राजस्थान के कॉलेज-यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनावों (Rajasthan Student union election results) में सत्ताधारी दल कांग्रेस के लिए चिंताजनक नतीजे आए हैं. कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI को सभी 14 विश्वविद्यालयों में करारी हार मिली है. ABVP को पांच और SFI को दो विश्वविद्यालयों में जीत हासिल हुई है. प्रदेश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित माने जाने वाले राजस्थान विश्वविद्यालय सहित सात जगहों पर निर्दलिय प्रत्याशियों को जीत मिली है. राजस्थान में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में प्रदेश के यूथ का यह रूझान कांग्रेस और अशोक गहलोत के लिए अलार्मिंग माना जा रहा है. राजस्थान के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शुक्रवार को छात्रसंध चुनाव के लिए वोट डाले गए थे और उसका परिणाम शनिवार को घोषित किया गया है.
मंत्रियों के इलाके में भी हारी NSUI
छात्रसंघ चुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लेकर सभी बड़े मंत्रियों के इलाकों में NSUI को करारी हार का सामना करना पड़ा है. गहलोत के गृह क्षेत्र की जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटीं में भी NSUI हार गई है. यहां SFI ने अपना परचम फहराया है. इन चुनाव में गहलोत के बेटे वैभव गहलोत ने भी चुनाव प्रचार किया था. यही हाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के गृह जिले सीकर का रहा है. शेखावटी यूनिवर्सिटी और एसके कॉलेज में NSUI बुरी तरह हारी है
उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक के कॉलेजों में भी NSUI का सूपड़ा साफ हो गया है. यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के क्षेत्र कोटा में कोटा यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में NSUI को हार का सामना करना पड़ा है.
शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला और मंत्री भंवर सिंह भाटी के जिले बीकानेर में महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिटी और वेटरिनरी यूनिवर्सिटी में NSUI हार गई है. चार मंत्रियों वाले जिले भरतपुर में महाराजा सूरजमल यूनिवर्सिटी में ABVP जीत गई.
निर्दलीयों ने जोर दिखाया
राजस्थान विश्वविद्यालय के छा़त्रसंघ चुनाव में निर्दलीयों ने जोर दिखाया. यहां कांग्रेस और बीजेपी नेताओं की ताकत झोंकने के बाद भी निर्दलीय प्रत्याशी निर्मल चौधरी अध्यक्ष बने हैं. ABVP के प्रत्याशी नरेन्द्र यादव की यहां जमानत जब्त हो गई. वहीं NSUI की रितु बराला तीसरे नंबर पर रहीं. निर्मल ने NSUI से बागी होकर चुनाव लड़ने वालीं निहारिका जोरवाल को 1400 से अधिक मतों से हराया. उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय अमीषा मीणा, महासचिव पद पर अरविंद जाजड़ा (ABVP), संयुक्त सचिव पद पर धरा कुमावत (NSUI) ने जीत दर्ज की.
निहारिका राज्य के मंत्री मुरारी मीणा की बेटी हैं, जिन्हें पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का करीबी माना जाता है. NSUI ने टिकट नहीं दिया तो निहारिका ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा. विश्वविद्यालय में लगातार पांचवीं बार किसी निर्दलीय उम्मीदवार ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है.
बीजेपी की बांछें खिलीं
BJP ने छात्र संघ चुनावों के नतीजों पर खुशी जताते हुए कहा है कि छात्र शक्ति ने सरकार के प्रति अपना आक्रोश प्रकट किया है.पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘‘राजस्थान के विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ चुनावों में ABVP के सात अध्यक्ष चुने गए हैं जबकि NSUI को एक भी अध्यक्ष पद नहीं मिला है. राज्य में कांग्रेस के कुशासन से त्रस्त जनता के आक्रोश को छात्रशक्ति ने प्रकट किया है. चाहे तो राज्य सरकार आइना देख ले. BJP के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि छात्रों ने राज्य की अशोक गहलोत सरकार को सिरे से नकार दिया है. इस सरकार के लिए यह ‘लिटमस टेस्ट’ जैसा था. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृहक्षेत्र जोधपुर में भी कांग्रेस से संबद्ध छात्र संगठन खाता नहीं खोल पाया और पूरे प्रदेश में भी इनकी स्थिति शून्य रही. यह भविष्य का संकेत है. जानकारी रहे कोरोना महामारी के कारण राज्य में छात्र संघ चुनाव दो साल बाद हुए हैं.






