तालिबानियों ने कुर्सी के लिए मार दिया खुद के सबसे बड़े नेता को,अखुंदजादा की हत्या,चालू है औरंगजेब ,बाबर वाली प्रथा,बाप को नही बख्शा था
तालिबान भले ही दुनिया की नजरों में खुद की अलग छवि पेश करने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत जब सामने आती है तो उसकी शांति और अमन की बातें खोखली साबित होती है। अब तो आलम...