Tuesday, April 16, 2024
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मुकेश अम्बानी नही,भारत की अर्थव्यवस्था पर चोट की तैयारी थी क्या? अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र की तरफ इशारा?

अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर मिले विस्फोटक मामले में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट सचिन वझे को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में जांच कर रही एनआईए रोज चौंकाने वाले खुलासे कर रही है। जांच के दौरान सामने आया है कि जिस स्कॉर्पियों में विस्फोटक मिला था उसकी नंबर प्लेट बदली गई थी। उस नंबर प्लेट पर अंबानी की जैगुआर का ही नंबर लिखा था।

एनआईए अधिकारियों ने कहा कि महिंद्रा स्कॉर्पियो पर पंजीकरण प्लेट वास्तव में अंबानी की सिक्यॉरिटी फ्लीट में शामिल एक जैगुआर से संबंधित है। एसयूवी 25 फरवरी को दोपहर 2 बजे के बाद से घटनास्थल पर खड़ा कर दिया गया। जो लोग इसे वहां ले गए थे, वह, वहां से दूसरी कार में बैठकर निकल गए। यह दूसरी कार इनोवा थी। सचिन वझे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इनोवा सीज की।

एटीएस को जाना चाहिए था केस
मुंबई क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार, यह केस पहले ही दिन से महाराष्ट्र एटीएस के पास जाना चाहिए था, क्योंकि जिलेटिन मिलने की वजह से एक तो इस केस का टेरर एंगल से इनवेस्टिगेशन जरूरी था। दूसरे, तमाम सीसीटीवी फुटेज से यह साबित हो गया था, कि स्‍कॉर्पियो गाड़ी और उसके साथ आई इनोवा गाड़ी ठाणे से एक साथ निकली थीं। इनोवा वापसी में ठाणे के रास्ते ही गायब हुई। मतलब इस केस की जांच का दायरा मुंबई के अलावा ठाणे भी था।

 

‘इनोवा पर लिखा था पुलिस’
जब इनोवा की बात आई, तो बताना जरूरी है कि शनिवार रात मुंबई में एनआईए परिसर में एक इनोवा गाड़ी खड़ी देखी गई, जिसे आगे-पीछे से सर्च किया जा रहा था। इस पर पुलिस लिखा पाया गया। माना जा रहा है कि शायद यही वह इनोवा गाड़ी है, जिससे 25 फरवरी को स्कॉर्पियो वाला आरोपी बैठकर भागा था।

सचिन वझे से जुड़े इस केस में कई चौंकाने वाले खुलासे और दावे किए जा रहे हैं। जैसे, जो स्कॉर्पियो गाड़ी 25 फरवरी को मुकेश अंबानी के घर के बाहर छोड़ी गई, कहा जा रहा है कि जब अरनब गोस्वामी को गत नवंबर में अनवय नाईक खुदकुशी केस में गिरफ्तार किया गया था, तब सचिन वझे इसी स्कॉर्पियो को ड्राइव कर अलीबाग तक गए थे।

कौन हैं सचिन वझे? कैसे हुए सस्‍पेंड?
वझे ने 1990 में बतौर सब-इंस्‍पेक्‍टर महाराष्‍ट्र पुलिस जॉइन की थी। पहली पोस्टिंग माओवाद से प्रभावित गढ़चिरौली इलाके में हुई। करीब दो साल बाद उन्‍हें ठाणे सिटी में भेज दिया गयाा। उनकी पहचान आपराधिक मामलों के एक्‍सपर्ट की बन रही थी। जल्‍द ही उन्‍हें क्राइम ब्रांच की स्‍पेशल स्‍क्‍वाड में शामिल कर दिया गया। ये वही दौर था जब सचिन वझे की पहचान एक ‘एनकाउंटर स्‍पेशलिस्‍ट’ की बनी। वह मुंबई के ‘एनकाउंटर स्‍पेशलिस्‍ट्स’ की उस तिकड़ी का हिस्‍सा थे जिसमें प्रदीप शर्मा और दया नायक का नाम भी है। 2000 में उनका ट्रांसफर मुंबई पुलिस की पोवई यूनिट में क्राइम ब्रांच में कर दिया गया।

 

यहीं पर वझे और तीन अन्‍य पुलिसकर्मियों पर घाटकोपर ब्‍लास्‍ट केस में आरोपी ख्‍वाजा युनूस की पुलिस कस्‍टडी में हत्‍या करने का आरोप लगा। पुलिस का कहना था युनूस कस्‍टडी से भागा था। हाई कोर्ट के आदेश पर सीआईडी ने जांच की और पाया कि यह कस्‍टोडियल डेथ थी। चार्जशीट दाखिल होने के बाद वझे को सस्‍पेंड कर दिया गया। चारों पुलिसकर्मियो के खिलाफ ट्रायल अबतक लंबित है।

