दिल्ली के आउटर क्षेत्र में एक जनवरी को अलसुबह स्कूटी सवार एक 20 साल की युवती को टक्कर मारने और फिर उसके शव को कार से 12 किलोमीटर तक घसीटे जाने की घटना (कंझावला कांड) के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन वाले गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, दिल्ली पुलिस में विशेष आयुक्त शालिनी सिंह को विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपने को कहा गया है. यह जानकारी सूत्रों से मिली है.
घटना के एक दिन बाद बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी में सोमवार को लोगों ने प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि पुलिस बलात्कार के मामले को दुर्घटना मानकर इस पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है. युवती की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा देने की मांग को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में लोग सुल्तानपुरी थाने के बाहर एकत्र हो गए और यातायात जाम कर दिया.
पीड़िता की मां ने कहा, पुलिस ने मुझसे कहा कि अगर पोस्टमार्टम में आ गया तो वे रेप का केस लगाएंगे. अगर उन्होंने रेप किया है तो रेप का केस भी लगेगा. मैं फांसी की मांग करती हूं ताकि मेरी बच्ची को इंसाफ मिले. मेरी बच्ची के शरीर पर त्वचा नहीं है. हाथ पैर भी नहीं है.
दिल्ली में हुई घटना को लेकर सड़कों पर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। मामले की जांच में पता चला कि आरोपी भाजपा नेता है।
दिल्ली कंझावाला कार घटना को लेकर विरोध शुरू हो गया है। मामले में 5 आरोपी हैं। पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर लिया है। उनमें एक बीजेपी नेता बताया जा रहा है। इसका नाम मनोज मित्तल है। मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया। भारी संख्या में लोग सड़को पर उतर कर हंगामा कर रहा है।
नए साल की रात हुई घटना न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। ये वाकई कोई घटना है या फिर हत्या? सभी के जहन में ये ही सवाल है। खैर ये जांच को मुद्दा है। लेकिन घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है। पांचों आरोपियों में एक भाजपा नेता है। इसकी सुल्तानपुरी में इसकी राशन की दुकान है। इसके साथ ही इलाके में इसके पोस्टर लगे हुए हैं। इसमें मनोज मित्तल को बीजेपी वार्ड-42 मंगोलपुरी का सह-संयोजक बनाए जाने पर पार्टी शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद दिया गया है।
केजरीवाल ने की सख्त सजा की मांग
दिल्ली में हुई हैवानियत के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि हमारी बहन के साथ हुई घटना बहुत शर्मनाक है और इस मामले में दोषियों के को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस मामले को लेकर पुलिस आयुक्त वीके सक्सेना से चर्चा की है।
उनका कहना है कि इस घटना से हमारा सिर शर्म से झुक गया है। उन्होंने पुलिस से अभी तक की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। दिल्ली पुलिस ने पांचों युवकों का मेडिकल टेस्ट करा कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि वे नशे में थे या नहीं। युवती के पोस्टमार्टम के लिए तीन सदस्यीय बोर्ड का गठन किया गया है।
चश्मदीद के बयान से लापरवाही उजागर
डीसीपी हरेंद्र सिंह ने दिल्ली पुलिस का पक्ष रखते हुए यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी ने ही सबसे पहले स्कूटी देखी थी। दूसरी ओर इस घटना के चश्मदीद दीपक के बयान से दिल्ली पुलिस की लापरवाही उजागर होती है। दीपक का कहना है कि उसने घटना के संबंध में दिल्ली पुलिस के पीसीआर वैन को सूचना दी थी मगर पीसीआर वैन में मौजूद पुलिसकर्मियों के होश में न होने के कारण तत्काल कोई कदम नहीं उठाया गया।
दीपक का कहना है कि पुलिस ने तुरंत इस घटना की जांच पड़ताल में दिलचस्पी नहीं दिखाई। दीपक का कहना है कि जब तक युवती का शव कार में फंसा हुआ था तब तक पांचों युवक कार को इधर-उधर दौड़ आते रहे और जब शव गिर गया तो वे उसे छोड़कर फरार हो गए। चश्मदीद के बयान से क्या पता लगता है कि युवक घटना के संबंध में झूठ बोल रहे हैं कि उन्हें युवती के कार में फंसने की जानकारी नहीं थी। इस मामले में पांचों आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
ऐसी है पीड़ित परिवार की हालत मृतक लड़की के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है. घर में दो बहनें, दो भाई और मां रहती हैं. एक बड़ी बहन की शादी हो गई है. घटना में मारी गई 23 साल की लड़की ही पूरे घर में इकलौती कमाने वाली थी. उसकी मां किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं. उनकी दोनों किडनी खराब हो चुकी हैं. जानकारी के मुताबिक, लड़की घर के खर्चे से लेकर अन्य जरूरतें पूरी करती थी. इस समय वो इवेंट कंपनी में जॉब कर रही थी. परिवार का सहारा छिनने से हर कोई गमजदा देखा जा रहा है. यहां तक कि कोई बात करने तक को तैयार नहीं है. लड़की का परिवार दिल्ली के अमन विहार इलाके में रहता है. घर में मां और चार बहनें हैं. दो छोटे भाई हैं. एक भाई 13 साल और दूसरा भाई 9 साल का है. पिता की 8 साल पहले मौत हो चुकी है, एक बहन शादीशुदा है.






