Wednesday, February 25, 2026
Uncategorized

निर्भया PART 2:लड़की का सर काट कर ले गए बलात्कारी,पूरे शरीर की कांट छांट, पब्लिक का हमला मुख्यमंत्री पर

झारखंड के राँची में एक युवती की सिरकटी लाश मिलने से हड़कंप मच गया। मामला ओरमांझी थाना इलाके के जिराबार जंगल का है। महिला का शव नग्न अवस्था में मिला है और सिर की तलाश जारी है। पुलिस की टीम लगातार जाँच में जुटी हुई है। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। फिलहाल महिला का सिर का अभी तक पता नहीं चला है।
ओरमांझी पुलिस का कहना है कि आसपास के लोगों को मौके पर बुलाकर शव दिखाया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया। पुलिस आशंका जता रही है कि युवती के साथ दुष्कर्म करने के बाद अपराधियों ने गला रेत कर उसकी हत्या कर दी। युवती के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं मिला। अपराधियों ने युवती का गुप्‍तांग भी काट दिया है।

राँची के पुलिस अधीक्षक नौशाद आलम ने बताया, “निर्वस्त्र अवस्था में महिला की सिर कटी लाश मिली है। युवती की पहचान अभी नहीं की जा सकी है। डेड बॉडी को ऑटोप्सी के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद ही खुलासा हो पाएगा कि युवती के साथ दुष्कर्म हुआ है या नहीं। मामले में जाँच जारी है।”
वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि पुलिस को घटनास्थल पर खाना बनाने के लिए चूल्हा और कई बीयर की खाली बोतलें भी मिली है। इससे भी अनुमान लगाया जा रहा है कि युवती के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या की गई है और साक्ष्य छुपाने की नीयत से उसके कपड़े और सर को गायब कर दिया गया।

युवती के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं मिला। शव की पहचान नहीं हो पाए इस वजह से सिर को कहीं और ले जाकर फेंक दिया गया होगा। हालाँकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही दुष्कर्म की पुष्टि हो जाएगी। पुलिस घटना की हर एंगल से जाँच कर रही है।
इस संबंध में सिल्ली के डीएसपी चंद्रशेखर ने बताया कि एक हफ्ते के अंदर राँची में जितनी भी महिलाओं और युवतियों के लापता होने का मामला दर्ज हुआ है, उनकी तस्वीर और विस्तृत जानकारी मँगाई जा रही है।
शव के डीएनए को भी सुरक्षित रखवाया गया है, जल्द ही युवती की पहचान हो जाने और घटना को अंजाम देने वाले आरोपितों की शिनाख्त हो जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि घटनास्थल के पास नदी है। युवती की हत्या करने के बाद अपराधियों ने घटनास्थल पर पानी डाल दिया था ताकि खून और पुलिस को साक्ष्य नहीं मिल पाए।
ऐसी आशंका भी जताई जा रही कि करीब 19 से 20 वर्षीय युवती की हत्या कहीं और करने के बाद शव को जंगल में लाकर फेंक दिया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुँची। जाँच में महिला का शव पूरी तरह से नग्न अवस्था में मिला।

पुलिस इस मामले में सीसीटीवी का फुटेज देखकर और घटनास्थल का कॉल डंप निकाल अपराधियों तक पहुँचने का प्रयास कर रही है। पुलिस कॉल डंप के सहारे इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटनास्थल पर कौन-कौन से मोबाइलधारक मौजूद थे। एसएसपी सुरेंद्र झा का कहना है कि अपराधियों के द्वारा बड़ी घटना को अंजाम दिया गया है। पुलिस हर हाल में अपराधियों को गिरफ्तार करेगी।
ओरमांझी में रविवार (जनवरी 03, 2021) को मिले युवती के शव के विरोध में लोगाें ने किशोरगंज चौक पर सोमवार (जनवरी 4, 2020) को विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले को राँची के किशोरगंज चौक के पास रोक दिया। वहाँ से गुजर रहे सीएम के कारकेड को रोकने का प्रयास किया। सुरक्षा के मद्देनजर सीएम का काफिला रास्‍ता बदलकर रवाना हुआ।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को पथराव किया। लड़की की हत्या के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने CM के काफिले की गाड़ियों को रोककर हंगामा किया। भीड़ ने सोरेन के काफिले की पेट्रोलिंग कार के शीशे भी तोड़ दिए। आखिर में सोरेन को रूट बदलकर अपने आवास जाना पड़ा।
वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने आरोप लगाया है कि यह हमला सोची समझी साजिश के तहत कराया गया।
हिंदू संगठन प्रदर्शन कर रहे थे
ओरमांझी में हुई लड़की की हत्या के मामले में रांची के किशोरगंज चौक पर कुछ हिंदू संगठन प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री का काफिला प्रोजेक्ट भवन से कांके रोड आवास की ओर जा रहा था। तभी भीड़ ने CM के काफिले पर भी हमला बोल दिया।
हमले में ट्रैफिक इंस्पेक्टर नवल किशोर प्रसाद को गंभीर चोटें आईं हैं। उन्हें इलाज के लिए मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हंगामे की वजह से इलाके में करीब 45 मिनट तक अफरा-तफरी मची रही।

झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी इलाके में दुष्कर्म के बाद एक युवती की सिर काट कर हत्या कर देने के मामले को लेकर पूरे राज्य में आक्रोश है। इस मामले में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रांची समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन भी हो रहे हैैं। लोगों के आक्रोश को इस घटना से समझा जा सकता है कि सोमवार शाम रांची के किशोरगंज में सड़क पर प्रदर्शन कर रहे उग्र लोगों ने उधर से गुजर रहे सीएम के कारकेड पर हमला कर दिया। इस हमले में एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए हैैं। हमलेे की वजह चाहे जो हो लेकिन इसे कहीं से भी सही नहीं ठहराया जा सकता।

जिन लोगों ने कानून हाथ में लिया, उन्हें बेशक सजा मिलनी चाहिए। हालांकि यह हमले में पुलिस के सूचनातंत्र की नाकामी भी साफ झलक रही है। वहीं, दुष्कर्म की घटनाओं की बात करें तो हाल के दिनों में राज्य में यौन अपराध का बढऩा चिंताजनक है। दुष्कर्म के बाद पुलिस की पकड़ में आने से बचने के लिए कई बार अपराधी पीडि़ता की हत्या कर देते हैैं। ओरमांझी की घटना में तो हत्यारे नृशंसता की हद तक गए और पीडि़ता का सर काट डाला। ऐसे दोषी अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

दुष्कर्म की घटनाएं जहां कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती हैैं, वहीं यह एक बड़ी सामाजिक समस्या भी है, जो संस्कार से जुड़ी है। महिलाओं के प्रति सम्मान और स्त्रियों को देवी का दर्जा देने वाले देश में महिलाओं की प्रताडऩा जहां अशोभनीय घटना है, वहीं समाज के पतन का भी द्योतक है। कहीं न कहीं यह हमारी परवरिश पर भी बड़ा सवाल है कि हम नई पीढ़ी को अपराध की ओर जाने से रोकने में सक्षम नहीं हो पा रहे।

समाज और परिवार के स्तर पर पुलिसिंग हो तो यौन अपराध की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है। अबतक के आंकड़े बताते हैैं कि यौन उत्पीडऩ और हिंसा की ज्यादातर घटनाओं में जान-पहचान के लोग ही संलिप्त रहते हैैं। ओरमांझी की घटना में भी घटनास्थल की परिस्थितियां ऐसे ही संकेत दे रही हैैं। हमें दरिंदगी से भरी इन शर्मनाक और नृशंस घटनाओं को रोकना होगा।
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

राजधानी रांची में युवती के साथ हुए हैवानियत पर भाजपा ने आक्रामक रुख अख्तियार किया है। घटना की घोर निंदा करते हुए भाजपा के विभिन्न मोर्चा ने प्रदेश भर में विरोध दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया है। वहीं, महिला मोर्चा की अध्यक्ष आरती कुजूर के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें इस संदर्भ में ज्ञापन सौंपा है। आरती कुजूर ने कहा कि रांची के ओरमांझी में लड़की के साथ जिस तरह से घटना घटी है, वह किसी भी सूरत में बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।

रोंगटे खड़े कर देने वाली यह घटना निर्भयाकांड से भी अधिक पीड़ादायक है। हैवानियत की हद पार कर देने वाले अपराधियों ने जिस प्रकार से युवती के साथ दुष्कर्म कर उसका सिर काट कर ले गए, वह बताता है कि राज्य में कानून का डर समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि कि राज्य की हेमंत सरकार बेटियों को सुरक्षा देने में पूर्ण रूप से विफल रही है। प्रतिनिधिमंडल में गंगोत्री कुजूर, काजल प्रधान,अनिता वर्मा भी शामिल थीं। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष किशलय तिवारी ने भी इस घटना की निंदा की है।

Leave a Reply