पंजाब में पिछले काफी समय से पाकिस्तान की ओर से साजिशें रची जा रही है. यहां पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आई एस आई (ISI) लगातार सक्रिय है. वो आतंकी संगठनों के साथ मिलकर भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहा है. इस बारे में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की ओर से बार बार अलर्ट किया जा रहा था. एजेंसियों के अलर्ट के आधार पर मीडिया में भी लगातार खबरें चल रही थी. ऐसे में पुलिस प्रशासन और लोकल इंटेलीजेंस भी अलर्ट हुआ और अपने नेटवर्क को सक्रिय किया. इसी सिलसिले में पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने पाकिस्तान को गुप्त सूचनाएं भेजने के आरोप में दो लोगों को पकड़ा है.
अब तक सूत्रों के हवाले से जो खबरें सामने आ रही है उसके मुताबिक ये दोनों आरोपी इंटरनेशनल बॉर्डर एरिया और इंडियन आर्मी से जुड़ी खूफिया खबरें पाकिस्तान में बैठे एजेंटों तक पहुंचाने का काम करते थे. आईएसआई के जासूसों के मोबाइल फोन में भारतीय सेना से जुड़े नक्शों के साथ साथ वाहनों और बिल्डिंगों के फोटो भी मिले है. इसके अलावा सुरक्षा से जुड़े अहम दस्तावेज मिले है. जो ISI को भेजी गई है. पहला आरोपी जाफिर रियाज मूल रूप से पश्चिमी बंगाल के कोलकाता का रहने वाला है. जो इस वक्त पाकिस्तान में ही रह रहा है. भारत आता जाता रहता है. दूसरा आरोपी मोहम्मद शमशाद अजनाला रोड स्थित मीरांकोट चौक में रहता है.
रेलवे स्टेशन के बाहर बेचते थे लेमन सोडा
सुरक्षा एजेसियों ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है वो अमृतसर में रेलवे स्टेशन के बाहर पिछले कई वर्षों से लेमन सोडा बेचने के काम करते थे. जांच टीम ने पहले इनकी पड़ताल शुरु की. इनके फोन से भारतीय सेना और अमृतसर एयरफोर्स की कई फोटो मिले. जब इनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिल गए तो इन्हें अमृतसर रेलवे स्टेशन के बाहर से गिरफ्तार किया है.
जब रियाज करीब 17 साल पहले वर्ष 2005 में पाकिस्तान चला गया था. वो मूल रूप से कोलकाता के बेनियापुकर गांव में ओस्टागारलेन इलाके का रहने वाला है. पाकिस्तान जाकर उसने मॉडल टाउन की रहने वाली बारिया से शादी कर ली. राबिया ने ही उसकी मुलाकात आवेश नाम के शख्स से कराई जो पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी ISI का अधिकारी था. आईएसआई के इस एजेंट ने रियाज को मोटी रकम का लालच दिया और जासूसी का काम करने के लिए राजी किया. जिसके बाद रियाज अपनी बैगम को लेकर 7 साल बाद यानि 2012 में वापिस कोलकाता आ गया. इसके ससुर शेर जहांगीर अहमद कई बार पीछे आए. रियाज से वापिस पाकिस्तान चलने का निवेदन भी किया. लेकिन रियाज नहीं माना.
इसी बीच रियाज एक हादसे का शिकार हो गया. वक्त के साथ रियाज की आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई. जिसके बाद वो वापिस एक बार पाकिस्तान अपने ससुराल चला गया. पाकिस्तान में रहने के दौरान भी वो बीच बीच में ईलाज के बहाने अमृतसर आता जाता रहता था. यहीं से उसने जासूसी के काम को आगे बढ़ाना शुरु किया. अमृतसर में काम करने के लिए उसने मोहम्मद शमशाद को जिम्मेदारी दी. शमशाद अमृतसर में काम देखता था और रियाज पाकिस्तान और भारत के बीच खबरें जुटाने का काम करता रहा.
सुरक्षा एजेसियां रिजाय की पत्नी के बारे में भी जानकारी जुटा रही है. संभावना ये भी है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद कई और खुलासे भी हो सकते है. कई और लोगों की गिरफ्तारियां भी हो सकती है. फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ चल रही है. जिसमें कई अहम सुराग भी हाथ लग सकते है.






