गुना जिले के आरोन में 3 पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपी शहजाद को पुलिस ने मार गिराया है। देर शाम हुए इस एनकाउंटर में वीरेन्द्र गुर्जर नाम का पुलिसकर्मी घायल हुआ है। वहीं ऐसी चर्चा है कि तीसरा आरोपी भी मारा गया है।
तीसरे आरोपी के मारे जाने की सूचनाएं मिल रही है। हालांकि पुलिस या प्रशासन के किसी अधिकारी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन पुलिस ने ये जरूर कहा है कि किसी को छोड़ेंगे नहीं। मध्यप्रदेश बीजेपी के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने एक ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा- हिसाब बराबर
मुख्य आरोपी शहजाद ने किए थे लायसेंसी बंदूक से फायर
फिलहाल आरोपियों की तलाश में पुलिस सर्चिंग लगातार जारी है। आरोपियों के गांव बिंदौरी में भारी पुलिस बल तैनात है। इससे पहले शनिवार तड़के हुए एनकाउंटर में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से नौशाद मेवाती नाम का आरोपी मारा गया था। नौशाद और मुख्य आरोपी शहजाद भाई है। शहजाद ने पुलिस की टीम पर 8-9 फायर किए थे। बताया जा रहा है कि उसने लायसेंसी बंदूक से गोलियां चलाई थी। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मुख्य आरोपी शहजाद के एनकाउंटर की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अपराधियों का राजनीतिक संरक्षण भी जांच का बिंदु है। इससे पहले पुलिस ने नौशाद मेवाती नाम के शिकारी को एनकाउंटर में मार गिराया था। पुलिस ने हिरासत में लिए आरोपी नौशाद के पिता को रिहा कर दिया है। नौशाद के पिता ने पुलिस को बताया कि उसके सीने में गोली लगी थी। वह सुबह नग्न हालात में घर पहुंचा था।
गुना में 3 पुलिसकर्मियों को गोली मारने वाले सात आरोपियों पर सख्त एक्शन, घरों पर चला बुलडोजर
पुलिस ने सातों आरोपियों के घरों पर बुल्डोजर चलाया है.
मध्यप्रदेश के गुना जिले में आरोपियों ने तीन पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. इसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों के खिलाफ एक्शन ले रही है. पुलिस ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया है. साथ ही शिकारियों के हौंसले तोड़ने के लिए बिदूरिया गांव में पुलिस ने डेरा डाल रखा है. बताया जा रहा है कि शिकारियों की धरपकड़ के लिए सर्चिंग की जा रही है. पुलिस प्रशासन नौशाद और बल्लू समेत सातों आरोपियों के घरों के अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई कर रहा है.
गुना. मध्यप्रदेश के गुना में 3 पुलिसकर्मियों को गोली मारने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस का एक्शन सख्त हो गया है. पुलिस ने सातों आरोपियों के घरों पर बुल्डोजर चलाया है. साथ ही शिकारियों के हौंसले तोड़ने के लिए बिदूरिया गांव में पुलिस ने डेरा डाल रखा है. बताया जा रहा है कि शिकारियों की धरपकड़ के लिए सर्चिंग की जा रही है. पुलिस प्रशासन नौशाद और बल्लू समेत सातों आरोपियों के घरों के अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई कर रहा है. पुलिसकर्मी शिकारियों को घेरने सगा बरखेड़ा गांव पहुंचे थे. मृतक पुलिसकर्मियों में एसआई राजकुमार जाटव , हवलदार संतराम मीना और आरक्षक नीरज भार्गव शामिल हैं.
सरकारी वाहन चालक का निजी ड्राइवर भी घायल हुआ है. देर रात लगभग 1 बजे की घटना है. घटनास्थल पर 4 काले हिरणों के सिर और 1 मोर का शव बरामद किये गये हैं. पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है. पुलिस की सरकारी इंसास रायफल भी शिकारी लूट ले गए हैं. पुलिसकर्मियों के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है. साथ ही मौक़े पर बरामद जानवरों के शवों को भी पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है.
बदमाश की बेटी की शादी के लिए मारे थे काले हिरण
बता दें कि गुना में एक बदमाश की बेटी की शादी थी. इसी शादी में काले हिरणों का गोश्त बनाने के लिए आरोपी शिकार करने गए थे. रात में आरोपी शिकार कर वापस लौट रहे थे. रात करीब 12 से 1 के बीच पुलिस ने देखा तो घेराबंदी शुरू की. आरोपियों के पास बोरी में कुछ रखा हुआ था. इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस को देखकर फायरिंग शुरू कर दी. गोलियों के लगने से तीन पुलिसकर्मियों एसआई राजकुमार जाटव , हवलदार संतराम मीना और आरक्षक नीरज भार्गव की मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस लगातार आरोपियों के खिलाफ एक्शन ले रही है
ग्वालियर रेंज के नए आईडी डी श्रीनिवास वर्मा ने मोर्चा संभाल लिया है। इससे पहले घटनास्थल पर देरी से पहुंचने पर ग्वालियर के IG अनिल शर्मा को हटा दिया गया था। मध्यप्रदेश सरकार ने तीनों मृतक पुलिसकर्मियों के परिवार को 1-1 करोड़ का मुआवजा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अपराधियों की पहचान हो गई है। पुलिस फोर्स को भेजा गया है। जवाबी एक्शन के लिए पुलिस को फ्री हैंड दिया गया है। इसके बाद दोपहर में प्रशासन ने आरोपियों के घर को बुलडोजर से ढहा दिया।
तीन पुलिसकर्मी हुए शहीद
SP राजीव कुमार मिश्रा का कहना है कि सगा बरखेड़ा की तरफ से बदमाशों के जाने की सूचना मिली थी। इनकी घेराबंदी के लिए 3-4 पुलिस टीम लगाई गई थीं। शहरोक के जंगल में 4-5 बाइक से बदमाश जाते हुए दिखे। पुलिस ने घेराबंदी की तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। हमले में सब इंस्पेक्टर राजकुमार जाटव, आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। शिकारियों के पास से पांच हिरण और एक मोर के अवशेष जब्त किए हैं।
पुलिस ने कुछ संदिग्धों को उठाया
पुलिस ने धरपकड़ में 10 से ज्यादा संदिग्धों को उठाया है। बजरंगगढ़ थाने से पूरी कार्रवाई की मॉनिटरिंग हो रही है। SP खुद बजरंगगढ़ थाने में मौजूद रहे और टीम को लीड करते रहे। लगभग 10 थानों की पुलिस और 100 के लगभग पुलिसकर्मी धरपकड़ में लगे हैं।






