अफगानिस्तान में तालिबान की बर्बरता पत्रकारों पर भी कम नहीं है। खबर है कि एतिलात्रोज़ (Etilaatroz) से जुड़े दो पत्रकार- तकी दरयाबी (Taqi Daryabi) और नेमातुल्लाह नक़दी (Nematullah Naqdi) को तालिबान ने बेरहमी से मारा है। दोनों पत्रकार महिलाओं का प्रदर्शन कवर करने मौके पर पहुँचे थे। इसी बीच तालिबानियों ने दोनों को पकड़ा और अंधाधुंध पीटा। पत्रकारों की पीठ पर केबल की तार और डंडों के निशान पाए गए हैं। दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पत्रकार पश्चिमी काबुल के कार्ट-ए-चार (Kart-e-Char) इलाके में महिलाओं के उस प्रदर्शन को कवर करने पहुँचे थे जिसका मुद्दा नई सरकार में महिलाओं की भागीदारी न होने को लेकर था। इसी दौरान तालिबानियों ने पत्रकारों को पकड़ा और बंधक बनाकर उनसे मारपीट की। दोनों को 4 घंटे बाद छोड़ा गया। वहीं बाकी भी पत्रकार पकड़े गए थे उनको भी तालिबान ने बाद में रिहा कर दिया।
बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान की एंट्री के बाद मानवाधिकारों का उल्लंघन धड़ल्ले से हो रहा है। कई पत्रकार अब तक उनका निशाना बन चुके हैं। डीडब्ल्यू से जुड़ी एक पत्रकार की रिश्तेदार को कुछ समय पहले गोली मार दी गई थी। वजह यही थी कि तालिबानी उस पत्रकार को ढूँढ रहे थे। लेकिन न मिलने पर रिश्तेदार को मौत के घाट उतार दिया। जानकारी के मुताबिक, अब तक 3 DW पत्रकारों के घरों पर छापेमारी हो चुकी है। इसके अलावा जलालाबाद के प्रदर्शन में भी पत्रकार तालिबान के निशाने पर आए थे। फिर सीएनएन पत्रकारों पर भी तालिबान ने हमला किया था।





