Wednesday, February 25, 2026
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चुनाव विश्लेषण : माँ, बेटा, बेटी की पार्टी अब लड़ रही अस्तित्व की लड़ाई

मध्यप्रदेश की जोबट सीट पर भाजपा प्रत्याशी सुलोचना रावत ने 6 हजार मतों से जीत हासिल कर ली है।पश्चिम बंगाल में चारों सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल कर ली है। राजस्थान में कांग्रेस ने धारियावद और वल्लभनगर विधानसभा सीटें जीत ली है।

मप्र की खंडवा सीट पर भाजपा के ज्ञानेश्वर पाटिल ने कांग्रेस उम्मीदवार राजनारायण सिंह को 77 हजार वोटों से हरा दिया। वहीँ हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने भाजपा उम्मीदवार ब्रिगेडियर खुशहाल सिंह को 8766 मतों से हरा दिया है। मप्र की खंडवा सीट पर भाजपा के ज्ञानेश्वर पाटिल कांग्रेस उम्मीदवार राजनारायण सिंह से 77 हजार वोटों से आगे है।

ये है हाल –

लोकसभा –

राज्य सीट जीत हार विजयी प्रत्याशी
मप्र खंडवा भाजपा कांग्रेस ज्ञानेश्वर पाटिल
हिमाचल प्रदेश मंडी कांग्रेस भाजपा प्रतिभा सिंह
दादरा व नगर हवेली दादरा व नगर हवेली शिवसेना भाजपा

विधानसभा –

राज्य सीट जीत /आगे हार/पीछे विजयी प्रत्याशी
मप्र जोबट भाजपा कांग्रेस सुलोचना रावत
मप्र रैगांव कांग्रेस भाजपा
मप्र पृथ्वीपुर भाजपा कांग्रेस
बिहार कुशेश्वर स्थान जेडीयू राजद अमन भूषण हजारी
बिहार तारापुर राजद जेडीयू
हिमाचल प्रदेश जुब्बल-कोटखाई कांग्रेस भाजपा रोहित ठाकुर
हिमाचल प्रदेश फतेहपुर कांग्रेस भाजपा भवानी सिंह पठानिया
हिमाचल प्रदेश अर्की कांग्रेस भाजपा संजय अवस्थी
राजस्थान धरियावाड़ कांग्रेस भाजपा नागराज मीणा
राजस्थान वल्लभनगर कांग्रेस आरएलपी
हरियाणा ऐलनाबाद इनेलो भाजपा
पश्चिमबंगाल दिनहाटा टीएमसी भाजपा
पश्चिमबंगाल शांतिपुर टीएमसी भाजपा
पश्चिमबंगाल गोसाबा टीएमसी भाजपा
पश्चिमबंगाल खरदा टीएमसी भाजपा
असम गोसाईंगांव यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी कांग्रेस निर्दलीय
असम भवानीपुर भाजपा कांग्रेस भाजपा प्रत्याशी
असम तामुलपुर यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी
असम मरियानी भाजपा कांग्रेस भाजपा प्रत्याशी

 

असम में पिछले मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का कार्यकाल भी अच्छा रहा था और अब फायरब्रांड नेता के रूप में हिमंता बिस्वा सरमा अपनी विश्वसनीयता व लोकप्रियता साबित कर रहे हैं। असम में 5 सीटों पर उपचुनाव हुए और उन सभी पर भाजपा व उसकी सहयोगी पार्टी को जीत मिली है। कॉन्ग्रेस के लिए यहाँ से काफी बुरी खबर आई है, क्योंकि वो सभी सीटों पर लड़ी थी और पिछली बार के मुकाबले इस बार हर सीट पर जीत का अंतर ज्यादा रहा। पूर्वी असम कभी उसका गढ़ हुआ करता था, आज वहाँ भी दुर्गति हुई।

भाजपा ने तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और उसकी सहयोगी पार्टी ‘यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL)’ ने 2 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे। बोडोलैंड प्रदेश में उसे दो सीटें लड़ने के लिए दी गई थीं। भाजपा के जिन तीन उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, वो तीनों किसी अन्य दल से आए थे। इनमें से दो कॉन्ग्रेस छोड़ कर आए थे तो एक ने ‘ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट’ छोड़ कर कमल छाप का दामन थामा था। जोरहाट जिले मरियानी सीट पर रूपज्योति कुर्मी ने 62.38% वोट पाए, जो इस चुनाव का सर्वाधिक है।

