दलित श्रध्ग वाकर के हत्यारा मुसलमान आफताब को कोई पछतावा नही,जेल में चाहिए बिसलरी और पिज़्ज़ा,बोला मार दिया तो क्या करूँ हो गया
श्रद्धा वाकर को मार कर 35 टुकड़ों में काटने और फेंक देने वाले आफताब अमीन पूनावाला को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। वो कहता है - "हाँ, मुझसे गलती हुई, हो गई मुझसे गलती। अब क्या मर जाऊँ?"...









