कांग्रेस के नेता राहुल गांधी द्धारा लंदन (UN) में की गई टिप्पणियों के चलते देश में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। बीजेपी जहां राहुल गांधी पर हमलावर बनी हुई है तो दूसरी ओर कांग्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पलटवार कर रही है।
नेशनल डेस्क: कांग्रेस के नेता राहुल गांधी द्धारा लंदन (UN) में की गई टिप्पणियों के चलते देश में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। बीजेपी जहां राहुल गांधी पर हमलावर बनी हुई है तो दूसरी ओर कांग्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पलटवार कर रही है। इसी बीच बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र कर राहुल गांधी पर हमला बोला है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, जब कांग्रेस ने अटल जी को यूएन भेजा था, तब बीजेपी विपक्ष मे थी लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी ने विदेश में भारत की बुराई नहीं की।
हालांकि उस दौरान वहां मौजूद कुछ पत्रकारों ने पूछा कि आप विपक्ष में होने के बावजूद सरकार के पक्ष में क्यों बोल रहे…तो बदले में अटल जी ने कहा था कि मैं यहां भारत का प्रतिनिधित्व करने आया हूं और वहां मैं भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधित्व करता हूं। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बातें खरगोन की बड़वाह विधानसभा में एक आयोजन समारोह के दौरान कहीं।
कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि यूएन की बैठक में प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी को भेजा था। अटल जी ने विदेश में जम्मू कश्मीर के विषय में भारत सरकार के किए गए कार्यों के बारे में पक्ष रखा था। लेकिन वहां पत्रकारों ने अटल जी से पूछा कि आप तो सरकार की खूब आलोचना करते हैं, लेकिन यहां आकर आप सरकार का पक्ष ले रहे हैं? इसके जवाब में अटल जी ने कहा कि देश में हमारी पार्टी विपक्ष में है, लेकिन यहां मैं भारत के झंडे का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। लोकतंत्र में राजनीति में कहां विरोध करना चाहिए इस बात की समझ होना चाहिए।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लंदन में दिए गए एक बयान को लेकर राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। पीयूष गोयल ने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि विपक्ष के एक नेता ने विदेशी धरती से ‘‘शर्मनाक तरीके” से भारत के लोकतंत्र के बारे में ‘‘अनाप-शनाप” बातें की हैं। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्षी नेता ने भारत, भारत की सेना, भारत के लोकतंत्र, मीडिया, न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग का अपमान किया है। उन्होंने लोकतंत्र को चोट पहुंचाई है।” गोयल ने कहा कि इसके लिए विपक्षी नेता को सदन में आकर देश से माफी मांगनी चाहिए।






