उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित ताजमहल परिसर में ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ सहित अन्य भारत विरोधी नारे लगाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि नारेबाजी करने वालों में कुछ अराजक तत्व शामिल थे, जिन्हें पकड़ कर लोगों ने उनकी धुनाई कर दी। असल में मंगलवार (1 मार्च, 2022) को शाहजहाँ के उर्स (दरगाह पर होने वाली ‘सूफी संतों’ की मृत्यु की बरसी) का मौका था और इस अवसर पर लोगों को ताजमहल में मुफ्त एंट्री की सुविधा दी गई थी। उर्स के अंतिम दिन तीसरे पहर में ये घटना हुई।
सुरक्षाकर्मियों ने भी भारत विरोधी नारा लगाने वालों को तुरंत पकड़ा और उनकी पिटाई की। ताजमहल में इस दिन कई पर्यटक पहुँचे और उधर जाने वाले रास्ते लोगों से भरे पड़े थे। भीड़ के कारण स्मारक के परिसर में पेअर रखने की भी जगह नहीं बची थी। इतनी भीड़ में सुरक्षाकर्मियों के लिए हैकिंग भी संभव नहीं थी। सुरक्षाकर्मियों ने इस काम में मदद के लिए वॉलंटियर्स भी लगाए थे, लेकिन भीड़ के सामने सब लाचार नजर आए। इसी बीच दो युवक देश विरोधी नारेबाजी करने लगे।
सेन्ट्रल टैंक के पास एक युवक ने ‘भारत मुर्दाबाद’ का नारा लगा दिया। वो फिरोजपुर का रहने वाला है। CISF के जवान मौके पर ही मौजूद थे और उन्होंने उसे पकड़ कर उसकी पिटाई की। कुछ ही दूसरी पर एक अन्य युवक ने ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ का नारा लगा दिया। जवानों ने उसे भी जम कर धुना। असल में स्थिति ये थी कि CISF वाले इनकी पिटाई नहीं करते तो वहाँ मौजूद लोग ही उसकी जम कर पिटाई करते और कुछ भी हो सकता था। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति फरार भी है।
इस दौरान भीड़ इतनी बेकाबू हो गई कि पुलिस को लाठियाँ भी चटकानी पड़ी। ताजमहल के बाहर और अंदर इतनी भीड़ थी कि बच्चे खो जा रहे थे। कई बच्चों को रोते हुए देखा गया। सुरक्षाकर्मी सीटी बजा-बजा कर लोगों को समझा रहे थे। आरोपितों के खिलाफ शांति भंग करने की धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। ताजगंज पुलिस उन्हें ले गई है। आरोपितों में से एक सोहैल के अब्बा का नाम इदरीश है और और गालिबपुरा के नाई मंडी का रहने वाला है। इसी तरह 2019 में चादरपोशी के दौरान आए एक युवक ने उर्स के दौरान ही पाकिस्तान समर्थित नारेबाजी की थी।





