Tuesday, May 5, 2026
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वरुण गांधी और प्रियंका गांधी ने वो मुद्दा उठाया जो कभी था ही नही,

पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड सरेंडर करने और वसूली को लेकर एक पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा था। न्यूज़ वेब साइटों के अलावा अखबारों में भी राशन कार्ड सरेंडर करने की चर्चाएं थी। इतना ही नहीं, भाजपा सांसद वरुण गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर इसे मुद्दे को उठाया था और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरने की कोशिश की थी। जब इस वायरल पोस्ट की जांच की गई तो पता चला कि यह पोस्ट भ्रमक है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तरफ से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया।

fact check CM Yogi Adityanath ration card rules

सोशल मीडिया पर जो अखबार की कटिंग वायरल हो रही है, उसमें लिखा है कि, ‘ये होंगे नए नियम के तहत राशनकार्ड के लिए पात्र।’
जैसे-
– खुद के नाम पर जमीन नहीं होना, पक्का मकान नहीं होना।
– भैंस, बैल, ट्रैक्टर, ट्रॉली न होना।
– मुर्गी पालन, गौ पालन आदि ना करना शामिल है।
– इसके अलावा प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की वित्तीय मदद मिलने वाले को भी राशनकार्ड नहीं मिलेगा।
– बिलजली का बिल न आता हो और जीविकापार्जन के लिए कोई अजीविका का साधन न हो।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही इस अखबार की कटिंग को लेकर प्रदेश की योगी सरकार ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए इसे अफवाह बताया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस खबर की जब और जांच-पड़ताल की गई तो पता चला कि यह खबर भ्रमक है। उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के इंफो उत्तर प्रदेश फैक्ट चेक शाखा की ओर से कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राशन कार्ड सरेंडर करने व वसूली को लेकर भ्रामक पोस्ट वायरल किए जा रहे हैं। इस संबंध में अवगत कराना है कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राशन कार्ड सरेंडर व वसूली का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।

कृपया भ्रामक सूचनाओं को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से बचें। इसके साथ ही एक फोटो भी ट्वीट की है जिसपर लिखा है FAKE। इस संबंध में खाद्य आयुक्त सौरव बाबू ने कहा कि सरकारी योजनान्तर्गत आवंटित पक्का मकान, विद्युत कनेक्शन, एक मात्र शस्त्र लाइसेंस धारक, मोटर साइकिल स्वामी, मुर्गी पालन/गौ पालन होने के आधार पर किसी भी कार्डधारक को अपात्र घोषित नहीं किया जा सकता है। इसी प्रकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 तथा प्रचलित शासनादेशों में अपात्र कार्डधारकों से वसूली जैसी कोई व्यवस्था भी निर्धारित नहीं की गई है और रिकवरी के सम्बन्ध में शासन स्तर से अथवा खाद्यायुक्त कार्यालय से कोई भी निर्देश निर्गत नहीं किए गए हैं।

Fact Check

दावा

अखबार की एक कटिंग वायरल हो रही है, जिसे उत्तर प्रदेश का बताया जा रहा है और लिखा है कि ये होंगे नए नियम के तहत राशनकार्ड के लिए पात्र

नतीजा

इंफो उत्तर प्रदेश फैक्ट चेक शाखा की ओर से बताया गया है कि राशन कार्ड सरेंडर व वसूली का कोई आदेश यूपी सरकार की तरफ जारी नहीं किया गया है।

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