Monday, April 20, 2026
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कमलनाथ ने कस ली कमर,भाजपा अभी तक बेल्ट ही ढूंढ रही,27 विधायकों को वार्निंग कमलनाथ की,135 क्षेत्रो में हरी झंडी दावेदारों को

अंदरखाने की खबर ये है कि कमलनाथ ने 135 प्रत्याशियों को व्यक्तिगत रूप से बता दिया है की क्षेत्र में तैयारी करो,17 विधायक पूर्णतः अयोग्यता की श्रेणी में पाए गए हैं,कुल 27 के सर पर तलवार लटक रही है,भाजपा के 34 नाराज़ पदाधिकारी या पूर्व विधायक घेरे में हैं और ये सारी कवायद कमलनाथ स्वयम की कोर टीम को आदेशित करके कर रहे हैं,इस बार कोई कोना किसी भरोसे खाली छोड़ने के मूड में नही हैं कमलनाथ।

कमलनाथ लगातार एक्शन मोड़ पर हैं। प्रदेश कांग्रेस लगातार आने वाले दिनों में अपने नेता और कार्यकर्ताओं को व्यस्त रखने वाली है। कमलनाथ ने अपने स्तर पर प्रत्येक विधानसभा के हिसाब से सर्वे करना प्रारंभ कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने कांग्रेस के 27 विधायकों को चिन्हित किया है जो डेंजर जोन में हैं। इनमें इंदौर के विधायक जीतू पटवारी भी हैं। कमलनाथ लगातार कोशिश कर रहे हैं कि किस तरह से कांग्रेस का संगठन नीचे तक सक्रिय रहे। इसके लिए उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों के लिए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए हैं। इन नियुक्तियों में इस बात का ध्यान रखा गया है कि उन नेताओं को प्रभारी नहीं बनाया गया है जो विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। प्रभारियों तथा प्रभारियों को इतना मजबूत किया गया रहा है कि वह जिलाध्यक्ष के समानांतर कार्य कर सकें। दरअसल, कमलनाथ अनेक जिलों के अध्यक्षों से असंतुष्ट हैं और उनके परफॉर्मेंस से खुश नहीं हैं।

 

कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के तेवर तल्ख हैं और वे आगामी साल में होने वाले विधानसभा के चुनाव में किसी भी तरह की चूक के लिए तैयार नहीं हैं. यही कारण है कि उन्होंने जिम्मेदार पदाधिकारियों केा चेतावनी दी, हिदायत दी तो बाल कांग्रेस की सक्रियता का जिक्र करते हुए आईना भी दिखाया. प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में जिला, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों, कांग्रेस द्वारा नियुक्त जिला प्रभारियों, सह प्रभारियों और कांग्रेस विधायकों की संयुक्त महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में कमल नाथ ने साफ कह दिया कि जो सक्रिय होकर भूमिका नहीं निभा सकते वे पद छोड़ दें, जिन्हें आगे चलकर किसी तरह की दगाबाजी करना है वे अभी साथ छोड़ दें. पार्टी के लिए आने वाले 13 महीने महत्वपूर्ण हैं. जो संगठन के लिए समय दे सकते हैं, वे ही जिम्मेदारी संभालें.

कमल नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि विधानसभा चुनाव 2023 के चुनाव के लिए मात्र 13 महीने बचे हैं. हम सभी आज से कमर कस लें और मैदान में उतर जायें. आज की राजनीति में परिवर्तन आ गया है, आज की राजनीति स्थानीय हो चुकी हैं. उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में प्रभारी और सहप्रभारी बनाये गये हैं जो अपने प्रभार वाले क्षेत्र में जाकर सभी कांग्रेसजनों से समन्वयक बनाकर मण्डलम, सेक्टर, बूथ कमेटियां, पन्ना प्रभारी बनाये, आने वाले 13 माह अग्नि परीक्षा का समय है. सभी अपने 11 महीने के कार्यक्रम बना कर मैदान में उतर जायें. मतदाता सूची पर भी फोकस करें, ज्यादा से ज्यादा नाम जुड़वायें, कोई नाम बाकी न रहे.

