकड़ों को पुलिस ने बरामद किया है. सिर की तलाश की जा रही है.
घटना की जानकारी देते हुए डीआइजी सुदर्शन मंडल ने बताया कि बोरियो में हुए ‘रेबिका पहाड़िन हत्याकांड’ में प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने उसके पति दिलदार अंसारी, सास मरियम खातून और मरियम के भाई मोइनुल हक समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. एक अन्य आरोपी जबकि, मोइनुल अंसारी फरार है. पुलिस शव के सिर सहित अन्य अंगों की तलाश के लिए डॉग स्क्वायड की मदद ले रही है.
झारखंड के साहेबगंज में दिल्ली की श्रद्धा हत्याकांड जैसा ही मामला सामने आया है। यहाँ आदिम जनजाति की 22 वर्षीय रिबिका पहाड़िन नाम की एक लड़की को मार कर उसके 50 से ज्यादा टुकड़े कर दिए गए हैं। बाद में शव के टुकड़ों को अलग-अलग हिस्सों में फेंक दिया गया। माँस के लोथड़ों को कुत्ते निवाला बना रहे थे। इस निर्मम क़त्ल का आरोप दिलदार अंसारी पर लगा है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना शनिवार (17 दिसंबर 2022) की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना लोगों की जानकारी में तब आई जब बोरियो थानाक्षेत्र के संताली पंचायत के मोमिन टोला में कुछ ग्रामीणों ने इंसानी शव के टुकड़े बिखरे देखे। इन टुकड़ों को कुत्ते नोच कर खा रहे थे। आँगनबाड़ी केंद्र के पास पड़े इन टुकड़ों में पैर और सीने के हिस्से थे। आखिरकार लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर लाश के बिखरे हिस्सों को कब्ज़े में लिया और जाँच शुरू कर दी।
जाँच के दौरान पुलिस ने शव की शिनाख्त करवाई। लाश जनजातीय समुदाय की महिला रिबिका पहाड़िन की निकली। इस बीच पुलिस को महिला के प्रेमी दिलदार अंसारी पर शक हुआ। पुलिस ने दिलदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कुछ ही देर में उसने सच उगल दिया। बताया जा रहा है कि मृतका रिबिका 25 साल के दिलदार अंसारी की दूसरी पत्नी थी। कई वर्षों तक मिलने-मिलाने के बाद दोनों ने 10 दिनों पहले ही निकाह किया था। दिलदार और रिबिका में आए दिन झगड़े होते थे इसलिए उसने ये कदम उठाया।
लाश को टुकड़ों में काटने के लिए दिलदार ने लोहा काटने वाली मशीन (इलेक्ट्रिक कटर) का प्रयोग किया था। पुलिस को कत्ल में प्रयोग हुआ हथियार दिलदार के मामा मो. मोईनुल के घर से मिला। घटना के बाद मोईनुल अंसारी फरार है। इसी मामले में दिलदार के परिजन मोहम्मद मुस्तकीम, उनकी बीवी मरियम खातून, दिलदार की पहली पत्नी गुलेरा, दिलदार के भाई अमीर अंसारी, महताब अंसारी और दिलदार की बहन शारेजा खातून को भी हिरासत में लिया गया है। इन सभी से पूछताछ चल रही है।
पुलिस दिलदार अंसारी की निशानदेही पर लाश के अन्य टुकड़े बरामद करने में जुट गई। पुलिस ने रिबिका के शरीर के कुछ अन्य हिस्से आँगनबाड़ी केंद्र से लगभग 300 मीटर दूर एक बंद पड़े घर से बरामद किए। यह घर मांझटोला इलाके में पड़ता है। ये हेमंती मुर्मू का है जिसे दिलदार ने 2 हजार रुपए प्रतिमाह के भाड़े पर लिया था। यहीं पर वो लगभग 1 हफ्ते मृतका को अपने साथ रखा था। लाश को बोरे में भर कर फेंका गया था। मृतका का कटा हुआ सिर और शरीर के कुछ अन्य हिस्से अभी तक पुलिस को नहीं मिल पाए हैं। पुलिस दिलदार को गिरफ्तार कर के पूछताछ कर रही है। गाँव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।






