कॉन्ग्रेसी खुद एग्जाम के फर्जीवाड़े में हुआ गिरफ्तार, वही बना NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन का चेहरा: कॉन्ग्रेस के ‘पाखंड’ की खुली पोल

कॉन्ग्रेस पार्टी का NEET पेपर लीक विवाद को लेकर किया जा रहा ताजा विरोध प्रदर्शन में उसके राजनीतिक पाखंड का पर्दाफाश हो गया है। शुक्रवार (15 मई 2026) को कॉन्ग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने देशभर में प्रदर्शन करते हुए पेपर लीक माफिया और कोचिंग सिंडिकेट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ कर रहे थे। लेकिन जिस नेता को कॉन्ग्रेस ने पेपर लीक के खिलाफ अपने अभियान का चेहरा बनाया है, उसी विनोद जाखड़ का नाम खुद एक समय परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाने के मामले में सामने आ चुका है। साल 2015 में राजस्थान यूनिवर्सिटी की PMT परीक्षा के दौरान विनोद पर जयपुर में मामला दर्ज हुआ था।
परीक्षा में अपनी जगह फर्जी अभ्यर्थी बैठाने का आरोप
परीक्षा के दौरान विनोद की जगह एक डमी कैंडिडेट पेपर देता पकड़ा गया था। उस समय जाखड़ राजस्थान कॉलेज की छात्र राजनीति से जुड़े हुए थे। उस समय की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनिवर्सिटी की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम को तब शक हुआ, जब परीक्षा हॉल में मौजूद परीक्षकों ने एडमिट कार्ड पर लगी फोटो और परीक्षा दे रहे व्यक्ति के चेहरे में अंतर देखा।

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि परीक्षा कोई दूसरा व्यक्ति दे रहा था, जबकि विनोद जाखड़ खुद परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद बताए गए थे। इसके बाद पुलिस मामला दर्ज हुआ, आरोपितों को हिरासत में लिया गया और जाखड़ की तलाश शुरू की गई। खबरों के अनुसार, वह शुरुआत में फरार हो गए थे, बाद में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था।
यही वजह है कि कॉन्ग्रेस का परीक्षा घोटालों और पेपर लीक को लेकर दिखाया जा रहा गुस्सा राजनीतिक नाटक ज्यादा नजर आता है। जो पार्टी आज पेपर लीक मामले में नैतिकता और जवाबदेही की बात कर रही है, उसी ने अपने अभियान के सबसे आगे ऐसे नेता को खड़ा किया है, जिस पर खुद परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े आरोप लग चुके हैं।
मामला अहम इसलिए माना जा रहा है क्योंकि NSUI का प्रदर्शन छात्रों के भविष्य को बचाने और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ जवाबदेही तय करने के नाम पर किया गया था।