पार्टी की आगामी कार्ययोजना का जिक्र करते हुए कमल नाथ ने कहा कि आगामी दो अक्टूबर, गांधी जयंती से ग्रामीण क्षेत्रों में गांधी चौपाल आयोजित की जा रही हैं. जो 30 जनवरी तक चलेगी उसमें भी ग्रामीणजनों के साथ समन्वय बनाकर ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होकर अपनी बात रखें. भाजपा के पुलिस, पैसा और प्रशासन के दुरूपयोग के बावजूद नगरीय निकाय चुनाव व पंचायत चुनाव में हमें व्यापक जनसमर्थन मिला है, उसी उत्साह को हमें 2023 तक कायम रखना है.
राज्य के दो विधानसभा क्षेत्रों रेगांव और दमोह में कांग्रेस की जीत का जिक्र करते हुए कहा यह जीत संगठन की मजबूती के चलते ही संभव हो सका है. मप्र में बाल कांग्रेस का गठन भी किया गया है, बाल कांग्रेस के उत्साह से हमें ताकत व ऊर्जा मिल रही हैं. आगामी समय में हम हर जिले की अलग से बैठकें करेंगे, पार्षदों और सभी निर्वाचित जनपद व पंचायत सदस्यों के साथ बैठकर संवाद करेंगे. आप सभी लोग मोदी-शिवराज सरकार की विफलताओं को जनता के बीच में ले जाएं.
पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजयसिंह ने राहुल गांधी द्वारा की जा रही 3500 किलोमीटर की भारत जोड़ों यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा पूरे भारत में निकाली जायेगी, जिसमें मप्र का हिस्सा भी शामिल है. मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि दिल्ली में आगामी चार सितम्बर को आयोजित महारैली में मप्र से अधिक से अधिक कांग्रेसजन शामिल होकर कांग्रेस को मजबूत करें और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंचेंगे.

 

इसके अलावा अनेक जिला अध्यक्ष ऐसे हैं जो विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं ऐसे में संगठन के महत्वपूर्ण पद पर निरंतरता रहे इसलिए प्रभारियों को शक्ति संपन्न किया गया है। सभी ब्लॉक और मंडलम अध्यक्षों को कहा गया है कि वे प्रभारियों की सुने।कमलनाथ आने वाले दिनों में संभाग स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन भी आयोजित करने वाले हैं जिसमें पार्षद, पंचायतों में जीते प्रतिनिधि, पंचायत नगरीय निकाय चुनाव लड़े नेता, विधायक, सांसद और विधान सभा तथा लोकसभा हारे नेताओं को बुलाया जाएगा। कमलनाथ मिशन 2023 की तैयारी में किसी प्रकार की कोई कसर नहीं रखना चाहते हैं। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है। पिछले 4 चुनाव में पहली बार पांच नगर निगमों में कांग्रेस के मेयर हैं, जिनमें जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े नगर निगम भी शामिल हैं। कमलनाथ को बेहतरीन रणनीतिकार और राजनीतिक प्रबंधन में महागुरु माना जाता है। उन्होंने आजकल कार्यकर्ताओं और नेताओं से संवाद भी बढ़ा दिया है। खास तौर पर कमलनाथ का फोकस ग्वालियर चंबल अंचल और विंध्य बघेलखंड पर है। जल्दी ही वे मालवा निमाड़ पर भी फोकस बढ़ाएंगे।
इंदौर जिले के नवनियुक्त प्रभारी महेंद्र जोशी और सह प्रभारी जेम्स चाको ने सोमवार को इंदौर में आमद दर्ज की और गांधी भवन में कांग्रेसियों की बैठक को संबोधित किया। इस बैठक में विधायक संजय शुक्ला और जीतू पटवारी शामिल नहीं हुए। उपस्थिति के लिहाज से भी यह बैठक सफल नहीं कहीं जा सकती। इसके अलावा यह भी देखा गया कि महेंद्र जोशी के संबोधन को कांग्रेसी गंभीरता से नहीं सुन रहे थे। इस वजह से महेंद्र जोशी नाराज भी हुए और उन्होंने कांग्रेसियों को चेतावनी दी। कल की बैठक में लंबे अर्से के बाद शोभा ओझा पहुंची। शोभा ओझा आजकल विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 में नए सिरे से सक्रिय हो गई हैं। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में उनका दावा क्षेत्र क्रमांक 5 के लिए रहेगा। शोभा ओझा मेयर का एक चुनाव और विधानसभा के दो चुनाव हार चुकी हैं। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 में सत्यनारायण पटेल और स्वप्निल कोठारी भी तैयारी कर रहे हैं। बहरहाल, महेंद्र जोशी की कल की बैठक फ्लॉप रही है लेकिन उन्होंने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में वे लगातार इंदौर में बैठकर लेकर नेताओं को सक्रिय करते रहेंगे।

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