Thursday, April 30, 2026
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पाकिस्तान कंगाल:पेट्रोल 200,पनीर 900,अंडा 16,ब्रेड 100,सबने भगाया

कंगाल पाकिस्तान ने दोस्तों से मांगा पैसा, चीन-सऊदी और UAE ने ऐसे टरकाया

पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ हाल ही में कर्ज मांगने के लिए सऊदी अरब के दौरे पर गए थे (AP)

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने कहा, ‘हम सऊदी अरब, यूएई गए और कई दूसरे देशों से बात की. वे पैसे देने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन सभी का कहना है कि हमें पहले आईएमएफ में जाने की जरूरत है.’

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में सरकार बदलने के बाद भी लोगों के अच्छे दिन नहीं आए हैं. विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और बढ़ते विदेशी कर्ज के कारण ये देश दिवालिया होने की कगार पर है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष पाकिस्तान को आर्थिक पैकेज देने से कतरा रहा है और कई कड़ी शर्त रख रहा है. ऐसे में पाकिस्तान के करीबी दोस्त समझे जाने वाले देश भी उसे कर्ज देने से आनाकानी कर रहे हैं. पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने खुद यह बात कही है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने कहा, ‘हम सऊदी अरब, यूएई गए और कई दूसरे देशों से बात की. वे पैसे देने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन सभी का कहना है कि हमें पहले आईएमएफ में जाने की जरूरत है.’

इस्माइल का कहना है कि चीन के एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक ने भी पाकिस्तान को कर्ज देने से ये कहते हुए मना कर दिया है. उनकी शर्त है कि अगर विश्व बैंक पैसा देता है तो ही वो पाकिस्तान को लोन के रूप में पैसे देगा. एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक को विश्व के बड़े फंडर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए बनाया गया था.

प्रत्येक राष्ट्र के साथ पाकिस्तान के संबंधों के संबंध में यह एक नया विकास है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2018 में पाकिस्तान ने आईएमएफ में जाने से पहले चीन, यूएई और सऊदी अरब से कर्ज हासिल किया था लेकिन इस बार सहयोगियों ने कहा है कि अगर आईएमएफ उधार देता है, तो वे भी देंगे.

ब्लूमबर्ग के एक डैशबोर्ड ने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तान का आर्थिक जोखिम स्कोर 2009 के बाद से सबसे निचले स्तर पर है. पिछले एक साल में, पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार आधा हो गया है, जबकि पाकिस्तानी रुपया मई के महीने में लगभग 8% गिर गया है. ब्लूमबर्ग न्यूज के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तानी रुपया एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला है.

चाइनीज एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (जिसे वैश्विक फंडर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए बनाया गया है) ने भी आईएमएफ का पक्ष लिया है. चाइनीज एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक कहा कि अगर आईएमएफ उधार देने के लिए सहमत होता है, तो चीन बैंक सूट का पालन करेगा.

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अगर आईएमएफ पाकिस्तान को कर्ज देता है, तो अन्य उधारदाताओं से भी पाकिस्तान को लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है. अगर फंड मिल जाएगा, तो पाकिस्तान के पास अगले वित्तीय वर्ष में लगभग 10 अरब डॉलर से 15 अरब डॉलर का विदेशी भंडार होगा.

पाकिस्तान पर 2022 में 3.2 अरब डॉलर का डॉलर का कर्ज है. पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ पाकिस्तान ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि जून 2022 के अंत से पहले पाकिस्तान पर 4.889 अरब डॉलर का बकाया है. लेकिन पाकिस्तान का खत्म होता विदेशी मुद्रा भंडार इतना कर्ज नहीं चुका पाएगा. पाकिस्तान को अगर विदेशों से मदद नहीं मिलती है तो वो बकाया कर्ज नहीं चुका पाएगा और डिफॉल्टर हो जाएगा.

पेट्रोल 180 तो पनीर 900 रुपये किलो
श्रीलंका की तरह पाकिस्तान भी आर्थिक संकट से जूझ रहा है. एक लीटर पेट्रोल के लिए 179.86 रुपये, एक लीटर डीजल के लिए 174.15 पाकिस्तानी रुपये चुकाना पड़ रहे हैं. पाकिस्तान में एक लीटर दूध की कीमत 144 पाकिस्तानी रुपये हो गई है.

इसी तरह यहां एक पैकेट ब्रेड 94 रुपये में मिल रहा है. एक किलोग्राम चावल खरीदने के लिए लोगों को 180 से 200 रुपये तक देने पड़ रहे हैं. एक अंडा 16 रुपये और एक किलोग्राम पनीर 904 रुपये का मिल रहा है.

इन देशों से लिया कर्ज
पाकिस्तान ने चीन के अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब, विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से भी भारी मात्रा में कर्ज लिया हुआ है. पाकिस्तान पर घरेलू और विदेशी कर्ज 50 हजार अरब रुपये से भी ज्यादा हो चुका है. एक साल पहले हर एक पाकिस्तानी के ऊपर लगभग 75 हजार रुपये का कर्ज था.

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