मुझे मत बेचो अब्दुल,आकांक्षा राजपूत से आयशा बन गयी थी सेक्युलर जाहिल,3 साल बाद मजे नही आ रहे अब्दुल को अब बेचेगा
वो गाना गाती थी "मेरा अब्दुल घर आया ओ अल्लाह मियां..... उसने मां बाप को बुरा कहा,भाई बहन दुश्मन लगने लगे थे,हिन्दू संगठन तो एकदम ज़हर थे उसके लिए,हर पंडित मानवता का दुश्मन और हर मौलाना फरिश्ता,फिर उसने कर लिया...