छात्रों ने सबूत के तौर पर एक किताब रखी जिसमे धारा 370, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित अन्य हिन्दू संगठन को लेकर आपत्तिजनक लेख लिखे हैं।
इंदौर में शासकीय लॉ कॉलेज में शिक्षकों पर धार्मिक कट्टरता फैलाने का आरोप लगा है। जिसको लेकर कॉलेज में जमकर हंगामा हुआ। कॉलेज में धार्मिक कट्टरता फैलाने और अनुशासनहीनता की शिकायत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने कॉलेज प्राचार्य डॉ। इनामुर्रहमान से की थी। जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने आरोपित शिक्षकों को कुछ दिन के लिए कार्यमुक्त कर जांच की बात कही है। जिससे कॉलेज स्तर पर की जा रही जांच किसी तरह प्रभावित न हो।
विद्यार्थी परिषद् के छात्र नेताओं ने साबुत के तौर पर कॉलेज में हिंदू धर्म के खिलाफ और मुस्लिम धर्म के पक्ष में पढ़ाई जाने वाली एक ‘सामूहिक हिंसा एवं दांडिक न्याय पद्धति’ नामक किताब प्राचार्य के सामने रखी। ये किताब कॉलेज की लाइब्रेरी में भी मौजूद हैं। लेखिका फरहत खान द्वारा लिखित इस किताब में धारा 370, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित अन्य हिन्दू संगठन को लेकर आपत्तिजनक लेख लिखे हैं।
क्या है पूरा मामला
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने शासकीय लॉ कॉलेज के कुछ अध्यापकों पर कॉलेज का महल ख़राब करने का आरोप लगते हुए कहा कि यहां के कुछ शिक्षक छात्राओं को बाहर चलने के लिए एवं अकेले में कैफे में मिलने के लिए कहते है, साथ ही वह छात्राओं पर इंटरनल मार्क्स देने के बहाने दबाव भी बनाते है। कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि कॉलेज की कक्षाओं में राष्ट्र विरोधी मानसिकता का प्रचार-प्रसार किया जाता है। अधिकांश समय अध्यापक इस्लाम से जुड़ी बातें करते हैं, जिनका पाठ्यक्रम से भी कोई लेना-देना नहीं होता है।
छात्रा ने लगाया लेट नाइट इमोजी भेजने का आरोप
एक समाचार वेबसाइट के अनुसार इस मामले को लेकर एक छात्रा का कहना था कि हमारे एक प्रोफेसर हैं अमीक सर, वो लड़कियों को अपने साथ मूवीज, पब, डिस्को और कैफे ले जाते हैं। सर उन्हें लेट नाइट मैसेज करते हैं, लव ईमोजी भेजते हैं। वह अपने बिहेवियर से लड़कियों को आकर्षित करने का प्रयास करते रहते है।
लव जिहाद को दे रहे बढ़ावा
छात्रा ने एक और अध्यापक के बारे में बताते हुए कहा कि एक मिर्जा सर है जो नई शिक्षा नीति का विरोध कर रहे हैं। वह सभी बच्चों से हस्ताक्षर ले रहे हैं। यहां पर सबसे ज्यादा लव जिहाद को बढ़ावा मिल रहा है। हमारी क्लास में भी ऐसे बच्चे हैं जो इसे बढ़ावा दे रहे हैं। इसकी हमने शिकायत भी की थी, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है






