Saturday, February 24, 2024
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कुख्यात अपराधी मोहम्मद शाहबाज़ एनकाउंटर में ढेर,गाड़ी पलटी,इंस्पेक्टर का रिवाल्वर छीनने लगा

प्रोफेसर आलोक गुप्ता की फोड़ दी आँख, UP पुलिस ने शाहबाज को एनकाउंटर में मार गिराया: पेशी के दौरान गाड़ी पलटने के बाद रिवॉल्वर छीनकर भाग रहा था

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में प्रोफेसर आलोक गुप्ता की उनके घर पर हुई डकैती के दौरान हत्या कर दी गई थी। यूपी पुलिस ने इस घटना में शामिल डकैत शाहबाज को मार गिराया है। 19 सितंबर 2023 को पुलिस शाहबाज को पेशी पर अदालत ले जा रही थी। इसी दौरान गाड़ी पलट गई और शाहबाज एक सब इंस्पेक्टर की रिवॉल्वर छीन कर फायरिंग करने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मार गिराया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 18-19 सितंबर की दरम्यानी रात शाहजहाँपुर जिले के कटरा थाना क्षेत्र निवासी प्रोफेसर आलोक गुप्ता के घर में डकैती पड़ी थी। इस दौरान 35 वर्षीय प्रोफेसर की नींद अचानक खुल गई थी। उन्होंने डकैतों का विरोध किया। डाकुओं ने प्रोफेसर पर चाकुओं से हमला कर दिया। चाकुओं के कई वार लगने की वजह से प्रोफेसर की मौत हो गई। उनकी आँख तक फोड़ दिया गया था। प्रोफ़ेसर को बचाने आईं उनकी पत्नी, पिता, भाई, भाभी और बच्चों को भी डकैतों ने धारदार हथियारों से घायल कर दिया।

घायल होने के बावजूद परिजनों ने शहबाज़ और उसके साथी सहरोज को पकड़ लिया। बाकी डकैत भाग निकले थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घायलों में 3 और 4 साल के बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव फ़ैल गया था। कुछ लोगों ने विरोध स्वरूप सड़क जाम कर दी थी। पुलिस ने केस दर्ज कर के मामले की जाँच शुरू की। फरार डाकुओं पर 75 हजार का इनाम घोषित किया।

डकैतों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि पकड़ा गया डकैत शाहबाज़ एक अन्य दवा व्यापारी की भी हत्या में वांछित है। पुलिस ने शाहबाज को हिरासत में लिया और पेशी के लिए कोर्ट ले जाने लगी। इस दौरान एक जानवर सड़क पर आया। जानवर को बचाने के चक्कर में पुलिस वाहन के ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी पलट गई। गाड़ी पलटते ही शाहबाज अपने साथ चल रहे सब इंस्पेक्टर हितेश तोमर की सर्विस रिवॉल्वर छीन कर खेतों की तरफ भागा। पुलिस ने उसे रुकने के लिए कहा तो शाहबाज़ गोलियाँ चलाने लगा।

पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में लगी गोली से शाहबाज़ गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। शहरोज को गिरफ्तार कर पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। 40 वर्षीय शाहबाज़ कभी ई रिक्शा चलाया करता था, वहीं शहरोज सैलून में काम करता है।

 

शाहजहांपुर के कटरा में आलोक हत्याकांड के बाद मौके से ही पकड़े गए शाहबाज को लेकर लोगों का गुस्सा चरम पर था। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही लोगों ने उसे पीटकर लहूलुहान कर दिया था।

सूत्रों के मुताबिक एनकाउंटर में मारे जाने से पहले करीब 15 घंटे तक पुलिस की गिरफ्त में रहे शाहबाज ने पूछताछ में कई राज उगल कर हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस की काफी मदद की है।

ई-रिक्शा चालक शाहबाज को आलोक गुप्ता के पिता सुधीर गुप्ता पहले से जानते थे। वह अक्सर दुकान का सामान ढोता रहता था। मंगलवार तड़के जब शाहबाज ने साथी बदमाशों के साथ आलोक गुप्ता और उनके परिवार पर हमला किया तो उसे पहचान लिया गया।

बदमाशों से संघर्ष के दौरान आलोक के छोटे भाई प्रशांत ने शाहबाज के सिर पर लकड़ी के पटले से प्रहार किया था। जिससे उसका सिर फट गया था। लहूलुहान होकर शाहबाज वहीं गिर गया था। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों के आ जाने पर बदमाश वहां से भागने लगे। घायल होने के कारण शाहबाज को लोगों ने पकड़कर जमकर धुन दिया।

इस दौरान सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। लोगों ने शाहबाज को पुलिस को सौंप दिया। सुबह आईजी राकेश कुमार, एसपी अशोक कुमार मीणा, एसपी देहात समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए। लोगों को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद अधिकारियों ने शाहबाज से पूछताछ की।

सूत्रों के मुताबिक कई घंटे तक पुलिस की पूछताछ का दौर चला। इस दौरान शाहबाज ने सपा नेता सरताज हत्याकांड में खुद के शामिल होने की बात कबूल कर ली। उसने आलोक हत्याकांड में शामिल अन्य बदमाशों के बारे में भी पुलिस को जानकारी दे दी। इसके बाद पुलिस ने उससे हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया।

 

कटरा सीएचसी में स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद जब पुलिस टीम बतलइया गांव के पास थी तभी दरोगा इतेश तोमर की सरकारी पिस्टल लेकर भाग रहे शाहबाज को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। देर रात तक एसपी समेत अन्य अधिकारी हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में लगे हुए थे।

आरोपियों का मकान ध्वस्त करने की मांग
हत्या के विरोध में व्यापारियों ने बाजार को बंद कर दिया। इस बीच आईजी डॉ. राकेश सिंह के आने पर व्यापारियों ने उनका घेराव कर दिया। मांग की गई कि जिस नेता के इशारे पर आरोपी को छोड़ा गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके बाद बाजार समेत शिक्षण संस्थाएं बंद रहीं। सुरक्षा की दृष्टि से जलालाबाद, जैतीपुर, गढि़या रंगीन, खुदागंज और तिलहर समेत कई थानों की पुलिस फोर्स बुला ली गई।

 

प्रापर्टी के विवाद पर पुलिस ने शुरू की जांच
सुधीर गुप्ता का किरायेदार से विवाद चल रहा था। पांच करोड़ रुपये के दुकान और मकान को सुधीर ने भाजपा नेता के हाथ 50 लाख में बेच दिया था। भाजपा नेता ने जमीन पर कब्जा कर लिया था। बताते हैं कि भाजपा नेता की ओर से दिया गया चेक बाउंस हो गया था। इसके चलते सुधीर गुप्ता लगातार उनसे अपने रुपये मांग रहे थे। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है।

त्याकांड में नाम आने के बाद हरिद्वार में रह रहा था शाहबाज
सपा के पूर्व नगराध्यक्ष सरताज खां की हत्या में नाम आने के बाद आरोपी शाहबाज को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इसके बाद पुलिस से बचने के लिए हरिद्वार में जाकर रहने लगा था। मामला शांत होने के बाद कुछ माह पहले फिर से कटरा में लौट आया था।
शाहबाज के माता-पिता की पहले मौत हो चुकी है। उसका बड़ा भाई साबिर हसन व दो छोटी बहनें हैं, जो घरों में चौका-बर्तन करती हैं। आलोक की हत्या के बाद उसकी बहनें भी घर में ताला डालकर चलीं गईं हैं।

 

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