कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार की शुरुआत की लेकिन भाई बहन की जोड़ी ने झूठ बोलने से शुरू किया प्रचार अभियान…
प्रियंका गांधी ने रविवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक सभा को संबोधित किया। प्रियंका गांधी ने इस रैली में जिन मुद्दों को उठाया उससे ये साफ़ हो गया कि आने वाले समय में कांग्रेस किन मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतरने वाली है। प्रियंका गांधी ने आज किसानों का मुद्दा बड़े ही जोर-शोर से उठाया, इसके अलावा प्रियंका गांधी ने एयर इंडिया को बेचे जाने को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधने की कोशिश की और इस दौरान प्रियंका गांधी ने एक ऐसा बयान दे दिया जो उन्हीं पर उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर प्रियंका गांधी के इस बयान की खूब चर्चा हो रही है और खिंचाई भी।
काशी में प्रियंका गांधी ने बोला झूठ?
दरअसल प्रियंका गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘मोदी जी ने पिछले साल 16,000 करोड़ रुपए में अपने लिए दो विमान खरीदे थे। उन्होंने इसे अरबपति दोस्तों को सिर्फ 18,000 करोड़ रुपए में इस देश की पूरी एयर इंडिया बेच दी।’ जबकि राहुल गांधी ने पंजाब में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि “एक तरफ मोदी सरकार ने अपने लिए 8000 करोड़ रूपये में जहाज खरीद लिया दूसरी तरफ चीन हमारी सीमा में घुस रहा है हमारे जवान ठण्ड में सीमा की सुरक्षा में लगे हुए हैं”.
विमान की असली कीमत क्या है?
सबसे पहली बात, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दोनों के बयान में विमान की कीमत अलग-अलग बतायी गयी है। प्रियंका गांधी कह रही हैं कि मोदी ने अपने लिए 16000 करोड़ में विमान ले लिए जबकि राहुल गांधी कह रहे हैं कि 8000 करोड़ में विमान लिया गया। असल में Air India One के दोनों विमानों की कीमत करीब 8458 करोड़ रुपये है और दोनों विमान प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की यात्रा के लिए खरीदे गये हैं। अब आगे बात करते हैं विमान को खरीदा किसने..?

कांग्रेस सरकार में शुरू हुई थी विमान खरीदने की प्रकिया
कई मीडिया संस्थानों और मीडिया के जरिये लोगों को विमान की हकीकत बताने की कोशिश की गयी। अधिकतर लोग जानते भी है कि विमान खरीददारी की शुरुआत कांग्रेस शासन के वक्त हो चुकी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, साल 2006 में ही एयर इंडिया के विमानों के लिए ऑर्डर दिया गया था और इसी ऑर्डर में ये दो विमान (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति के लिए) भी शामिल थे। मतलब इस विमान को खरीदने की प्रक्रिया भी साल 2006 में शुरू हो चुकी थी। अब ये विमान देश को नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते हुए मिला तो विपक्ष इस झूठ को फैलाने में लगा है कि मोदी ने अपने लिए करोड़ों का विमान (राहुल की मानें तो 8000 करोड़ और प्रियंका की मानें तो 16000 करोड़ का) खरीद लिया।





