Thursday, February 22, 2024
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सऊदी अरब ने फूल बरसाए भारतीयों पर,पाकिस्तान को आतंकवाद पर चेतावनी के बाद

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सऊदी क्राउन प्रिंस और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
इमेज कैप्शन, भारत ने सऊदी क्राउन प्रिंस के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया. दोनों देशों के बीच द्वपक्षीय वार्ता भी हुई.

भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ओमान पहुँच गए हैं.

सऊदी क्राउन प्रिंस ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता की और दोनों देशों ने कई समझौते किए.

इस वार्ता के दौरान सऊदी प्रिंस ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय के योगदान का भी ज़िक्र किया और कहा कि सऊदी अरब भारत के लोगों को अपने नागरिकों की तरह देखता है.

सऊदी प्रिंस ने कहा, “भारतीय समुदाय ने सऊदी अरब की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाई है. आज सऊदी अरब की कुल आबादी में सात प्रतिशत भारतीय नागरिक हैं. हम भारतीय समुदाय को अपने मुल्क के हिस्से के रूप में देखते हैं और हम उनका ऐसे ही ध्यान रखते हैं, जैसे अपने नागरिकों का. हम इस परिषद के ज़रिये भारत और सऊदी अरब के लोगों की महत्वकांक्षाओं को पूरा करने की उम्मीद करते हैं.”

सऊदी प्रिंस ने ये बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय अधिकारियों के साथ सोमवार को हुई भारत-सऊदी अरब सहयोग परिषद की बैठक के दौरान कहीं.

इस परिषद को भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक संबंधों को मज़बूत करने और सहयोग को बढ़ावा देने के मक़सद से स्थापित किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सऊदी अरब के साथ संबंधों को महत्व देते हैं और उनका मानना है कि क्षेत्र में स्थिरता और शांति के लिए भारत और सऊदी अरब के बीच संबंधों का बेहतर होना ज़रूरी है.

वहीं सऊदी प्रिंस से मुलाक़ात के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हिज़ रॉयल हाइनेस प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ अल सऊद और मैंने बेहद कामयाब वार्ता की. हमने अपने व्यापार संबंधों की समीक्षा की और हमें विश्वास है कि आने वाले समय में हमारे आर्थिक संबंध और मज़बूत होंगे.”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ग्रिड कनेक्टिविटी, अक्षय ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, सेमिकंडक्टर और सप्लाई चेन में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं.”

अक्टूबर 2019 में पीएम मोदी सऊदी अरब के दौरे पर गए थे तो उन्होंने भी वहाँ काम करने वाले भारतीयों के बारे में कई बातें कही थीं.

पीएम मोदी ने कहा था, ”लगभग 26 लाख भारतीयों ने सऊदी अरब को अपना दूसरा घर बनाया है. यहाँ की प्रगति में ये भी अपना योगदान दे रहे हैं. बड़ी संख्या में भारतीय हर साल हज यात्रा पर और कारोबार को लेकर यहाँ आते हैं. मेरा इनके लिए संदेश है कि आपने सऊदी में जो जगह बनाई है, उस पर भारत को गर्व है.”

”इनकी कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता के कारण सऊदी में भारत का सम्मान बढ़ा है और इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मज़बूत होने में मदद मिली है. हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि सऊदी से आपका संबंध इसी तरह आगे बढ़ता रहेगा.”

‘हमारा रिश्ता हज़ारों साल पुराना’

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क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान
इमेज कैप्शन, क्राउन प्रिंस के सम्मान में भारत के राष्ट्रपति भवन में भी कार्यक्रम हुआ

सऊदी क्राउन प्रिंस जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुँचे थे. सम्मेलन समाप्त होने के बाद वो एक दिन और यहीं रुके और सोमवार को द्विपक्षीय वार्ताएं कीं.

दिल्ली में सऊदी प्रिंस के सम्मान में रखे गए स्वागत कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए प्रिंस ने कहा, “हम भारत पहुँचकर बहुत ख़ुश हैं. भारत और अरब प्रायद्वीप के बीच रिश्ता हज़ारों साल पुराना है. हमारे बीच का ये रिश्ता सऊदी अरब के डीएनए में है. भारत हमारा दोस्त है. भारत घर जैसा है. सऊदी अरब में भारत के बहुत से लोग काम करते हैं जो हमारे विकास में मदद कर रहे हैं.”

प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा, “ये दौरा भारत में सऊदी अरब के काम को भी रेखांकित करेगा और ये सुनिश्चित करेगा कि दोनों देशों के हित में ये रिश्ता और मज़बूत हो. मुझे विश्वास है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसा होगा.”

भारत में जी-20 सम्मेलन के बाद सऊदी अरब और भारत के बीच द्विपक्षीय वार्ता को दोनों देशों के बीच संबंधों के मज़बूत होने और सही दिशा में आगे बढ़ने के रूप में भी देखा जा रहा है.

सऊदी अरब और भारत ने दोनों देशों में निवेश का माहौल बेहतर करने के लिए भी समझौते किए हैं. ये समझौते ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल, अक्षय ऊर्जा, कृषि और उद्योग के अलावा सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों से भी जुड़े हैं.

