शराब व्यापारी ने दी जान
सुसाइड नोट में इति तिवारी का नाम – 25 लाख ऐंठने का जिक्र, हनी ट्रैप गैंग की गूंज ने मचाई सनसनी
क्या इति तिवारी अकेली ?
शहर में उस वक्त सनसनी फैल गई जब शोशा पब के संचालक और शराब व्यापारी भूपेंद्र रघुवंशी (मूल निवासी धार) ने आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वे एक युवती के हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के शिकार हुए थे।
पुलिस को भूपेंद्र का सुसाइड नोट मिला है। उसमें उन्होंने साफ लिखा कि उनकी मौत के बाद परिवार और दोस्तों को कोई परेशान न करे। नोट में युवती इति तिवारी का नाम सामने आया है, जिसके साथ उनका रिश्ता दो साल से ज्यादा चला।
सुसाइड नोट के चौंकाने वाले अंश…
“मुंबई जाने के बाद इति ने मुझे धमकाना शुरू किया। रेप केस लगवाने की धमकी देती थी।”
“एक रात उसने हंगामा किया और मामला 25 लाख में सुलझा। अगले दिन मैंने पैसे दे दिए।”
“इसके बाद भी वह दबाव बनाती रही और मुझे कैद कर दिया।
भूपेंद्र ने यह भी लिखा कि शुरुआत में सब कुछ उनकी मर्जी से हुआ और खर्चे भी उन्होंने ही किए। लेकिन बाद में युवती को गलत सपोर्ट मिला और उसने उन्हें पूरी तरह ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
इति तिवारी अकेली नहीं?
सूत्रों की मानें तो इति तिवारी इस ब्लैकमेलिंग खेल में अकेली नहीं थी। चर्चा है कि उसके साथ और भी कई लोग जुड़े हुए हैं। व्यापारी ने अपने सुसाइड नोट में उन लोगों का नाम नहीं लिखा, लेकिन यह हकीकत सिर्फ इति ही बता सकती है कि आखिर किन लोगों के साथ मिलकर वह ब्लैकमेलिंग कर रही थी।
पुलिस जांच में हनी ट्रैप रैकेट की गूंज
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में हनी ट्रैप गैंग की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। इति तिवारी के मुंबई और इंदौर दोनों जगह के कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि और कौन-कौन लोग इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का हिस्सा थे।
भूपेंद्र रघुवंशी की आत्महत्या ने इंदौर ही नहीं, पूरे शराब और पब कारोबार जगत को हिला कर रख दिया है। पुलिस अब इस मामले को किसी संगठित हनी ट्रैप रैकेट से जोड़कर देख रही है और बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।






