बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर रामचरितमानस पर दिए अपने बयान पर कायम.
रामचरितमानस पर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के बयान पर सियासी बवाल जारी.
चंद्रशेखर को रामचरितमानस के साथ जय श्रीराम के नारे पर भी है आपत्ति.
गिरिराज सिंह की शिक्षा मंत्री को चुनौती- कुरान-बाइबिल पर बोल कर देखें.
पटना. बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर के द्वारा राम चरितमानस पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के बाद पूरे देश की सियासत गरमा गई है. देशभर में शिक्षा मंत्री के खिलाफ आक्रोश है. राजनीतिक दलों के साथ-साथ साधु संत समाज भी चंद्रशेखर के इस बयान पर नाराजगी जता रहे हैं. इतना कुछ हो जाने के बाद भी शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर अपने बयान पर डटे हुए हैं. उनका कहना है कि यदि हमारे अंदर कोई बीमारी या कमजोरी है तो उस पर बोलना क्या गुनाह है?
हालांकि, उन्होंने कुरान और बाइबिल के बारे में कुछ भी बोलने से मना कर दिया. इस बीच शिक्षा मंत्री के इस बयान से महागठबंधन में शामिल राजद और अन्य सहयोगी दलों ने किनारा कर लिया है.
रामचरितमानस पर बयान देने के बाद भी बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर खेद जताते के बजाय अपनी पीठ खुद थपथपा रहे हैं. मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि हमारे अंदर कोई बीमारी और कमजोरी है उस पर बोलना क्या कोई गुनाह है. रामचरितमानस में 8 से 10 दोहे ऐसे हैं इस पर आपत्ति जताई जा रही. चंद्रशेखर ने इन सभी दोहों को रामचरितमानस से हटाने की मांग की है .
राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने भी कुछ दिन पूर्व राम जन्मभूमि पर सवाल उठाया था और अब उसी पार्टी के विधायक और बिहार सरकार के मंत्री रामचरितमानस पर सवाल उठा रहे हैं. शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर को सिर्फ रामचरित मानस ही नहीं बल्कि जय श्रीराम के नारे पर भी आपत्ति है. उन्होंने कहा कि जय श्रीराम नफरत पैदा करता है; और हे राम मोहब्बत पैदा करता है. रामचरितमानस को लेकर चंद्रशेखर का कहना है कि जातियों के खिलाफ नफरत फैलाने के खिलाफ मैं हूं. जिसने मेरी जिह्वा काटने का फरमान जारी किया है उसका डटकर मुकाबला करूंगा






