Wednesday, May 6, 2026
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मिलिए उससे जिसने एक तरफ नवजोत सिंह सिद्धू,एक तरफ मजीठिया को पटक दिया

 

जीवन ज्योत कौर अमृतसर ईस्ट सीट से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार हैं. जीवन ज्योत ने चुनाव नतीजों से पहले ट्वीट किया था,

‘कांग्रेस और अकाली दल के दो बड़े नेता अमृतसर ईस्ट सीट पर मैच फिक्स करने के लिए फाइव स्टार होटल में मिले. जितनी फिक्सिंग करना चाहते हैं उतनी कर लें..आप दोनों की हार निश्चित है.’

जीनव ज्योत कौर ने कहा था कि मजीठिया और सिद्धू एक-दूसरे से लड़ाई करने में व्यस्त हैं, वो अपने बयानों में मतदाताओं की बात नहीं करते हैं. ये जीवन ज्योत का पहला चुनाव था, उन्हें पंजाब की जेलों में बंद महिलाओं को सैनिटरी पैड बांटे थे. इस कार्यक्रम के चलते उन्हें पैड वुमन के नाम से जाना जाता है.

कौन-कौन था मुकाबले में?

अमृतसर ईस्ट निर्वाचन क्षेत्र काफी हद तक एक शहरी सीट है. 1972 में इस सीट का डी-लिमिटेशन (परिसीमन) हो गया था. इसके बाद ये सीट वापस 2012 में अस्तित्व में आई. 2017 में नवजोत सिंह सिद्धू इस सीट से विधायक चुने गए थे. तब उन्होंने भाजपा के राजेश कुमार हनी को 40,000 से अधिक वोटों से हराया था. इस बार के चुनाव में सिद्धू के विरुद्ध SAD के बिक्रम सिंह मजीठिया, आम आदमी पार्टी की जीवनज्योत कौर और भाजपा से पूर्व आईएएस अधिकारी जगमोहन सिंह राजू ने दावेदारी पेश की थी. 2012 में इसी सीट से नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने भाजपा के टिकट पर निर्दलीय प्रत्याशी सिमरप्रीत कौर को 7,000 वोटों के अंतर से हराया था.
अमृतसर ईस्ट सुर्खियों में तब आया, शिरोमणी अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने अपने साले और मजीठा से तीन बार के विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया को नवजोत सिंह सिद्धू के ख़िलाफ़ खड़ा कर दिया. पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने अपनी होम सीट मजीठा छोड़ी, तो उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठिया ने पर्चा भर दिया, जो 25,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत गई हैं.

सिद्धू और मजीठिया एक-दूसरे के ख़िलाफ़ खूब बोल रहे, लेकिन एक समय पर रीजनीतिक ऐलाई थे

Amritsar East पर दावेदारी के बाद से ही सिद्धू और मजीठिया, दोनों सार्वजनिक मंचों से एक-दूसरे के खिलाफ तल्ख़ टिप्पणियां कर रहे थे. हालांकि, ये तल्ख़ी बहुत पुरानी नहीं है. सिद्धू और मजीठिया ने पहले एक-दूसरे का राजनीतिक समर्थन किया है. 2007 में बिक्रम सिंह मजीठिया पहली बार विधायक बने थे. तब सिद्धू ने मजीठिया के लिए प्रचार किया था. उसी साल सिद्धू उपचुनाव जीतने के बाद लगातार दूसरी बार भाजपा से सांसद बने थे. 2009 के लोकसभा चुनाव में अपनी जीत के बाद सिद्धू ने मजीठा के तत्कालीन विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया को अपनी जीत के लिए विशेष रूप से धन्यवाद दिया था.

चुनावी मुद्दे क्या रहे?

बेरोजगारी और नशा मुक्ति पंजाब के लगभग हर क्षेत्र का मुद्दा है. ज़ाहिर है अमृतसर ईस्ट इससे प्रभावित है. इसके अलावा, ड्रेनेज सिस्टम अमृतसर ईस्ट के लोगों के लिए एक बड़ी समस्या है. यहां खुले नाले का एक बड़ा हिस्सा नगर निगम ने कवर करवाया है. कांग्रेस सरकार ने नाले के बचे हुए हिस्से को कवर करवाने का वादा किया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई काम शुरू नहीं हुआ है. वादा न पूरा करने की वजह से लोकल निवासी कांग्रेस सरकार की आलोचना करते रहे हैं. जानकारों का कहना था कि 2022 के चुनाव में इस मुद्दे का असर परिणामों पर पड़ सकता है.

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