इंदौर पुलिस ने बांग्लादेशी लड़कियों के तस्कर मुनीर उर्फ़ मुनीरुल को गिरफ्तार कर लिया. मुनीर ने पूछताछ में कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं. आरोप है कि उसने 200 से ज्यादा बांग्लादेशी लड़कियों को जिस्मफिरोशी के धंधे में धकेला. वह हर महीने लड़कियां लाता था. वह 5 साल से इस काम को अंजाम दे रहा है. अब तक वह 75 लड़कियों से शादी कर चुका है.
आरोपी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वह बांग्लादेश और भारत के पोरस बॉर्डर पर नाले के रास्ते लड़कियों को लाता था और बॉर्डर के पास के छोटे गांव में एजेंट के जरिए लड़कियों को मुर्शिदाबाद और आसपास के ग्रामीणों इलाकों में लाकर भारत में एंट्री करवाई जाती थी.
इंदौर पुलिस ने कुछ महीने पहले कई बांग्लादेशी लड़कियों का रेस्क्यू किया था और सागर उर्फ सैंडो, आफरीन, आमरीन व अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था. लेकिन तब मुनीर भाग गया था, जिसे अब सूरत से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और इंदौर लाया गया. मुनीर पर इंदौर पुलिस ने 10,000 का इनाम रखा था. मुनीर बांग्लादेश के जसोर का रहने वाला है. पहले वह लड़कियों से शादी करता और उन्हें भारत लाकर बेच देता. यह नेटवर्क बहुत बड़ा है.
मुनीर ने बताया कि वह गरीब परिवार की लड़कियों को काम दिलाने का बहाना करके चोरी-छिपे बॉर्डर पार करवाकर कोलकाता तक लाता था. फिर उन्हें 1 हफ्ते बॉडी लैंग्वेज और रहन-सहन की ट्रेनिंग दी जाती थी. ट्रेनिंग के बाद लड़कियों को मुंबई भेजा जाता, जहां उन्हें फिर से ट्रेनिंग मिलती और डिमांड के अनुसार शहरों में भेज दिया जाता था. लड़कियां बांग्लादेश की है, इसकी पहचान एजेंट आंखों के जरिए करते थे. मुंबई से रवाना करने से पहले लड़कियों के दस्तावेज रखवा लिए जाते थे.