 

आतंकी अख्तर से पूछताछ के बाद सचिन वाजे गिरफ्तार: तिहाड़ में फोन और एंटीलिया के बाहर बम कनेक्शन खोज रही पुलिस
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 13 मार्च को तिहाड़ जेल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने इंडियन मुजाहिद्दीन (IM) के आतंकी तहसीन अख्तर के बैरक से मिले मोबाइल फोन को लेकर पूछताछ की। अख्तर को बम बनाने के लिए जाना जाता है। वह यासीन भटकल का करीबी सहयोगी है, जिसने इंडियन मुजाहिद्दीन आतंकवादी समूह की स्थापना की थी।

 

कथित तौर पर फोन का इस्तेमाल टेलीग्राम चैनल बनाने के लिए किया गया था, जिसमें जैश-उल-हिंद एक समूह था। इसी चैनल से 27 फरवरी की रात मुकेश अंबानी के घर के बाहर एसयूवी खड़ी करने की जिम्मेदारी ली गई थी। इसी समूह ने इस साल जनवरी में इज़राइल दूतावास के पास कम तीव्रता वाले बम विस्फोट की जिम्मेदारी भी ली थी।

रिपोर्टों से पता चला है कि जेल नंबर 8 में उसके बैरक से दो स्मार्टफोन बरामद किए गए थे। शुक्रवार को पुलिस ने अख्तर से पूछताछ करने के लिए स्थानीय अदालत से अनुमति माँगी। हिंदुस्तान टाइम्स ने एक जेल अधिकारी के हवाले से कहा, ”विशेष सेल अधिकारी तहसीन अख्तर से पूछताछ कर रहे हैं। हमने उन्हें गुरुवार (मार्च 11, 2021) रात को फोन सौंप दिया था। वे 13 मार्च की दोपहर में आए और अभी भी अंदर पूछताछ कर रहे हैं।”

कई आतंकवादियों ने फोन का इस्तेमाल किया- रिपोर्ट्स

जब पुलिस को फोन के बारे में पता चला और उसने एक निजी साइबर एजेंसी की मदद से इसका पता लगाया, तो पाया कि यह फोन या तो तिहाड़ जेल में या फिर इसके आस-पास ऑपरेट किया जा रहा है। शुरुआती जाँच के दौरान, पुलिस ने पाया कि कम से कम पाँच अन्य आतंकवादियों ने फोन का इस्तेमाल किया।

ऐसा माना जाता है कि इज़राइली दूतावास के बाहर हुए धमाके में भी इसी फोन का इस्तेमाल किया गया होगा। उप-जेल नंबर 8 में दर्ज अन्य आतंकवादी हैं, जिनके अल-कायदा और अंडरवर्ल्ड अपराधियों से संबंध हैं।

भारत में कई विस्फोटों में अख्तर की भागीदारी

अख्तर 2006 से 2013 तक बम विस्फोटों की सीरीज में शामिल था, जिसमें वाराणसी में 2006 विस्फोट, मुंबई में 2011 के सीरियल धमाकों और हैदराबाद में 2013 के विस्फोट शामिल हैं। उसे 2013 के हैदराबाद विस्फोट मामले में शामिल होने के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी।

एंटीलिया बम कांड मामला

गौरतलब है कि हाल ही में, बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के घर (एंटीलिया) के बाहर एक संदिग्ध कार बरामद हुई थी। मामले में मुंबई पुलिस के विवादित अधिकारी सचिन वाजे को NIA ने गिरफ्तार कर लिया है। सचिन वाजे से शनिवार (मार्च 13, 2021) को 12 घंटे तक पूछताछ की गई और फिर देर रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

वाजे की गिरफ्तारी के बाद मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर मिली स्कॉर्पियो कार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ। ख़बरों में बताया गया कि एंटीलिया के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो वही थी, जिसका इस्तेमाल अर्णब गोस्वामी की गिरफ़्तारी के दौरान सचिन वाजे ने किया था

ख़बरों में कहा जा रहा है कि ATS को अब वो CCTV फुटेज भी मिल गया है, जिसमें अर्णब गोस्वामी की गिरफ़्तारी से उसका कनेक्शन सामने आ रहा है। ये भी पता चला है कि उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर फेक है।

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