ये नागालैंड की सेमा पर ही स्थित इलाका है, ऐसे में इस जीत का असर वहाँ भी पड़ेगा। इसी जिले के थौरा से सुशांता बोरगेहेन ने 61.99% वोट पाए। कोकराझार के भवानीपुर में फणीधर तालुकदार को 56.41% मत प्राप्त हुए। मरियानी और थौरा – ये दोनों ही सीटें पूर्वी असम में हैं। थौरा में तो कॉन्ग्रेस मात्र 6.65% वोटों पर सिमट गई। पश्चिमी असम के तमलपुर विधानसभा क्षेत्र में भी 5.41% वोटों के साथ कॉन्ग्रेस का प्रदर्शन धड़ाम से गिरा। गोसाईगाँव में वो 20.58% वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।

अब 126 सदस्यीय असम विधानसभा में भाजपा की 62 सीटें हो गई हैं और उसकी सहयोगी UPPL की 7 सीटें। मेघालय में पहले मॉरिंगकैंग (Mawryngkneng) और राजबाला विधानसभा सीटों पर कॉन्ग्रेस का कब्ज़ा था, लेकिन पार्टी ने अब ये दोनों गँवा दिए हैं। मौफ्लँग सीट पर भी उसे हार का सामना करना पड़ा। एउजेनेसन लिंगदोह यहाँ से विजयी हुए, जो भारत के लोकप्रिय फुटबॉलर रहे हैं। वो UDP विधायक इसके सन्न के बेटे हैं, जिनके निधन से ये सीट खली हुई थी।

इस तरह अब वहाँ NPP के पास 23 और UDP के पास 7 विधायक हैं। ये दोनों ही भाजपा के गठबंधन का हिस्सा हैं। मिजोरम के ट्युइरियल सीट पर MNF ने कब्ज़ा जमाया। कॉन्ग्रेस यहाँ तीसरे स्थान पर रही। पहले इस सीट पर जोरम्स पीपल्स मूवमेंट का कब्ज़ा था। इसी तरह नागालैंड के शमतोर-चेस्सोर विधानसभा सीट पर बिना चुनाव के ही भाजपा की सहयोगी पार्टी NDPP की जीत हुई थी। इस तरह उत्तर-पूर्व अब पूरी तरह ‘कॉन्ग्रेस मुक्त’ होने की ओर अग्रसर है।

तेलंगाना में भाजपा का शानदार प्रदर्शन, दक्षिण में मजबूत

इसी तरह तेलंगाना में भाजपा और सत्ताधारी TRS के बीच दिन भर काँटे की टक्कर चली। अंत में करीमनगर के हुजुरबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के एटला राजेंद्र ने जीत दर्ज की। उन्होंने अपनी पत्नी जमुना के साथ काउंटिंग सेंटर जाकर जीत का सर्टिफिकेट प्राप्त किया। वो कभी मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के करीबी और उनकी सरकार में मंत्री रहे हैं। ये लड़ाई दोनों के कद के बीच एक टक्कर भी थी। 22 राउंड की गिनती के बाद TRS के गिल्लू श्रीनिवास यादव को उन्होंने 23,855 वोटों से हराया।

भाजपा उम्मीदवार को जहाँ 1,06,780 वोट मिले, TRS को 82,712 मत प्राप्त हुए। उत्तर पूर्व की तरह यहाँ भी कॉन्ग्रेस की बात न ही की जाए तो अच्छा है, जो तीसरे स्थान पर रही। पार्टी को 3012 वोटों से संतोष करना पड़ा और उसकी जमानत जब्त हो गई। इससे न सिर्फ ये पता चल रहा है कि राज्य में मुख्यमंत्री KCR की सरकार के विरुद्ध असंतोष बढ़ रहा है, बल्कि हुजुरबाद में कभी नगण्य रही भाजपा के कैडर में भी अब इजाफा होने लगा है।

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