अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में रविवार को एक और धमाके ने सनसनी फैल गई। शुरुआत में इसे आतंकी हमला समझा गया, लेकिन अमेरिका ने कि यह उनका सैन्य अभियान था। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट के खुरासान मॉड्यूल के आतंकवादियों को निशाना बनाया है। सेना ने इसे आत्मरक्षा में किया गया हमला बताया है।
इससे पहले न्यूज एजेंसी एपी ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि यह रॉकेट उस गाड़ी पर दागा गया जिसमें इस्लामिक स्टेट के कई फिदायीन हमलावर थे और काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी नागरिकों पर हमला करने वाले थे। तालिबान ने भी यही कहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस्लामिक स्टेट खुरासान के आतंकी को निशाना बनाने के लिए रॉकेट दागा गया, यह आतंकी संगठन पश्चिमी देशों और तालिबान दोनों का दुश्मन है और गुरुवार को एयरपोर्ट के पास हुए हमले का जिम्मेदार है। उस फिदायीन हमले में 13 अमेरिकी सैनिक के अलावा 150 से अधिक लोग मारे गए।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वह शुरुआती जानकारी दे रहे हैं और इसमें कुछ बदलाव हो सकता है। सोशल मीडिया पर सामने आए फुटेज में दिख रहा है कि एक रिहायशी इलाके में मकानों के ऊपर काला धुआं उठ रहा है। लोग गलियों में भागते हुए दिख रहे हैं। अमेरिका ने यह हमला ऐसे समय पर किया जब उसके सैनिक और नागरिक अब भी काबुल में मौजूद हैं, जो 31 अगस्त तक वहां से निकल जाएंगे।
15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के कब्जे के साथ ही भारत सहित अधिकतर देशों ने वहां अपने दूतावास को बंद कर दिया और नागरिकों की वापसी शुरू कर दी। काबुल एयरपोर्ट पर उसी दिन से हजारों अफगान नागरिक भी जुट गए हैं, जो तालिबान के खौफ की वजह से देश छोड़कर भाग जाना चाहते हैं। आलम यह है कि कुछ लोग तो एक अमेरिकी विमान के बाहरी हिस्से में भी लटक गए थे जो विमान के उड़ते ही गिर पड़े और मारे गए।
RPG rocket fells on a house near #Kabul airport. pic.twitter.com/k0rezmwtJZ
— Barzan Sadiq (@BarzanSadiq) August 29, 2021





