क्लबहाउस चैट के दौरान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के संबंध में दिए अपने बयान में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश पुलिस की राज्य साइबर सेल में शिकायत की है। दिग्विजय ने अपने बयान को संपादित कर ट्विटर पर वायरल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जो बयान वायरल हुआ था, वैसा उन्होंने नहीं कहा था। गौरतलब है कि वायरल हुए वीडियो में दिग्विजय कहते दिख रहे थे कि कांग्रेस यदि सत्ता में आई तो जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली पर विचार किया जाएगा।
उनके इस बयान पर देशभर में भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। कांग्रेसी भी दिग्विजय के बचाव में एकजुट नहीं दिखे थे। दिग्विजय सिंह द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार 12 जून को एक पोस्ट डाली गई थी कि शीघ्र ही क्लबहाउस लीक्स एडमिन एक पोस्ट एडिट (संपादित) कर प्रसारित करने वाले हैं। इसके बाद एक पोस्ट डाली गई, जिसमें लिखा गया था कि मैंने कहा है, कांग्रेस के सत्ता में आने पर अनुच्छेद 370 को फिर से लागू करने पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कथन मेरे द्वारा नहीं कहा गया। यह मेरी छवि खराब करने का षड्यंत्र है। इस पर कार्रवाई की जाए। बाद में मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि मेरे कथन को तोड़-मरोड़कर मेरे खिलाफ गलत माहौल बनाया गया। इसलिए आइटी एक्ट के तहत पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि संपादित वीडियो जारी करने वालों के साथ उन लोगों पर भी एफआइआर दर्ज की जानी चाहिए, जिन्होंने उसे रिट्वीट किया। क्लबहाउस चर्चा को लीक नहीं कर सकता है। उन्हें भी नोटिस दे रहा हूं। ट्विटर को भी नोटिस दिया है।
एक सवाल के जवाब में राज्यसभा सदस्य ने कहा कि केंद्र और राज्य में सरकार भाजपा की है। यदि मैं तालिबानी हूं या मेरा संबंध आतंकवादियों से है तो मेरे खिलाफ प्रकरण दर्ज क्यों नहीं किया गया? केंद्र सरकार तालिबानियों से संपर्क कर रही है तो भाजपा नेता उस पर क्यों नहीं बोल रहे हैं? यह है क्लबहाउस क्लबहाउस एक सोशल नेटवìकग ऐप है, जो आडियो चैट पर आधारित है। कोई भी इसका इस्तेमाल तब तक नहीं कर सकता, जब तक कि दूसरा यूजर आमंत्रण नहीं भेजे।





