Friday, May 8, 2026
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मोहन भागवत के आबादी वाले बयान से क्यों नाराज है 6 बच्चो के पिता असदुद्दीन ओवैसी

असादुदीन ओवैसी (जन्म 13 मई 1969) भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।ओवैसी पहली बार 2004 में हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए थे। उसके बाद वे 2009 और 2014 के आम चुनाव में भी हैदराबाद क्षेत्र से सांसद चुने गए। 2019 के आम चुनाव में वह अपनी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन से फिर एक बार हैदराबाद क्षेत्र से उम्मीदवार हैं  असदुद्दीन ओवैसी के पिता सलाहुद्दीन ओवैसी भी एक राजनेता थे। वह दो दशक से भी अधिक तक हैदराबाद के सांसद रहे।

ओवैसी की शादी फ़रहीन ओवैसी से हुई है। दंपति के छह बच्चे हैं जिनमें एक बेटा, सुल्तान uddin ओवैसी (2010 का जन्म) और पांच बेटियां – खुदसिया ओवैसी, यासमीन ओवैसी, अमीना ओवैसी, महेन ओवैसी और अतिका ओवैसी शामिल हैं।वह हैदराबाद के शास्त्रीपुरम, मेलर्देवपल्ली में रहते हैं।उनकी सबसे बड़ी बेटी खुदसिया ओवैसी की 24 मार्च 2018 को नवाब शाह आलम खान (पैतृक) और डॉ. मोइनुद्दीन खान सांडोज़ाई (मातृक्षीय पक्ष) के पोता बरकत आलम खान से सगाई हुई थी। उनकी दूसरी बेटी, डॉ. यासमीन ओवैसी की शादी सितंबर 2020 में द सियासत डेली के संपादक ज़ाहिद अली ख़ान के चचेरे भाई, डॉ. आबिद अली खान से हुई थी।। वह उर्दू / हिंदी और अंग्रेजी में निपुण हैं। उनके समर्थकों ने उन्हें नाकीब-ए-मिलत (समुदाय का नेता) के रूप में स्वागत किया।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के देश में ‘धार्मिक आधार पर जनसंख्या असंतुलन’ वाले बयान पर AIMIM के चीफ असदुद्दीन औवेसी ने कहा है कि मुस्लिम सबसे ज्यादा कंडोम का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुस्लिमों की प्रजनन दर पहले के मुकाबले कम हुई है. उन्होंने बयान में कहा कि, ‘चिंता मत करो, मुसलमानों की जनसंख्या बढ़ नहीं रही है, बल्कि घट रही है. सबसे ज्यादा कंडोम कौन इस्तेमाल कर रहा है? हम कर रहे हैं.’ इस बयान के बाद उन्होंने यह भी कहा कि, ‘मोहन भागवत इस पर कोई चर्चा नहीं करेंगे.’ यह बात उन्होंने एक जनसभा के दौरान कही.
मुस्लिम कंडोम का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, ओवैसी के बयान के पीछे का सच क्या है?
Condom Use in India : एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में दावा किया था कि मुस्लिम समुदाय सबसे अधिक कंडोम का इस्तेमाल करता है। ओवैसी का कहना था कि मुसलमानों की आबादी नहीं बढ़ रही है। इस बारे में कोई चिंता न करें। हमारी आबादी घट रही है।
 

  • ओवैसी ने मुस्लिमों को जनसंख्या असंतुलन का जिम्मेदार ठहराने पर दी थी प्रतिक्रिया
  • एनएफएचएस सर्वे के अनुसार देश में मुसलमानों की कुल प्रजनन दर में तेजी से कमी
  • सर्वे में देश में गर्भ-निरोधक के रूप में महज 10% पुरुष ही कर रहे हैं कंडोम का इस्तेमाल

 

