Wednesday, April 29, 2026
Uncategorized

5 राज्यों में चुनावों के मद्देनजर राहुल गांधी की,मां वैष्णव देवी यात्रा

सांसद राहुल गांधी के आगामी दो दिवसीय दौरे की तैयारियों के लिए प्रदेश कांग्रेस जुट गई है। दौरे को सफल बनाने के लिए विभिन्न प्रबंधन कमेटियों का गठन किया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को बैठक कर तैयारियों और योजना पर चर्चा की। पार्टी नेताओं ने कई आयोजन स्थलों का भ्रमण भी किया। राहुल गांधी का 9 सितंबर को जम्मू में पहुंचकर वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए पैदल यात्रा पर जाना प्रस्तावित है, जिसके बाद अगले दिन वह जम्मू में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं, पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों से मिलेंगे।

अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद राहुल का जम्मू में ऐसा पहला दौरा है। इससे पहले राहुल गत अगस्त में कश्मीर के दौरे पर रहे। राहुल के दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रभारी रजनी पाटिल का मंगलवार को जम्मू पहुंचना प्रस्तावित है। राहुल के समक्ष रखे जाने वाले मुद्दों और सुझावों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
राहुल पार्टी की गतिविधियों को लेकर पार्टी नेताओं से फीडबैक लेंगे। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि दिल्ली से अभी राहुल गांधी के दौरे का फाइनल शेड्यूल नहीं भेजा गया है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस पूरी तैयारियां कर रही है। राहुल गांधी माता वैष्णो देवी के भवन में भी रुक सकते हैं। कोविड प्रोटोक\ल के तहत राहुल के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के संवाद को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी जम्मू (अर्बन) की सोमवार को हुई बैठक में राहुल गांधी के दौरे के दौरान शहर को उत्सव की तरह सजाने का फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ नेता योगेश साहनी ने कहा कि डीसीसी कार्यकर्ता पूरे शहर को उत्सव की तरह सजाएंगे। इसमें रोटरी और शहर के विभिन्न कोनों में सजावट की जाएगी। राहुल के दौरे से पार्टी कैडर में नई ऊर्जा का सृजन होगा। वह पार्टी कार्यकर्ताओं से रूबरू होकर पार्टी को मजबूत करने की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। जम्मू कश्मीर को भाजपा नेतृत्व ने राज्य का दर्जा निरस्त करने के बाद छोड़ दिया है। इसका खामियाजा जम्मू को भुगतना पड़ रहा है। राहुल के समक्ष जम्मू कश्मीर के वर्तमान परिदृश्य के साथ अन्य मुद्दों को उठाया जाएगा।
राहुल के दौरे के दौरान प्रदेश कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं को एक साथ लाना पार्टी नेतृत्व के चुनौती होगी। इससे पहले जम्मू कश्मीर मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल और दूसरे अन्य शीर्ष नेताओं के कार्यक्रमों से पार्टी के एक धड़े से कई वरिष्ठ नेता गायब रहे हैं।

Leave a Reply