Wednesday, April 29, 2026
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नुपुर शर्मा की सुरक्षा बड़ाई,कोई भी जाहिल जिहादी कर सकता हमला,बात जमाने के चक्कर में

भाजपा से निलंबित नूपुर शर्मा को मिली जान से मारने की धमकी, एफआइआर दर्ज कर दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

नूपुर शर्मा को पैगंबर मोहम्मद को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद जान से मारने की कई धमकियां मिल रही हैं। उसको लेकर उन्होंने दिल्ली पुलिस में शिकायत कर एफआइआर दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को मिल रहीं जान से मारने की धमकियां।

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा को पैगंबर मोहम्मद को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद जान से मारने की कई धमकियां मिल रही हैं। उसको लेकर उन्होंने दिल्ली पुलिस में शिकायत कर एफआइआर दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पिछले हफ्ते नुपूर शर्मा ने सीपी दिल्ली को ईमेल के जरिए शिकायत की थी कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। सीपी ने स्पेशल सेल के साइबर क्राइम यूनिट को मेल भेजकर केस दर्ज कर जांच करने को कहा था। जिसके बाद साइबर सेल ने केस दर्ज कर लिया था। दिल्ली पुलिस ने नुपूर शर्मा की सुरक्षा भी बढ़ा दी है।

एक टीबी डिबेट के दौरान नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद पर विवादास्पद टिप्पणी कर दी थी। जिसके बाद देशभर में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी। इसके कुछ दिनों बाद अरब देशों में भाजपा और नूपुर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी थी। विवादास्पद टिप्पणी ने कुछ देशों में भारतीय उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान करते हुए एक ट्विटर ट्रेंड को भी जन्म दिया।

भाजपा ने नूपुर शर्मा पर की कार्रवाई

पार्टी की अनुशासन समिति के सचिव ओम पाठक की ओर से नूपुर शर्मा को भेजे गए एक पत्र में कहा गया है कि उन्होंने विभिन्न मामलों पर पार्टी की स्थिति के विपरीत विचार व्यक्त किए हैं, जो इसके संविधान का स्पष्ट उल्लंघन है। इसमें कहा गया है कि आगे की जांच के लिए आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी से और आपकी जिम्मेदारियों और असाइनमेंट से निलंबित किया जाता है।

कार्रवाई के बाद नूपुर शर्मा ने कहा

ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक बयान में नूपुर शर्मा ने कहा कि मैं पिछले कई दिनों से टीवी डिबेट में शामिल हो रही हूं, जहां भगवान शिव का लगातार अपमान और अपमान किया जा रहा था। मजाक में कहा जा रहा था कि यह शिवलिंग नहीं बल्कि एक फव्वारा है। शिवलिंग था दिल्ली में सड़क के किनारे लगे संकेतों और डंडों से इसकी तुलना करके उपहास किया जा रहा है। वह स्पष्ट रूप से वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद में एक शिवलिंग की उपस्थिति के बारे में हिंदू समूहों के दावों का जिक्र कर रही थी। उन्होंने कहा कि अगर मेरे शब्दों से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है या किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं बिना शर्त अपना बयान वापस लेती हूं। किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मेरा इरादा कभी नहीं था।

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