Sunday, June 7, 2026
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अमित शाह के कारण बैठ नहीं पा रहे,केजरी राहु.. और अन्य,बहुत सूजी हुई है तशरीफ

#JantarMantar

ये अभी ख़त्म नहीं हुआ, .#AmitShah जी😂

रिपोर्ट्स के मुताबिक,

दिल्ली में पूरी अराजकता फैलाने की पूरी तैयारी थी, ताकि पुलिस को सख्त कार्रवाई के लिए उकसाया जाए और फिर Gen-Z को भड़काकर पूरे देश में हिंसा फैलाई जा सके।

लेकिन मोटा भाई ने शुरुआती स्टेज में ही सारे प्लान की हवा निकाल दी।

बताया जा रहा है कि अभिजीत दिपके हैरान रह गए जब उन्हें दिल्ली पुलिस का ‘शांतिपूर्ण’ प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर का परमिशन लेटर थमा दिया गया और सीधे जंतर-मंतर जाने को कहा गया, बिना संसद मार्ग थाने जाए। मैच शुरू होने से पहले ही ये नॉकआउट पंच था क्योंकि इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक, अराजकता की प्लानिंग जंतर-मंतर पर नहीं बल्कि थाने पर ही थी। सारी तैयारियां हो चुकी थीं। AISA जैसे वामपंथी छात्र संगठन और JNU, PFI, CFI, कुछ LGBT ग्रुप्स को कथित तौर पर संसद मार्ग थाने के बाहर इकट्ठा होने के निर्देश थे।

प्लान सीधा लग रहा था। पुलिस NOC के लिए अप्लाई करो…पुलिस मना करेगी क्योंकि ऐसी NOC मौके पर कभी नहीं मिलती…पुलिस से बहस करके माहौल गर्म करो…एक-दो कुर्सी-टेबल तोड़ो ताकि पुलिस कार्रवाई करे…अराजकता शुरू करो और कुछ गिरफ्तारियों के बाद विक्टिम कार्ड खेलो। फिर बाकी शहरों में नैरेटिव फैलाकर Gen-Z को सड़कों पर उतारो।

लेकिन मोटा भाई ने समझदारी दिखाई। दिल्ली पुलिस ने NOC मांगने से पहले ही जारी कर दी। तो एक्शन सीधे जंतर-मंतर शिफ्ट हो गया जिसकी प्लानिंग ही नहीं थी।

अब जंतर-मंतर पर — भारी पुलिस बल तैनात, सादे कपड़ों में बॉडी कैम वाले पुलिस फोटोग्राफर भीड़ में, ड्रोन से निगरानी…मतलब हर चेहरा कैप्चर, हर पहचान दर्ज। हिंसा की कोशिश की तो पुलिस कुछ दिनों में देश के किसी भी कोने से पकड़ लेगी। दिल्ली बॉर्डर सील, मेट्रो पर कड़ी निगरानी। भागने की कोशिश की तो पकड़े जाओगे।

नतीजा-

प्लान करने वाले चौंक गए। न तो भीड़ जुटा पाए क्योंकि असली Gen-Z इतना बेवकूफ नहीं कि इस तमाशे में शामिल हो और पेड भीड़ भी ज्यादा नहीं ला पाए क्योंकि प्लान जंतर-मंतर तक पहुंचने का था ही नहीं, न ही वामपंथी ग्रुप्स इकट्ठा होने के बाद कुछ कर पाए भारी सुरक्षा की वजह से। बैठो, चिल्लाओ, नारे लगाओ, नौटंकी करो…दोपहर बाद मीडिया भी कवर करना बंद कर देता है क्योंकि कुछ ‘एक्साइटिंग’ नहीं हो रहा। तमाशा अपने आप खत्म। हाइप ओवर।

उन लोगों के लिए सबक जो भारत को बांग्लादेश-नेपाल बनाना चाहते हैं —

1. भारत के पास मोदी सरकार है, बांग्लादेश और नेपाल के पास नहीं थी।
2. भारत के पास अमित शाह जी जैसे गृह मंत्री हैं।
3. भारत की इंटेलिजेंस एजेंसियां किसी भी गलत प्लान को नाकाम करना और साइकोलॉजिकल वॉरफेयर खेलना जानती हैं।
4. भारत का असली Gen-Z समझदार है और तय कर सकता है कि उसके लिए क्या सही है। वो करियर बनाने पर फोकस्ड है, न कि अपने समृद्ध देश को बर्बाद करने पर।
5. भारत का Gen-Z विपक्षी दलों और उनके समर्थकों पर भरोसा नहीं करता।
6. #narendramodi जी के नेतृत्व पर भारतवासियों का भरोसा अटल है।

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