मंत्री का झूठ पकड़ा गया. साथ ही इससे साबित हुआ कि वोट बैंक के खातिर मंत्री अपने सरनेम में यादव लगाते रहे हैं.
दरअसल, बुधवार को नालंदा खुला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर भाग लेने पहुंचे थे. वहीं मंत्री ने छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए जहां रामचरितमानस, सुंदरकांड पर सवाल खड़ा करते हुए इसे नफरत का ग्रंथ बता दिया. वहीं, इन्होंने यह भी कहा था कि आज भी समाज में जातिवादी सोच से लोग जकड़े हुए हैं. वहीं दावे के साथ कहा था कि मैं अपने नाम के आगे और पीछे कोई सरनेम नहीं लगाता.
अपने संबोधन में साफ कहा कि मैं सिर्फ चंद्रशेखर लिखता हूं. इन्होंने लोगों से अपील भी कर दी कि अगर देश को ताकतवर बनाना है तो जाति और सरनेम नहीं जानना चाहिए. लेकिन, न्यूज 18 ने मंत्री की गलतबयानी को सामने ला दिया और उनकी वोट बैंक को साधने की मंशा को भी सामने ला दिया है.
मैनेजर की मानें तो मंत्री जी की दिनचर्या में पूजा पाठ भी शामिल है. उसमें भी वे हनुमान चालीसा और गायत्री मंत्र का पाठ जरूर करते हैं. बहरहाल, शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के खिलाफ अब लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही है. हालांकि, उनके बयान के बाद मंत्री फिर कैमरे पर आना नहीं चाह रहे हैं. वहीं सत्ताधारी जदयू और राजद के बड़े नेता भी इनके खिलाफ बोलने से बच रहे हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि मंत्री की गलतबयानी सामने आने के बाद वे क्या जवाब देते हैं. (इनपुट- तुरबसु कुमार सिंह)






