जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में एक बार फिर बड़ी आतंकी वारदात सामने आई है। यहां आतंकवादियों ने एक बैंक में घुसकर बैंक के मैनेजर को गोली मार दी। मैनेजर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां पर उन्होंने दम तोड़ दिया। उधर, बड़गाम के बाद कुलगाम में कश्मीरी पंडितों के बाद गैर कश्मीरियों को निशाना बनाया जा रहा है। गुरुवार को बैंक मैनेजर की हत्या के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में को घेर लिया और आतंकवादियों की तलाश की जा रही है। उधर, कश्मीर में आतंकी वारदातों को लेकर शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ बैठक करने वाले हैं। ऐसे में कुलगाम की घटना से सवार खड़े कर दिए हैं।
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जानकारी के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के आरेह गांव में गुरुवार को आतंकवादी एक बैंक में घुस गए। इस दौरान आतंकवादियों ने बैंक मैनेजर को गोलियों से भून डाला। इसके बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। उधर, बैंक मैनेजर को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
राजस्थान के रहने वाले थे बैंक मैनेजर
कुलगाम में आतंकी हमले में मारे गए बैंक मैनेजर विजय कुमार राजस्थान के रहने वाले थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाकाई देहाती बैंक के कर्मचारी विजय कुमार को बैंक परिसर के अंदर गोली मार दी गई। इलाके में आतंकियों की तलाश में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
एक के बाद एक हत्याओं से दहला कश्मीर
दो दिन पहले ही जम्मू रीजन के सांबा जिले की रहने वाली रजनी बाला की मंगलवार को कुलगाम के सरकारी स्कूल में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। उनसे पहले, बडगाम जिले के तहसीलदार चदूरा के कार्यालय में घुसकर क्लर्क राहुल भट की 12 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दो नागरिकों और कश्मीर में तीन ऑफ-ड्यूटी पुलिसकर्मियों की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी।
पूर्व में
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में इस्लामी आतंकियों ने एक महिला कश्मीरी हिंदू (पंडित) की हत्या कर दी है। हाई स्कूल गोपालपोरा की शिक्षिका रजनी को आतंकियों ने स्कूल में गोलियों से छलनी कर दिया। घायल रजनी को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
महिला कश्मीरी पंडित और शिक्षिका की हत्या के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है। 31 मई 2022 को अंजाम दी गई इस घटना के बाद आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
कश्मीर जोन की पुलिस का कहना है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार आतंकियों को खोज निकाला जाएगा और उन्हें ढेर कर दिया जाएगा।
कश्मीरी हिंदुओं पर टार्गेटेड अटैक
कश्मीर के ही बडगाम में दो-तीन हफ्ते पहले 12 मई 2022 को लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों ने एक सरकारी कार्यालय में घुस कर 35 वर्षीय राहुल भट की गोली मारकर हत्या कर दी थी। राहुल भट प्रवासी कश्मीरी हिंदुओं के रोजगार के लिए दिए गए विशेष पैकेज के लिए काम कर रहे थे।
जिस समय दोनों आतंकियों ने कार्यालय में घुसकर भट की हत्या की थी, उस समय शाम के लगभग साढ़े चार बज रहे थे और तहसील कार्यालय कर्मचारियों से भरा हुआ था। आतंकी दुस्साहस दिखाते हुए भरी ऑफिस में घुस गए और राहुल भट को सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी।
टार्गेटेड अटैक खौफ की रणनीति नी
राहुल भट की की हत्या से पहले पिछले साल 7 अक्टूबर को आतंकियों ने प्रिंसिपल सतिंदर कौर और अध्यापक दीपक चंद की हत्या कर दी थी। 5 अक्टूबर को माखनलाल बिंद्रू को मौत के घाट उतारा गया था। 17 सितंबर को कॉन्स्टेबल बंटू शर्मा को जान से हाथ धोना पड़ा था। 8 जून को सरपंच अजय पंडिता की जान गई थी। यह सिलसिला मानो थमने का नाम नहीं ले रहा है।
राहुल भट या महिला शिक्षक रजनी की हत्या आम आतंकी घटना नहीं। यह टार्गेटेड किलिंग है। टार्गेटेड किलिंग इसलिए क्योंकि जिस ऑफिस/स्कूल में घुस कर आतंकी ऐसी घटना को अंजाम देते हैं, अगर यह आम आतंकी घटना होती तो वहाँ काम करने वाले दूसरे भी मारे जा सकते थे या घायल होते। क्या ऐसा हुआ? नहीं। क्या कारण हो सकता है? सिर्फ और सिर्फ टार्गेटेड किलिंग। भीड़ भरे ऑफिस/स्कूल/जगह में घुसना और नाम पूछ कर गोली मारना टार्गेटेड किलिंग नहीं है तो और क्या है?






