बस्ती – उत्तर प्रदेश के बस्ती से ऑनर किलिंग की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां दो अलग-अलग समुदाय से आने वाले प्रेमी जोड़े की मारकर हत्या कर दी गयी। मृतक लड़की की पहचान अमीना खातून व लडके की पहचान अंकित के रूप में हुई है।
हिन्दू युवक अंकित को बहन अमिना के साथ आपत्तिजनक हालत में देखने के बाद युवती के भाइयों ने अंकित की गला दबाकर हत्या की। वहीं, आमिना के बारे में आरोपियों का कहना है कि, जब वह लोग अंकित का शव ठिकाने लगाने गए थे, तो उसने घर में रखा जहर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने इसे स्वीकार किया है।
रुधौली थाना क्षेत्र के पड़रिया चेत सिंह गांव में झूठी शान की खातिर शुक्रवार रात हुए हत्याकांड में पुलिस ने सोमवार को तीनों आरोपियों इरशाद, इरफान और इसरार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस तरफ पुलिस ने तीन दिनों में हत्या का खुलासा करने का दावा किया है। हालांकि, उसकी कहानी में कई झोल हैं।
एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने सीओ हर्रैया शेषमणि उपाध्याय के साथ सोमवार को पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता करके हत्याकांड के बारे में मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पड़रिया चेत सिंह निवासी अंकित (18) अपने गांव के इरशाद का ट्रैक्टर चलाता था। अंकित का इरशाद की बहन आमिना खातून (18) से प्रेम प्रसंग था। कुछ दिन पूर्व दोनों को आपत्तिजनक हालत में देखकर आमिना के भाइयों ने अंकित को चेतावनी दी थी। 26 अगस्त (शुक्रवार) की रात दोनों को फिर से आपत्तिजनक हालत में देखकर भाई इरशाद, इरफान और चचेरे भाई इसरार आपा खो बैठे और अंकित की गला दबाकर हत्या कर दी। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि जब आमिना के तीनों भाई अंकित के शव को ठिकाने लगाने घर से बाहर गए, तो उसी दौरान आमिना ने घर में रखा जहर खा लिया, जिससे कुछ देर में उसकी मौत हो गई।
पुलिस ऐसे पहुंची हत्या आरोपियों तक
एएसपी का कहना है कि< शनिवार की शाम गन्ने के खेत में अंकित का शव मिलने के बाद उसकी मां कुमारी देवी की तहरीर पर रुधौली थाने में इरशाद, इरफान और इशरार पर हत्या कर शव छिपाने का केस दर्ज कर छानबीन शुरू की गई। एसएचओ रुधौली रामकृष्ण मिश्रा के साथ स्वॉट व सर्विलांस की टीम ने तीनों आरोपियों को हनुमानगंज के बस्ती-बांसी मार्ग पर कोहरा नहर मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। एसपी ने प्रभारी निरीक्षक रुधौली रामकृष्ण मिश्र के अलावा मामले का पर्दाफाश करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।






