कांग्रेस विधायक सुरेश राजे ने पूर्व मंत्री इमरती देवी पर तो पचास करोड़ में बिकने का आरोप तक लगा डाला। इसके बाद तो दोनों के बीच तीखी बहस बाजी शुरू हो गई और अंदर की बातें बाहर खुलकर आने लगीं। वहां मौजूद लोगों ने दोनों को शांत कराने का प्रयास किया।
सिंधिया की कट्टर समर्थक हैं इमरती देवी
पूर्व मंत्री और वर्तमान में लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष इमरती देवी ज्योतिरादित्य सिंधिया की कट्टर समर्थक हैं। वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ही कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई थीं। इमरती देवी कांग्रेस सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं। पिछले दिनों हुए निकाय चुनाव के बाद इमरती देवी ने गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा की नाक के नीचे राजनीतिक बिसात बिछाते हुए सिंधिया खेमे के समर्थकों को नगर पालिका और नगर परिषद में अध्यक्ष बनवा दिया था।
आपस में रिश्तेदार हैं इमरती देवी और सुरेश राजे
सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाकर तीखी बहस करने वाली इमरती देवी और सुरेश राजे आपस में रिश्तेदार हैं। दोनों ही रिश्ते में समधी-समधन लगते हैं। रिश्तेदारी होने के बावजूद भी राजनीतिक कटुता दोनों के बीच इतनी बढ़ गई है कि दोनों के बीच जमकर तीखी बयानबाजी देखने को मिल जाती है। उपचुनाव के दौरान भी दोनों के बीच जमकर बयानबाजी हुई थी। इमरती देवी और सुरेश राजे ने आमने-सामने चुनाव लड़ा था। इमरती देवी बीजेपी से डबरा से प्रत्याशी थी, जबकि सुरेश राजे कांग्रेस से प्रत्याशी थे। सुरेश राजे ने इमरती देवी को हरा दिया था।






