लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections) के लिए अपने 159 और उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. सपा की ओर से जारी उम्मीदवारों की लिस्ट की सबसे खास बात ये है कि हाल ही में बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे को सपा से टिकट नहीं दिया गया है. स्वामी रायबरेली की ऊंचाहार सीट से अपने बेटे उत्कृष्ट मौर्य के लिए टिकट की पैरवी कर रहे थे, लेकिन यहां अखिलेश ने विधायक मनोज पांडेय को ही टिकट दिया है. इसे स्वामी प्रसाद की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को झटका माना जा रहा है.
पिछले दिनों जब पिछड़ा वर्ग के नेता माने जाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने योगी कैबिनेट से इस्तीफा देकर साइकिल की सवारी की थी तो यूपी की सियासत में हलचल मच गई थी. स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी पर पिछड़ा और दलितों की उपेक्षा का आरोप लगाया था, लेकिन अचानक पाला बदलने के पीछे उनकी कुछ और ही राजनीतिक महत्वाकांक्षा नजर आ रही थी. पार्टी छोड़ने के बाद बीजेपी की ओर से भी यही प्रतिक्रिया सामने आई कि वह अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे.
सपा में आने के बाद खुद स्वामी प्रसाद मौर्य की तरफ से ऊंचाहार सीट से बेटे उत्कृष्ट मौर्य की राजनीतिक शुरुआत कराने की बात सामने आई थी, लेकिन सपा में भी ये आसान नहीं था. जिस सीट से स्वामी प्रसाद अपने बेटे की पैरवी कर रहे थे वहां से सपा से ही मनोज पांडेय चुनाव जीते हैं. ऐसे में उनकी राह आसान नहीं थी. मनोज पांडेय को भी अखिलेश का करीबी माना जाता रहा है. उनका का टिकट काटना एक तरह से ब्राह्मण वोटर्स के लिए सही नहीं था. शायद यही कारण है कि अखिलेश ने इस सीट पर टिकट काटकर जोखिम उठाना उचित नहीं समझा.





