Wednesday, April 22, 2026
Uncategorized

केजरीवाल ,झूठ बोलने की मशीन, बस चैनलो सोशल मीडिया में पैसा डालो,सिर्फ झूठ के सहारे

दिल्ली हो या पंजाब, या फिर उत्तराखंड हो या गोवा, झूठे वादों और झूठे दावों में केजरीवाल का कोई सानी नहीं। वह हर चुनाव में हर जगह अपने चुनावी सर्वेक्षणों के हवाले से जीत का दावा करते रहे हैं, अब उन्होंने सूरत की 12 में से 7 सीटों का सर्वेक्षण आम आदमी पार्टी के पक्ष में बता कर वैसा ही झूठ बोला है, जैसे पहले बोलते रहे हैं। अपनी प्रेस कांफ्रेंसों में वह इस बात की कतई परवाह नहीं करते कि वह कोरा झूठ बोल रहे हैं।

पंजाब विधानसभा चुनावों के बाद वह भगवंत मान को अपने साथ गुजरात ले गए थे, जहां उन्होंने एलान किया कि भगवंत मान ने दस दिन के अंदर पंजाब में भ्रष्टाचार खत्म कर दिया। जबकि उसके बाद वहां के हेल्थ मिनिस्टर विजय सिंगला को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने के बाद बर्खास्त किया गया। दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर सत्येन्द्र जैन भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सीबीआई कर रही है।

केजरीवाल ने एक ऐसा वादा कर दिया था, जो कि अब उनके गले की ही फांस बना रहा है। आपको बता दें कि उन्होंने प्रदेश के सभी पंचायतों को प्रतिमाह 10 रुपए वेतन और सभी क्षेत्रों के विकास के लिए 10 लाख रुपए का बजट आवंटित करने का फैसला किया था।
CM Arvind Kejriwal

नई दिल्ली। दिल्ली और पंजाब के बाद अब आम आदमी पार्टी की निगाहें गुजरात पर हैं। इस वर्ष के अंत में वहां विधानसभा चुनाव होने हैं। आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव से पूर्व राजनीतिक दलों के बीच सक्रियता अपने चरम पर पहुंच चुकी है। वहां अभी वर्तमान में बीजेपी की सरकार है। बता दें कि लंबे समय से वहां बीजेपी सत्ता पर विरामजान है। ऐसे में आगामी चुनाव में आम आदमी पार्टी के लिए राजनीतिक राह आसान नहीं है, लेकिन आप संयोजक अरविंद केजरीवाल अब दिल्ली,पंजाब के बाद गुजरात में डेरा जमाते हुए नजर आ रहे हैं। बीते दिनों सीएम केजरीवाल से लेकर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया तक ने राज्य में ताबड़तोड़ रैलियां की थीं। रैली के दौरान आप नेताओं ने सूबे की जनता को रिझाने के लिए वैसे तो कई दावे और वादे किए थे। लेकिन, इस बीच बीते दिनों राज्य में आयोजित किए गए एक चुनावी रैली के दौरान सीएम केजरीवाल ने एक ऐसा वादा कर दिया था, जो कि अब उनके गले की ही फांस बना रहा है। आपको बता दें कि उन्होंने प्रदेश के सभी सरपंचों को प्रतिमाह 10 हजार रुपए वेतन और सभी क्षेत्रों के विकास के लिए 10 लाख रुपए का बजट आवंटित करने का ऐलान किया था। लेकिन, इस बीच एक ऐसा खुलासा हुआ कि जिसे लेकर सीएम केजरीवाल की ही फजीहत होती दिख रही है। आइए, आपको बताते हैं कि आखिर वो कैसे?

After Kejriwal's 'meek' apology, AAP is struggling to not look like a party of hypocrites

दरअसल, सीएम केजरीवाल ने वादा किया था कि अगर आम आदमी पार्टी की गुजरात में सरकार बनती है, तो सभी सरपंचों को 10 हजार रुपए दिए जाएंगे। वहीं, राज्य पंचायत विभाग के आंकड़े के अनुसार राज्य में कुल 14017 ग्राम पंचायतें हैं। इस लिहाज से देखें तो सिर्फ और सिर्फ सरपंचों की सैलरी देने में 10,0000*14017 =1,401,700,000/ रुपए लग जाएंगे। वहीं, अगर प्रदेश सरकार के कुल बजट की बात करें, तो 2 लाख 44 हजार रुपए है। अब ऐसे में आप ही बताइए कि जब प्रदेश सरकार का कुल बजट ही 2 लाख 44 हजार रुपए है, तो भला मुख्यमंत्री केजरीवाल सिर्फ और सिर्फ प्रदेश के सरपंचों को वेतन देने के लिए 1,401,700,000/ कहां से लाएंगे? चलिए, अगर एक पल के लिए मान भी लेते हैं कि वे अगर ले भी आएं, तो क्या प्रदेश सरकार सिर्फ और सिर्फ उन्हें पंचायतों की सैलरी देने के लिए सत्ता की गद्दी सौंपगी? बाकी के मुद्दे कहां जाएंगे। स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर पैसा कहां से आएगा। इसका जवाब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को देना होगा। जिन तरह वे सत्ता के नशे में मदहोश होकर बिना किसी गुना-भाग के जनता को रिझाने के लिए वादों को झड़ी लगा रहे हैं। अगर गलती से भी इसे क्रियान्वित कर दिया गया, तो यकीन मानिए यह सूबे की आर्थिक स्थिति का भट्टा बैठा सकता है।

बहरहाल, दिल्ली में तो हम सभी ने देखा ही है कि क्या हुआ है। कैसे सीएम अरविंद केजरीवाल लुभावने वादों के सहारे डबल पारी दिल्ली की राजनीति में खेल चुके हैं। अब वो कुछ ऐसी ही तरकीब दिल्ली और पंजाब के बाद गुजरात में भी फिट करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके वादों की हकीकत अब सतह पर सामने आ रही है, तो उन्हें सोशल मीडिया पर लोगों के कहर का शिकार होना पड़ रहा है। बता दें कि आज गुजरात सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया। इस

Leave a Reply