बंग ममता के करीबी कोलकाता के DCP के खिलाफ लुकाउट नोटिस जारी: देश छोड़ने की आशंका, जानें- क्या है ‘सोना पप्पू सिंडिकेट’ जिसमें फँसे शांतनु

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के DCP शांतनु सिन्हा बिश्वास के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है। शांतुन के देश छोड़कर भागने की आशंका के बीच ED ने सोना पप्पू केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यह नोटिस जारी किया है। गौरतलब है कि ED ने पिछले महीने शांतनु सिन्हा के आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शांतनु सिन्हा को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है और एक समय वह कालीघाट पुलिस स्टेशन के इंचार्ज थे जो भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। उन्हें ममता सरकार के धरने के दौरान मंच पर देखा गया था। इससे पहले ED ने बंगाल में मतदान के अंतिम चरण से ठीक एक दिन पहले ‘सोना पप्पू’ से जुड़े सिंडिकेट मामले में शांतनु सिन्हा को पूछताछ के लिए फिर से तलब किया था।

क्या है ‘सोना पप्पू सिंडिकेट’ केस?

दक्षिण कोलकाता के बालीगंज का निवासी सोना पप्पू एक रियल एस्टेट डेवलपर और हिस्ट्रीशीटर है। उस पर हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट के तहत 15 से अधिक आपराधिक केस दर्ज हैं। सोना पप्पू पर आरोप है कि उसने फ्लैट देने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपए लिए और उन्हें न तो फ्लैट मिले और न ही पैसे वापस हुए। इसके बाद ED ने PMLA के तहत इस मामले में केस दर्ज किया है। अप्रैल 2026 में ED ने कोलकाता के आनंदपुर, अलीपुर और अन्य इलाकों में सोना पप्पू के सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई है।

इसके अलावा सोना पप्पू पर हिंसा की साजिश रचने का भी आरोप है। बीती फरवरी में गोलपार्क इलाके में दो गुटों में बमबाजी हुई। दावा किया गया था कि सोनू पप्पू के नेतृत्व में 100+ युवकों ने एक निवासी बप्पी हलदर और उसके समर्थकों पर धावा बोल दिया था और ऐसा सोना पप्पू ने दबदबा कायम करने के मकसद से किया था। 2017 में उसे स्विन्हो लेन पर विवाद के चलते पलाश जाना की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था लेकिन पप्पू को जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

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