Thursday, February 22, 2024
Uncategorized

इस मुख्यमंत्री ने करवाया 65 हजार से ज्यादा भूतों का इलाज, ढूंढे से नहीं मिल रहे ये

जो दुनिया में कभी थे ही नहीं ऐसे 65 हजार का इलाज…
केजरीवाल के मोहल्ला क्लीनिक में 65000 ‘भूतों’ का टेस्ट, हर टेस्ट के लिए दिल्ली के सरकारी खजाने से पैसा: मोबाइल नंबर से धराया करोड़ों का घोटाला

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की महत्वाकांक्षी योजना मोहला क्लीनिक में बड़े घोटाले की जानकारी सामने आई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई जाँच में मोहल्ला क्लीनिक में किए गए हजारों टेस्ट फर्जी पाए गए हैं। इनके आधार पर बड़ी रकम सरकार से वसूली गई है।

ACB ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में बताया है कि मोहल्ला क्लीनिक द्वारा करवाए गए टेस्ट में डाले गए हजारों मोबाइल नम्बर फर्जी पाए गए। इनके आधार पर सरकार को तगड़ा चूना लगाया गया। ACB ने यह जाँच फरवरी 2023 से नवम्बर 2023 की अवधि के दौरान किए गए लैब टेस्ट के लिए की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान मोहल्ला क्लीनिक के पर्चों के आधार पर 22 लाख टेस्ट किए गए। इस जाँच में 65,000 टेस्ट फर्जी पाए गए हैं। इसमें एक टेस्ट के लिए दिल्ली सरकार ने ₹100-₹300 तक का भुगतान किया। बताया गया है कि इन फर्जी टेस्ट के कारण सरकार को ₹4.63 करोड़ का चूना लगा।

दरअसल, दिल्ली सरकार द्वारा चलाए जाने वाले मोहल्ला क्लीनिक में परामर्श लेने वाले रोगियों को टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब में जाना होता है। इन लैब का सरकार के साथ एग्रीमेंट है। इन लैब टेस्ट का भुगतान सरकार करती है। इसके लिए पहले रोगी को मोहल्ला क्लीनिक में अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। इसके बाद लैब के रजिस्ट्रेशन सिस्टम जिसे LIMS कहा जाता है, में अपना मोबाइल नम्बर दर्ज करवाना होता है। इसके जरिए रोगी को उसकी लैब टेस्ट रिपोर्ट उसके मोबाइल नम्बर पर भेजी जाती है।

इसी मोबाइल नम्बर को दर्ज करने में गड़बड़ी की गई है। ACB की जाँच में बताया गया है कि 12457 टेस्ट में कोई नम्बर नहीं डाला गया जबकि 25732 टेस्ट में 00 करके नम्बर डाल दिए गए। इसके अलावा 967 टेस्ट में ऐसे नम्बर डाले गए जो कि 1, 2 और 3 से चालू होते थे। इसके अलावा 2467 टेस्ट ऐसे नम्बर पर किए गए जो कि 80 अलग-अलग रोगियों के लिए टेस्ट में डाले गए। जाँच का कहना है कि ऐसा ज्यादा से ज्यादा फर्जी जाँच रसीदें बनाकर सरकारी खजाना खाली करने के लिए किया गया।

जाँच में सामने आया है कि यह घोटाला करने के लिए LIMS सिस्टम तक में दो लैब वालों ने गड़बड़ कर दिया। इनके पास इस पूरे सिस्टम का सारा डाटा है, ऐसे में गड़बड़ी की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। यह सारी बातें ACB ने अपनी रिपोर्ट में बताई है। हालाँकि इस मामले में जिन लैब पर प्रश्न उठे हैं, उन्होंने अपना जवाब भी दाखिल किया है। मोहल्ला क्लीनिक में हुई गड़बड़ी की जाँच अब सीबीआई कर रही है। इसके लिए बीते माह दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने जाँच के आदेश दिए थे।

Leave a Reply