Tuesday, April 28, 2026
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ओवैसी ने कहा शिवसेना से,मांगना है तो मांगने वालों की तरह मांगो

महाराष्ट्र की राज्य सभा की छह सीटों के लिए 10 जून को चुनाव है. ऐसे में एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi AIMIM) ने अब तक अपना रुख साफ नहीं किया है. उन्होंने अपनी पार्टी का रुख साफ करने के लिए दो दिनों का वक्त लिया है. राज्यसभा के चुनाव को लेकर बीजेपी और महा विकास आघाडी (Maha Vikas Aghadi) की ओर से राजनीतिक जोड़तोड़ शुरू है. शिवसेना ने अपने विधायकों को खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए मुंबई के रिट्रीट होटल में बुला लिया है. कांग्रेस और एनसीपी ने भी अपने विधायकों के लिए रिसॉर्ट बुक किया है. ऐसे में ओवैसी ने यह गुगली फेंक कर खास तौर से शिवसेना के सामने पेंच खड़ी कर दी है कि अगर महा विकास आघाडी को उनकी पार्टी के विधायकों के समर्थन की जरूरत है तो खुल कर मदद मांगे. अगर गरज नहीं तो कोई बात नहीं.

ओवैसी राज्यसभा के चुनाव से जुड़े मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र में मौजूद हैं. उन्होंने मंगलवार सुबह 11 बजे नांदेड में एआईएमआईएम की एक मीटिंग बुलाई थी. इसके बाद शाम को लातूर में एक रैली भी आयोजित की है. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनसे या उनकी पार्टी के विधायकों से अब महा विकास आघाडी की ओर से किसी ने संपर्क नहीं किया है.

शिवसेना के लिए अजीब सी मुश्किल खड़ी हो गई है. सांसद संजय राउत ओवैसी की पार्टी एमआईएम को बीजेपी की बी टीम कहते आए हैं. ऐसे में शिवसेना किस मुंह से ओवैसी से मदद मांग? यह एक अहम सवाल है. समाजवादी पार्टी ने न्यूट्रल रहने का फैसला किया है. ऐसे में महा विकास आघाडी के दो वोट कम हो गए हैं. बीएसपी ने बीजेपी को समर्थन दिया है. महा विकास आघाडी के लिए और तीन वोट कम हो गए हैं. ओवैसी के पास हैं दो विधायक. अगर शिवसेना मदद मांग लेती है तो ओवैसी ने समर्थन देने की तैयारी दिखाई है, लेकिन शिवसेना अगर समर्थन मांग लेती है तो उसके हिंदुत्व और औरंगाबाद शहर का नामकरण संभाजी नगर किए जाने के स्टैंड को लेकर बीजेपी को सवाल उठाने का मौका मिल जाएगा.
फिलहाल नंबर गेम के लिहाज से बीजेपी के दो उम्मीदवार, कांग्रेस,एनसीपी और शिवसेना के एक-एक उम्मीदवार आसानी से जरूरी 42 मत जुटा कर राज्यसभा की सीट हासिल कर सकते हैं. लेकिन पेंच छठी सीट को लेकर फंसा है. बीजेपी ने दो की बजाय तीन और शिवसेना ने एक की बजाए दो उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. यानी बीजेपी और शिवसेना के बीच छठी सीट के लिए जोरदार टक्कर होना तय है.

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