2012 में शुरू हुआ था, जब फेसबुक के जरिए इंदौर की रहने वाली हिंदू युवती की मुलाकात ‘नवीन राणा’ नाम के एक लड़के से हुई। आरोपित ने खुद को हिंदू बताकर युवती को अपने प्रेमजाल में फँसा लिया। बाद में पता चला कि उसका असली नाम नावेद था। आरोपित ने शादी का झांसा देकर युवती को दिल्ली बुलाया और उसका मोबाइल फोन घर पर ही छुड़वा दिया ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।
मदरसों में कैद और जबरन धर्मांतरण
हिंदू युवती का कहना है कि आरोपित अक्सर उससे मिलने इंदौर आता था और एक दिन उसे दिल्ली बुला लिया। आरोप है कि दिल्ली आने से पहले उससे मोबाइल घर पर छोड़ने को कहा गया और वहाँ पहुँचने पर दूसरा फोन दे दिया गया।
इसके बाद आरोपित का दोस्त उसे हजरत निजामुद्दीन लेकर पहुँचा, जहाँ से उसे मुजफ्फरनगर भेज दिया गया।युवती को दिल्ली से मुजफ्फरनगर भेज दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि उसे 14 साल तक अलग-अलग शहरों (मेरठ, जयपुर, खतौली) के मदरसों और गुप्त ठिकानों पर बंधक बनाकर रखा गया।
वहाँ उसे जबरन इस्लामिक तौर-तरीके सिखाए गए। सुबह 4 बजे उठाकर नमाज पढ़ने और कुरान पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर उसे खाना नहीं दिया जाता था और मारपीट की जाती थी। पीड़िता ब्राह्मण परिवार से थी, लेकिन उसे जबरन नॉनवेज खिलाया जाता था।
निकाह और हलाला का टॉर्चर
हिंदू युवती के मुताबिक, इस दौरान उसका कई बार अलग-अलग लोगों से निकाह कराया गया। पहले उसका निकाह एक उम्रदराज व्यक्ति अब्दुल रहमान से कराया गया, जिसने बाद में फोन पर ही उसे ‘तीन तलाक’ दे दिया। इसके बाद उसका हलाला कराया गया और फिर मुदस्सिर पठान से निकाह हुआ, जिसकी बाद में मौत हो गई।
आखिर में 2021 में उसका निकाह खालिद हुसैन से कराया गया। आरोप है कि खालिद ने भी उसे तलाक दे दिया और फिर हलाला के नाम पर अपने जीजा के साथ संबंध बनाने का दबाव बनाया। पीड़िता को नशीला पदार्थ देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म भी किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
हिम्मत जुटाकर पीड़िता ने लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर से मदद माँगी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। गाजियाबाद की अंकुर विहार पुलिस ने मुख्य आरोपित खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है।
इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 16 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपितों पर दुष्कर्म, जबरन धर्मांतरण, मारपीट और बंधक बनाने जैसी गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं। पुलिस अब इस पूरे गिरोह की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसकी तुलना कुछ लोग फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ से कर रहे हैं। इंदौर की रहने वाली एक बीबीए छात्रा ने आरोप लगाया है कि पिछले 14 वर्षों तक उसे एक संगठित गैंग ने कैद और प्रताड़ना भरी जिंदगी जीने पर मजबूर किया।
पीड़िता के मुताबिक, साल 2012 में फेसबुक पर उसकी मुलाकात नवीन राना नाम के युवक से हुई थी। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और शादी की बात होने लगी। आरोप है कि युवक ने शादी का झांसा देकर उसे दिल्ली बुलाया। बाद में उसकी पहचान नावेद के रूप में सामने आई।
पीड़िता का आरोप है कि उसे उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई मदरसों में रखा गया, जहां मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया। उसने दावा किया कि उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया, नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और विरोध करने पर खाना तक नहीं दिया जाता था।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि मेरठ के एक मदरसे में कई अन्य हिंदू लड़कियां भी थीं, लेकिन उन्हें आपस में बातचीत तक नहीं करने दी जाती थी। फिलहाल मामले को लेकर जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
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