राजधानी दिल्ली में नए साल पर सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। पूरा देश जब नए साल के जश्न में डूबा हुआ था, तब कंझावला इलाके में कार में सवार लड़कों ने 20 साल की युवती अंजलि को टक्कर मारी और फिर करीब 12 किलोमीटर तक उसे सड़क पर घसीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। कार में फंसकर सड़क पर रगड़ने से युवती के दोनों पैर समेत कई अंग बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे। हालांकि, हादसे में एक चश्मदीद ने दावा किया है कि उसने युवती को कार से फेंके जाते हुए देखा था। उसने वाहन का पीछा करने का दावा भी किया था। सुल्तानपुरी थाना पुलिस ने कार में आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है।
वहीं, पुलिस की अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि कार सवार युवकों ने स्टीरियो (म्यूजिक सिस्टम) की आवाज तेज की हुई थी। इसकी वजह से किसी को भी युवती की चीख-पुकार सुनाई नहीं दी। इस बात का खुलासा सुल्तानपुरी थाने की पुलिस ने जांच के बाद किया है। पुलिस लापरवाही से मौत की धारा में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को जब्त कर लिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नए साल पर पार्टी करने के लिए अमित ने विजय विहार निवासी अपने रिश्तेदार से उसकी कार मांगी थी। फिर अमित, दीपक खन्ना, कृष्णन, मनोज और मिथुन सभी इकट्ठे हुए। उन्होंने देर रात तक पार्टी की। आरोपियों ने बताया कि मनोज मित्तल पी ब्लॉक में रहता है। सभी उसे ही छोड़ने जा रहे थे, तभी आरोपियों की कार ने अंजलि की स्कूटी को साइड से टक्कर मार दी।
बचने के लिए भागे : घटना के वक्त कार में स्टीरियो तेज आवाज में चल रहा था, इसलिए घटना के बाद जब आरोपी फरार हुए तो उन्हें पीड़िता की चीख नहीं सुनाई दी। उन्हें हादसे की जानकारी हो गई थी, इसलिए पुलिस से बचने के लिए वे कंझावला की तरफ भाग गए। जौंती गांव के पास उन्हें कार में कुछ फंसा हुआ महसूस हुआ तो कार रोकी। बाहर निकलकर देखा तो युवती कार के पिछले हिस्से में फंसी हुई थी।
कार को छिपा दिया : कार पीछे की तो युवती का क्षत-विक्षत शव बाहर निकल गया और वे फरार हो गए। वे अलग-अलग इलाकों में छिप गए और कार को बुध विहार में छिपा दिया। हालांकि, पुलिस ने बाद में घटना में इस्तेमाल हुई कार को बरामद कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
CCTV footage of #delhigirl killed on Sunday goes viral.
It's a clear case of rape and murder. #Delhiaccident pic.twitter.com/jXv38bFlWy
— Jyotsana Melbourne (@JyotsanaMelborn) January 2, 2023
चश्मदीद ने किया कार से फेंके जाने का दावा
वहीं, हादसे में एक चश्मदीद ने दावा किया है कि उसने युवती को कार से फेंके जाते हुए देखा है। उसने वाहन का पीछा करने का दावा भी किया। दीपक नाम के इस शख्स का दावा है कि उसने पुलिस को भी इसकी जानकारी दी थी। सुल्तानपुरी इलाके में हलवाई का काम करने वाले दीपक का कहना है कि घटना के समय वह दुकान का काम रहे थे। उन्होंने खुद देखा कि युवक कार से युवती को फेंक कर भागने लगे और उसका पैर कार में फंस गया। शायद उन्हें पुलिस के आने की सूचना मिल गई थी। दीपक ने बताया कि उसने पैदल ही पीछा करना शुरू किया और रास्ते में मिले पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी दी, लेकिन पुलिस ने कोई सहायता नहीं की। दीपक ने पुलिस के दुर्घटना बताने के दावे का खंडन किया। फिलहाल पुलिस सभी एंगल से इस मामले की जांच कर रही है।
पिता की मौत के बाद अंजलि ही सहारा थी
हादसे में 20 वर्षीय अंजलि की मौत ने उसके परिवार को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। अंजलि का परिवार अमन विहार के करण विहार इलाके में रहता है। उसके पिता सतवीर की पांच साल पहले मौत हो चुकी है, जबकि दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। अब परिवार में मां रेखा, तीन छोटे भाई और बहन हैं। मां की दोनों किडनियां खराब हैं और हृदय रोग से ग्रसित हैं। अंजलि ही अपने परिवार की आजीविका चला रही थी। वह एसओएल से बीए की पढ़ाई करने के साथ-साथ शादी और कार्यक्रमों में फूलों से सजावट का काम करती थी। घटना के समय वह अपने दोस्त के जन्मदिन की पार्टी से लौट रही थी, तभी हादसे का शिकार हो गई।
पीड़िता परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग
अंजलि की मां रेखा की तबीयत घटना की सूचना मिलते ही खराब हो गई। उन्होंने पुलिस से हत्या के एंगल से मामले की जांच करने की मांग की है। इस हादसे की सूचना करीब 11 बजे अंजलि की मां रेखा को मिली। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। रेखा ने बताया कि उनकी बेटी देर रात आने की बात कहकर गई थी, लेकिन उसकी मौत की खबर सुबह मिली। रेखा ने कहा कि शव की हालत देखकर ऐसा लग रहा है कि बेटी की हत्या की गई है, लेकिन पुलिस इसे दुर्घटना बता रही है। वहीं, मृतका के मामा प्रेम सिंह ने सरकार से पीड़िता के परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि जीजा (अंजलि के पिता) की मौत के बाद अंजलि ही परिवार के लिए रोजी रोटी जुटाती थी।
लोन लेकर खरीदी थी स्कूटी : अंजलि की मां रेखा ने बताया कि बैंक फाइनेंस कराकर उन्होंने स्कूटी खरीदी थी। वह अक्सर अपनी बेटी को रात में काम पर ही रुक जाने की सलाह देती थी, लेकिन मां की देखभाल करने के लिए अंजलि हीं नहीं रुकती थी। वह अपने दोनों भाई और बहन की पढ़ाई के लिए बेहद चिंतित रहती थी।






