केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपने ही विभाग के चार अधिकारियों (CBI Officers) को अरेस्ट करने के बाद उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई तब की जब सामने आया सीबीआई के ही चार सब-इंस्पेक्टरों ने एक बिजनेसमैन से पैसे ऐंठने के लिए उसकी कंपनी पर गैरकानूनी ढंग से छापेमारी. इन्होंने बिजनेसमैन को आतंकवादियों का समर्थन करने और उन्हें धन मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार करने की धमकी देकर यह अवैध छापेमारी की थी.Also Read – केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत बोले- जोधपुर और करौली हिंसा की जांच करे सीबीआई, घटनाओं के पीछे जिम्मदार लोगों का पता लगे
यह शर्मनाक मामला सामने आते ही सीबीआई निदेशक सुबोध कुमार जायसवाल ने भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एजेंसी की नीति के तहत गिरफ्तार चारो अधिकारियों (सब-इंस्पेक्टरों) को नौकरी से बर्खास्त करने के निर्देश जारी कर दिए.
चंडीगढ़ में एक कंपनी पर अनधिकृत छापेमारी करने के आरोप में सीबीआई के गिरफ्तार 4 सब-इंस्पेक्टरों की सेवा से बर्खास्त किया गया है, उनमें सुमित गुप्ता, प्रदीप राणा, अंकुर कुमार और आकाश अहलावत शामिल हैं.
ये सभी सीबीआई की दिल्ली स्थित इकाइयों में सब-इंस्पेक्टर थे
सीबीआई के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, सुमित गुप्ता, प्रदीप राणा, अंकुर कुमार और आकाश अहलावत को फर्जी छापे से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद एजेंसी ने हिरासत में ले लिया. ये सभी सीबीआई की दिल्ली स्थित इकाइयों में सब-इंस्पेक्टर थे.
बिजनेसमैन को आतंकवादी गतिविधि में फंसाने की धमकी थी
यह मामला तब सामने आया जब चंडीगढ़ के एक बिजनेसमैन ने सीबीआई से शिकायत की कि 10 मई को सीबीआई अधिकारियों सहित छह लोग उसके कार्यालय में आए और धमकी दी कि आतंकवादियों का समर्थन करने और उन्हें धन मुहैया कराने के लिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
जबरन कार में बिठाकर 25 लाख रुपए की मांग रखी थी
सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी ने कहा, ”यह भी आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को जबरदस्ती एक कार में बिठाया और उनसे 25 लाख रुपए की मांग की.” अधिकारियों ने बताया कि ‘छापेमारी’ के दौरान हंगामा हुआ और एक अधिकारी को पकड़ लिया गया और बाद में, अन्य लोगों की भी पहचान की गई.
गिरफ्तार अधिकारियों के यहां से आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद
जोशी ने बताया कि सीबीआई ने आरोपी अधिकारियों के परिसरों में तलाशी अभियान चलाया, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए. उन्होंने बताया ,”भ्रष्टाचार और अन्य अपराधों को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एजेंसी की नीति के तहत, न सिर्फ बाहरी बल्कि अपने अधिकारियों के संबंध में भी शिकायत मिलने पर सीबीआई ने तत्काल एक मामला दर्ज किया और मामले में शामिल तीन अन्य अधिकारियों की पहचान की और उनकी गिरफ्तारी की. इन दोषी अधिकारियों के इस कृत्य को गंभीरता से लेते हुए इन चारों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.”






