आतंक का डॉक्टर, साजिश कहां तक… 350 किलो से दिल्ली दहलाने की साजिश रच रहे ये दो खूंखार डॉक्टर जानें कौन हैं?
Faridabad News: सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए फरीदाबाद में करीब 300 किलोग्राम विस्फोटक और दो एके 47 बरामद की हैं. इस साजिश में शामिल दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है.
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एक और MBBS, MD डॉक्टर निकला आतंकी: खतरनाक रिजिन जहर, पाकिस्तान से मिले हथियारों की देश भर में सप्लाई!
गुजरात ATS ने एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल करते हुए डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद, मोहम्मद सुहेल और आज़ाद सैयफ़ नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ये तीनों आरोपी लगभग एक साल से ATS की निगरानी में थे जो पूरे देश में भीषण आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे।
डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद ने चीन के झेंगझोउ मेडिकल यूनिवर्सिटी से MBBS और MD जनरल मेडिसिन की डिग्री की पढ़ाई की थी और वर्षों से मेडिकल प्रोफेशन में था।
वर्तमान में हैदराबाद के “ज़ोई हॉस्पिटल्स” में जनरल फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत था।
इसके पहले वो “ओस्मानिया गवर्नमेंट हॉस्पिटल” में सीनियर रेजिडेंट के रूप में और केयर हॉस्पिटल्स, हैदराबाद में कंसल्टेंट जनरल फिजिशियन के रूप में भी सेवा दे चुका है।
ऐसे जेहादी को ऑनलाइन मेडिकल प्लेटफॉर्म्स पर मरीजों से 5-स्टार रेटिंग और 165+ सकारात्मक समीक्षाएं मिली हुई है। मरीज़ों ने उनकी डायग्नोस्टिक स्किल्स,व्यवहार और उपचार की प्रशंसा की है।
जाहिर है कि ये सारी रेटिंग उसके ही क़ौम के लोगों द्वारा दी गयीं होंगी अथवा paid होंगी।
मोहम्मद सुहेल और आज़ाद सैयफ़ उत्तर प्रदेश के लखीमपुर और शामली से हैं। दोनों को ‘दीनी’ तालीम मिली है और वे अत्यधिक रेडिकल विचारों वाले हैं।
डॉ सैयद अपनी मेडिकल पृष्ठभूमि का दुरुपयोग करते हुए रिजिन जैसे खतरनाक रासायनिक जहर को तैयार कर रहा था, जिसे चाकू पर कोटिंग या बुलेट के रूप में इस्तेमाल तो किया ही जा सकता था इसकी थोड़ी भी मात्रा भी पेय जल के स्रोतों में मिलाने पर भारी तबाही ला सकती थी।
ये तीनों देश के अलग-अलग हिस्सों में हथियार आपूर्ति पहले से ही कर रहे थे और अब रसायनिक जहर को भी आपूर्ति करने वाले थे।
आरोपियों के पास से ऑस्ट्रिया में निर्मित “ग्लॉक: और इटली में निर्मित “बेरेटा” पिस्टलें, जिंदा कारतूस और जहरीला रसायन बनाने की सामग्री जब्त किया गया है।
बरामद पिस्टलें विश्वभर में पुलिस, सेना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा उपयोग की जाती हैं जो भारत में आम उपयोग के लिये प्रतिबंधित हैं।
पकड़े गये आरोपियों का पाकिस्तान की “कुतिया” एजेन्सी ISI और इस्लामिक स्टेट – खोरासान प्रोविंस (ISKP)से सीधा संपर्क था।
ये भारत में हाल में ही प्रकाश में आये आतंकी नेटवर्क अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) की गतिविधियों में भी शामिल थे। और लखनऊ, दिल्ली, अहमदाबाद और कश्मीर में रेकी (Reiki) करके बड़े हमले की तैयारी में थे।
डॉ.अहमद मोहिउद्दीन सैयद हैदराबाद से गुजरात विशेष रूप से हथियारों की डिलीवरी लेने के लिए आया था।
उसके दोनों साथियों मोहम्मद सुहेल और आजाद सुलेमान शेख ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियारों की खेप प्राप्त की थी, जो पाकिस्तान की सीमा से ड्रोन के जरिए भेजी गई थी।
इन दोनों ने हथियारों को राजस्थान से गुजरात के “कालोल” पहुंचा कर एक कब्रिस्तान में छिपा दिया था।
डॉ.सैयद हैदराबाद से अपनी आंध्र प्रदेश रजिस्ट्रेशन वाली सिल्वर Ford Figo कार से इन्हीं हथियारों की डिलीवरी लेने गुजरात गया था।
गुजरात ATS को पहले ही खुफिया जानकारी मिल चुकी थी, जिसने इसे रंगे हाथों धर दबोचा।
भारत में आतंकी मानसिकता अब उच्च शिक्षित और पेशेवर मुसलमानों तक भी पहुंच रही है। इतनी शिक्षा के बाद भी इनका धार्मिक कट्टरता और वैश्विक आतंकी आदर्शों के प्रति आकर्षित होना अब कोई चौंकाने वाली घटना नहीं रही।
अपने कान आंखे खोल के रखे ये आपके आस पास ही मिलेंगे पढ़ने लिखने के बाद भी ये लोग सिर्फ जिहाद कर सकते इसमें कोई शक नहीं है ।
(From S M)