दोनों देशों के बीच हुए लगभग 50 समझौते

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क्राउन प्रिंस सलमान
इमेज कैप्शन, भारत सऊदी अरब के बीच कारोबार लगातार बढ़ रहा है.

नई दिल्ली में भारत सऊदी अरब इन्वेस्टमेंट फोरम में बोलते हुए सऊदी अरब के निवेश मंत्रालय में डिप्टी निवेश मंत्री बद्र अल बद्र ने कहा, “सऊदी अरब के निवेश मंत्रालय और इन्वेस्ट इंडिया के बीच द्विपक्षीय समझौता हुआ है, जिसका मक़सद परस्पर निवेश योजनाओं को मज़बूत करना है. ये कारोबारियों और निवेशकों को अधिक कारोबार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए किया गया है.”

सऊदी अरब के डिप्टी मंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता के दौरान लगभग 50 समझौते हुए हैं. इनमें निजी क्षेत्रों और सार्वजनिक उपक्रमों के बीच हुए समझौते भी शामिल हैं.

बद्र अल बद्र ने कहा, “सऊदी अरब और भारत की साझेदारी पारस्परिक हित वाले हैं. आपकी मांग हमारी आपूर्ति है और हमारी मांग आपकी आपूर्ती है.”

भारत सऊदी अरब के बीच कारोबार

अल बद्र ने भारतीय निवेशकों से सऊदी किंगडम में निवेश करने का आह्वान भी किया.

भारत और सऊदी अरब के बीच कारोबार भी तेज़ी से बढ़ रहा है. भारत का सऊदी अरब के लिए निर्यात साल 2018 में 5.6 अरब डॉलर से बढ़कर साल 2022 में 10.7 अरब डॉलर हो गया है.

डिप्टी मंत्री ने बतया कि सऊदी अरब के भारत के लिए निर्यात में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है. 2018 में यह 26 अरब डॉलर था जो 2022 में बढ़कर 42 अरब डॉलर हो गया है.

अल बद्र ने कहा कि कारोबार में ये बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब दुनिया महामारी से जूझ रही थी, ऊर्जा क्षेत्र झटके दे रहा था और वैश्विक राजनीतिक में उथल-पुथल मची थी.

गुजरात में निवेश फंड का दफ़्तर खोलेगा सऊदी अरब

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और नरेंद्र मोदी

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वहीं सऊदी अरब के निवेश मंत्री ख़ालिद अल फलीह ने कहा है कि सऊदी अरब भारत के गुजरात प्रांत में सऊदी अरब के सॉवरेन वेल्थ फंड का दफ़्तर भी खोल सकता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात इंटरनेशनल फ़ाइनेंस टेक सिटी (गिफ़्ट सिटी) को एक अहम प्रोजेक्ट के रूप में प्रायोजित किया है.

इसका मक़सद हॉन्ग कॉन्ग जैसे दुनिया के वित्तीय केंद्रों को चुनौती देना है. ये टैक्स-न्यूट्रल वित्तीय सेवा देने के मक़सद से शुरू किया जा रहा है.

भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सऊदी अरब से गिफ्ट सिटी में दफ़्तर खोलने का आह्वान किया. इसके जवाब में सऊदी मंत्री ने कहा, “मैं आपके प्रस्ताव को स्वीकार करता हूं और दफ़्तर खोलने की प्रतिबद्धता ज़ाहिर करता हूं.”

वहीं पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि वो सुझाव देंगे कि उनका मंत्रालय रियाद में निवेश को बढ़ावा देने के लिए दफ़्तर खोले.

सऊदी क्राउन प्रिंस ने साल 2019 में भारत में 100 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की थी. सोमवार को हुई वार्ता के दौरान दोनों देश इस निवेश को लाने के लिए साझा टास्क फ़ोर्स के गठन पर भी तैयार हुए हैं.

साल 2018 में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भारत के महाराष्ट्र में प्रतिदिन 12 लाख बैरल तेल रिफ़ाइन करने की क्षमता वाली रिफ़ायनरी और पेट्रोकेमिकल की स्थापना के लिए साझा उपक्रम बनाने पर सहमत हुए थे.

सऊदी निवेश मंत्री ने कहा कि भारत को इस प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन अधीग्रहण और सहित कई मुद्दों को सुलझाना है.

क्राउन प्रिंस और नरेंद्र मोदी

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जी-20 सम्मेलन के पहले दिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ की रूपरेखा पेश की थी. इस परियोजना में अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ-साथ सऊदी अरब की भी अहम भूमिका है.

क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोदी के बीच मुलाक़ात के बाद प्रेस से बात करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव ओसाफ़ सईद ने बताया कि भारत और खाड़ी देशों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाएगा और इसमें बंदरगाह, रेलवे और बेहतर सड़के शामिल होंगी. साथ ही पॉवर और गैस ग्रिड और ऑप्टिकल फ़ाइबर नेटवर्क भी बनेगा.

अधिकारियों ने बताया कि जी-20 के दौरान जिस आईएमईसी की घोषणा की गई है उसके तहत भारत को रेलवे के ज़रिये जोड़ा जाएगा.

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