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (AIMI) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया है कि मुस्लिम समुदाय दो बच्चों के जन्म में अंतराल बनाए रखने के लिए कंडोम का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करता है। औवैसी का यह बयान जनसंख्या असंतुलन को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पणी पर आया है। औवैसी का कहना है कि देश में मुसलमानों की आबादी नहीं बढ़ रही है। मुसलमानों में टीएफआर (कुल प्रजनन दर) घट रही है। ओवैसी ने कहा कि कंडोम का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कौन कर रहा है? हम इसका उपयोग कर रहे हैं।
समान जनसंख्या नीति की वकालत
दरअसल नागपुर में आरएसएस की दशहरा रैली में मोहन भागवत ने कहा था कि भारत को व्यापक विचार विमर्श के बाद जनसंख्या नीति तैयार करनी चाहिए। यह नीति सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। भागवत ने कहा था कि समुदाय आधारित जनसंख्या असंतुलन एक महत्वपूर्ण विषय है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या वाकई में मुस्लिम सबसे अधिक कंडोम का यूज कर रहे हैं। हालांकि, मुस्लिमों के कंडोम के यूज को लेकर कोई सरकारी रिपोर्ट नहीं है। देश में कंडोम के यूज को लेकर नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं थीं।

 

मुसलमानों में टीएफआर (कुल प्रजनन दर) घट रही है। आप जानते हैं कि कौन दो बच्चों को जन्म देने में अधिक अंतराल बनाए रखता है? मुसलमान बनाए रखते हैं। कंडोम का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कौन कर रहा है? आपको सूचित करना चाहता हूं कि हम इसका उपयोग कर रहे हैं।
-असदउद्दीन औवैसी

 

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हर 10 में एक आदमी ही करता है कंडोम का यूज
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे -5 (2019-2021) के अनुसार, भारत में हर 10 में से सिर्फ एक पुरुष ही कंडोम का यूज करता है। वहीं, हर 10 में से लगभग चार महिलाएं गर्भधारण से बचने के लिए नसबंदी करवाती हैं। इससे यह जाहिर होता है कि महिला नसबंदी अभी भी देश में जारी है। NFHS के अनुसार, देश में केवल 9.5% पुरुष कंडोम का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, देश में 37.9% महिलाओं ने नसबंदी करवाई। हालांकि, गांवों की तुलना में शहरों में कंडोम का यूज बेहतर है। ग्रामीण भारत में 7.6% पुरुष और शहरी भारत में 13.6 प्रतिशत पुरुष कंडोम का उपयोग करते हैं। वहीं, ग्रामीण भारत में 38.7% महिलाएं और शहरी भारत में 36.3% महिलाएं नसबंदी कराती हैं।

 

देश में कंडोम का यूज कम है क्योंकि फैमिली प्लानिंग को महिलाओं की जिम्मेदारी माना जाता है। पुरुषों के लिए, सेक्स विशुद्ध रूप से आनंद के लिए है। महिलाओं के लिए, यह अक्सर या तो प्रजनन के बारे में होता है, या इसमें गर्भवती होने का डर शामिल होता है।
पूनम मुत्तरेजा, कार्यकारी निदेशक, पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया

 

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मुस्लिमों की प्रजनन दर में 47% कमी

देश में मुसलमानों की आबादी लगभग 20 करोड़ है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 में देश में प्रजनन दर में कमी दर्ज की गई है। 1992 के बाद से अब तक देखें तो मुसलमानों की प्रजनन दर में सबसे अधिक 47 प्रतिशत की कमी हुई है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-1 (1992-93 )में मुसलमानों की कुल प्रजनन दर 4.4 थी। वहीं, NFHS-5 में मुस्लिमों की टीएफआर घटकर 2.3 पर आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में ओवरऑल बच्चे पैदा करने की रफ्तार 2.2% से घटकर 2% रह गई है। मुस्लिम वर्ग के प्रजनन दर में तेज गिरावट दर्ज की गई है। मुसलमानों में एनएफएचएस -4 और एनएफएचएस -5 के बीच 2.62 से 2.36 तक 9.9% की सबसे तेज गिरावट देखी गई है। आंकड़ों से साफ है कि परिवार नियोजन की तरफ मुस्लिम अब तेजी से मुड़ रहे हैं।

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